दिल्ली मेट्रो में आने वाला है बड़ा बदलाव! जानें कैसे नई तकनीक आपकी रोज़ की यात्रा को बनाएगी आसान

DMRC IIT Hyderabad: DMRC ने राजधानी समेत देशभर की कनेक्टिविटी को और स्मार्ट व सुरक्षित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की है। DMRC ने IIT हैदराबाद के टेक्नोलॉजी हब फॉर ऑटोनॉमस नेविगेशन तकनीक है।
दिल्ली मेट्रो में आने वाला है बड़ा बदलाव! जानें कैसे नई तकनीक आपकी रोज़ की यात्रा को बनाएगी आसान
DMRC करने वाला बड़ा काम। (सौ. Freepik)
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Autonomous Navigation: दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) ने राजधानी समेत देशभर की कनेक्टिविटी को और स्मार्ट व सुरक्षित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की है। DMRC ने IIT हैदराबाद के टेक्नोलॉजी हब फॉर ऑटोनॉमस नेविगेशन (तिहाण) के साथ मिलकर अगली पीढ़ी की स्वचलित नेविगेशन तकनीक विकसित करने पर सहमति जताई है। यह साझेदारी शहरी परिवहन में तकनीकी बदलाव का नया अध्याय लिखने वाली है।

शहरी परिवहन में स्वचलित तकनीक का विस्तार

DMRC और IIT हैदराबाद के बीच हुआ यह समझौता ज्ञापन (MOU) स्वचलित वाहन, रोबोट और ड्रोन जैसी अत्याधुनिक तकनीकों को पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम में अपनाने पर केंद्रित है। इस कदम का उद्देश्य यात्रियों को ऐसी कनेक्टिविटी उपलब्ध कराना है, जिसमें मानव हस्तक्षेप की आवश्यकता न हो और यात्रा अधिक सुरक्षित, तेज और स्मार्ट बन सके। DMRC के कार्यकारी अधिकारी अनुज दयाल के अनुसार, "यह समझौता स्वायत्त नेविगेशन के क्षेत्र में विशेषज्ञता और क्षमता का साझा उपयोग करेगा। इससे महानगरों के साथ-साथ टियर-2 और टियर-3 शहरों की अंतिम मील कनेक्टिविटी में भी क्रांतिकारी सुधार आएगा।"

टियर-2 और टियर-3 शहरों में भी परिवर्तन की उम्मीद

दिल्ली, बहादुरगढ़ समेत देश के अन्य तेजी से बढ़ते शहरों में स्वचलित तकनीक का उपयोग सार्वजनिक परिवहन को आधुनिक बनाएगा। यह तकनीक भविष्य में मेट्रो स्टेशन से अंतिम गंतव्य तक की यात्रा को सहज और सुरक्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। तिहाण केंद्र, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (DST) के राष्ट्रीय मिशन के तहत स्थापित किया गया है। यह केंद्र जमीनी वाहनों, रोबोटों, मानव रहित हवाई वाहनों (UAV) और ड्रोन को बिना किसी मानवीय हस्तक्षेप के नेविगेट करने और डेटा एकत्रित करने में सक्षम बनाता है।

समारोह में मौजूद रहे कई वरिष्ठ अधिकारी

दिल्ली में आयोजित MOU साइनिंग कार्यक्रम में DMRC के सलाहकार (अनुसंधान एवं विकास) शोभन चौधरी, IIT हैदराबाद के तिहाण हब के कार्यकारी अधिकारी डॉ. संतोष रेड्डी, DMRC की ओर से मनुज सिंघल (निदेशक, इंफ्रास्ट्रक्चर) और अन्य वरिष्ठ निदेशक मौजूद रहे। इसके अलावा IIT हैदराबाद से प्रो. मल्ला रेड्डी (डीन, इनोवेशन) और प्रो. पी. राजलक्ष्मी भी उपस्थित रहे।

ध्यान दें

इस साझेदारी से न केवल दिल्ली बल्कि देश के कई शहरों में भविष्य की स्मार्ट और स्वचलित परिवहन प्रणाली का मार्ग प्रशस्त होगा। यह कदम भारत को आधुनिक, सुरक्षित और तकनीक आधारित सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था की ओर तेजी से आगे बढ़ाने वाला साबित हो सकता है।

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