
Rickshaw Drivers:मीरा-भाईंदर (सोर्सः सोशल मीडिया)
Mira Bhayandar: मीरा-भाईंदर महानगरपालिका चुनाव की सरगर्मी जैसे-जैसे तेज़ होती जा रही है, वैसे-वैसे राजनीतिक समीकरण भी तेजी से बदलते नजर आ रहे हैं। इसी राजनीतिक हलचल के बीच भाईंदर पश्चिम से एक अहम घटनाक्रम सामने आया है, जहां गुरुवार को सैकड़ों रिक्शा चालकों ने खुलकर शिवसेना का दामन थाम लिया। इस सामूहिक प्रवेश को स्थानीय राजनीति में शिवसेना के लिए एक बड़ी मजबूती के रूप में देखा जा रहा है।
रिक्शा चालकों ने राज्य के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व पर भरोसा जताते हुए सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों का समर्थन किया। लाडली बहन योजना जैसी योजनाओं को महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताते हुए उन्होंने कहा कि यह सरकार आम जनता की ज़रूरतों को समझकर उन्हें ज़मीन पर उतारने का कार्य कर रही है। इसके साथ ही गाय को राज्यमाता का दर्जा दिए जाने के निर्णय को भी सामाजिक और सांस्कृतिक मूल्यों से जुड़ा महत्वपूर्ण फैसला बताया गया।
विशेष रूप से परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक के कार्यों की रिक्शा चालकों ने खुलकर सराहना की। उनका कहना था कि परिवहन क्षेत्र से जुड़े कामगारों की समस्याओं को लेकर मंत्री सरनाईक लगातार सक्रिय रहे हैं और ज़मीनी स्तर पर समाधान देने का प्रयास किया है। इसी विश्वास के चलते बड़ी संख्या में रिक्शा चालक शिवसेना में शामिल हुए।
इस अवसर पर मंत्री प्रताप सरनाईक ने कहा कि शिवसेना हमेशा आम आदमी, मेहनतकश वर्ग और परिवहन क्षेत्र से जुड़े श्रमिकों के मुद्दों को प्राथमिकता देती आई है।
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रिक्शा चालकों, मज़दूरों और सामान्य नागरिकों का बढ़ता समर्थन इस बात का संकेत है कि मीरा-भाईंदर की जनता बदलाव के मूड में है और आने वाले मनपा चुनाव में इसका सीधा असर देखने को मिलेगा। उन्होंने यह भी कहा कि शिवसेना मीरा-भाईंदर के सर्वांगीण विकास, बुनियादी सुविधाओं के विस्तार और आम नागरिकों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए और अधिक मजबूती से कार्य करती रहेगी।






