Akola में कानून का दोहरा मापदंड? डॉ. सुनील देशमुख का पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप

कांग्रेस के नेता और पूर्व पालक मंत्री Dr. Sunil Deshmukh ने पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए है। उन्होंने कहा है कि पूरे देश में कानून एक जैसा है, लेकिन अमरावती के लिए ये अलग है।
कांग्रेस के नेता और पूर्व पालक मंत्री Dr. Sunil Deshmukh ने पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए है। उन्होंने कहा है कि पूरे देश में कानून एक जैसा है, लेकिन अमरावती के लिए ये अलग है।
डॉ सुनील देशमुख (सौ. सोशल मीडिया )
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Amravati News In Hindi: पूर्व पालक मंत्री और कांग्रेस नेता डॉ सुनील देशमुख ने आरोप लगाया है कि पूरे देश में कानून एक जैसा है, लेकिन अमरावती में इसका इस्तेमाल असमानता के रूप से किया जा रहा है।

शिवसेना उबाठा के पदाधिकारियों ने भारी बारिश से सोयाबीन की फसल को हुए नुकसान के मुआवजे के लिए जिला कृषि अधीक्षक कार्यालय पर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया था। इस दौरान विरोध स्वरूप कार्यालय में सड़े हुए सोयाबीन के पौधे फेंके गए।हालांकि, इस विरोध प्रदर्शन के बाद पुलिस ने शिवसेना उभाठा पदाधिकारियों पर दंगा-फसाद का गंभीर मामला दर्ज किया है।

पुलिस की यह कार्रवाई पुलिस प्रशासन द्वारा जनता के साथ विश्वासघात और कानून का दुरुपयोग करके जन आंदोलन को दबाने की साजिश है। इसके विपरीत, कुछ महीने पहले, सत्तारूढ़ दल के पदाधिकारियों ने जिला कृषि अधीक्षक कार्यालय पर नकली बीटी बीजों के विरोध में प्रदर्शन करते हुए कृषि अधिकारियों पर बीज फेंके थे। उस समय पुलिस ने हल्की कार्रवाई की और गंभीर मामले दर्ज नहीं किए। यह पुलिस प्रशासन का दोहरापन है।

पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली की आलोचना

डॉ सुनील देशमुख ने दो टूक सवाल उठाया है कि जब पूरे देश में कानून एक जैसा है, तो अमरावती में कानून असमानता क्यों है। शहर के पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली की आलोचना करते हुए, डॉ। देशमुख ने आरोप लगाया कि शहर में जबरन वसूली और अवैध धंधों के कारण कानून-व्यवस्था चरमरा गई है। उन्होंने उल्लेख किया कि सरकार और विपक्षी दलों के नेताओं के साथ शत्रुतापूर्ण व्यवहार किया जा रहा है। उन्होंने पुलिस प्रशासन को संबोधित करते हुए कहा,जिनके अपने घर शीशे के हों, उन्हें ऐसा व्यवहार नहीं करना चाहिए।

डॉ देशमुख ने चेतावनी दी कि अगर सरकार किसानों, खेत मजदूरों और जनता के कल्याण के लिए आंदोलन कर रहे विपक्षी दलों पर गंभीर मामले दर्ज करके उनकी आवाज दबाने की कोशिश करेगी, तो जनता इसके खिलाफ उठ खड़ी होगी। उन्होंने प्रशासन से शिवसेना उभाठा के पदाधिकारियों पर दर्ज दंगे के मामले तुरंत वापस लेने की भी मांग की है। महाविकास आघाड़ी के घटक दल, कांग्रेस, शिवसेना (उभाठा) और राष्ट्रवादी कांग्रेस (शरद पवार) एकजुट हैं और महाविकास आघाड़ी भविष्य में भी किसानों, खेत मजदूरों और जनता के न्याय और कल्याण के लिए तीव्र आंदोलन करके अग्रणी भूमिका निभाती रहेगी।ऐसा डॉ। सुनील देशमुख ने दृढ़ता से कहा।

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