मार्च में पड़ रहा है फाल्गुन का रवि प्रदोष, महादेव शिव जी की कृपा के लिए इस मुहूर्त में करें पूजा

Lord Shiva Worship Time:मार्च में फाल्गुन मास का रवि प्रदोष व्रत श्रद्धालुओं के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। इस दिन भगवान शिव की विधि-विधान से पूजा करने से विशेष कृपा प्राप्त होती है।
Ravi Pradosh Shubh Muhurat
भगवान शिव (सौ.सोशल मीडिया)
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Ravi Pradosh Shubh Muhurat: देवाधिदेव महादेव की कृपा पाने के लिए प्रदोष व्रत को सबसे शुभ दिन बताया गया है। यह व्रत हर महीने त्रयोदशी तिथि को रखा जाता है, जो महीने में दो बार कृष्ण और शुक्ल पक्ष आता है। इस बार यह व्रत 01 मार्च को प्रदोष व्रत रखा जाएगा।

प्रदोष व्रत भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित है। इस दिन सूर्यास्त के बाद के प्रदोष काल यानी शाम के समय में शिव जी की विशेष पूजा-अर्चना करने का विधान है, कहा जाता है प्रदोष काल में भगवान शिव की पूजा-अर्चना करने से मनोकामनाएं पूरी होती हैं।

कब है? फाल्गुन महीने का प्रदोष व्रत

पंचांग के अनुसार, इस वर्ष,फाल्गुन महीने के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि की शुरुआत 28 फरवरी दिन शनिवार को रात 8 बजकर 43 मिनट पर होगी। वहीं, इसका समापन 1 मार्च दिन रविवार को शाम 7 बजकर 9 मिनट पर होगा। इस व्रत में प्रदोष काल के दौरान पूजा होती है। इसलिए 01 मार्च को प्रदोष व्रत रखा जाएगा।

कैसे करें प्रदोष व्रत भगवान शिव पूजा

  • सूर्योदय से पहले उठकर स्नान करें और साफ कपड़े पहनें।
  • सूर्य देव को अर्घ्य दें।
  • मंदिर के सामने बैठकर व्रत का संकल्प लें।
  • सूर्यास्त से पहले फिर स्नान कर लें।
  • भगवान शिव का गंगाजल और दूध से अभिषेक करें।
  • उन्हें बिल्व पत्र, धतूरा, सफेद फूल, चंदन और अक्षत अर्पित करें।
  • माता पार्वती को शृंगार का सामान भी चढ़ाएं और विधिवत पूजा करें।
  • दीपक जलाकर प्रदोष व्रत की कथा सुनें या पढ़ें।
  • अंत में शिव-पार्वती की आरती करें।
  • पूजा में हुई सभी गलती के लिए माफी मांगे।
  • इस दिन सभी तरह की तामसिक चीजों से दूर रहें।

रवि प्रदोष व्रत महत्व

रवि प्रदोष व्रत भगवान शिव और सूर्य देव की संयुक्त पूजा के लिए अत्यंत फलदायी है। मान्यतानुसार, यह व्रत असाध्य रोगों को दूर कर आरोग्य, लंबी आयु, मान-सम्मान और करियर में सफलता प्रदान करता है। इसके अलावा, यह दांपत्य सुख में वृद्धि करता है, पापों का नाश करता है और संतान सुख का वरदान भी देता है।

रवि प्रदोष व्रत के लाभ

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, रवि प्रदोष व्रत करने से व्यक्ति को सुख-समृद्धि और आरोग्य की प्राप्ति होती है। यह व्रत कुंडली में सूर्य की स्थिति को भी मजबूत करता है, जिससे समाज में मान-सम्मान बढ़ता है और जीवन में शुभता का आगमन होता है।

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