कैरेबियन सागर में US की बड़ी कार्रवाई; ट्रंप की सेना ने जब्त किया पांचवां तेल टैंकर, वेनेजुएला की घेराबंदी तेज

US Seizes Oil Tanker Olina: ट्रंप प्रशासन ने वेनेजुएला के तेल व्यापार को रोकने के लिए अपनी सैन्य कार्रवाई तेज कर दी है। अमेरिकी मरीन और नौसेना ने कैरेबियन सागर से एक और तेल टैंक कब्जे में लिया है।
Major US operation in the Caribbean Sea; Trump's forces seize fifth oil tanker, intensifying the blockade of Venezuela.
US ने जब्त किया पांचवां तेल टैंकर, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
Published on
Updated on

Russia US Tension Latest News In Hindi: समुंदर में अमेरिकी सेना की कार्रवाई बदस्तूर जारी है। शुक्रवार को सुबह होने से पहले एक गुप्त ऑपरेशन में अमेरिकी मरीन और नौसेना ने कैरेबियन सागर में तेल टैंकर 'ओलीना' (Olina) को जब्त कर लिया,। यह डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन द्वारा वेनेजुएला आने-जाने वाले प्रतिबंधित जहाजों को निशाना बनाने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है

महीनों से जारी सैन्य तैनाती का हिस्सा

अमेरिकी सेना के अनुसार, यह कार्रवाई कैरेबियन में पिछले कई महीनों से चल रही सेना की तैनाती का परिणाम है। सैन्य अधिकारियों ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि अपराधियों के लिए कोई सुरक्षित जगह नहीं है। हालांकि, नौसेना के अधिकारियों ने यह स्पष्ट नहीं किया कि क्या इस बार भी कोस्ट गार्ड इस फोर्स का हिस्सा था जैसा कि पिछली कार्रवाइयों में देखा गया था।

वेनेजुएला के खिलाफ पांचवीं बड़ी जब्ती

'ओलीना' पांचवां ऐसा टैंकर है जिसे अमेरिकी सेना ने अब तक जब्त किया है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य वेनेजुएला के तेल उत्पादों के वैश्विक वितरण (Global Distribution) को पूरी तरह से नियंत्रित करना है। ट्रंप प्रशासन उन सभी टैंकरों को लगातार निशाना बना रहा है जो वेनेजुएला के साथ व्यापार कर रहे हैं या उसके तेल को बाजार तक पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं।

रूस के साथ बढ़ता तनाव और 'शैडो फ्लीट'

इस जब्ती के साथ ही रूस और अमेरिका के बीच तनाव अपने चरम पर पहुंच गया है। अमेरिकी नौसेना ने अब 'शैडो फ्लीट' (प्रतिबंधित तेल ले जाने वाले अज्ञात जहाज) के टैंकरों को जब्त करने का ऑपरेशन भी शुरू कर दिया है, जिसमें हाल ही में एक रूसी टैंकर को भी कब्जे में लिया गया था। रूस ने अमेरिका की इस कार्रवाई को 'डकैती' करार दिया है और आरोप लगाया है कि अमेरिका अंतरराष्ट्रीय कानूनों को सरेआम रौंद रहा है।

परमाणु युद्ध का मंडराता खतरा

स्रोतों के अनुसार, इन दोनों महाशक्तियों के बीच बढ़ते तनाव ने परमाणु युद्ध की आशंका को जन्म दे दिया है। अमेरिका और रूस, दोनों ही अपने परमाणु अस्त्रों के साथ आमने-सामने हैं। दोनों देशों के बीच जारी कड़वी बयानबाजी ने दुनिया में महाविनाश की आहट पैदा कर दी है। इससे पहले अमेरिका वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को भी उठवा चुका है, जिससे भू-राजनीतिक स्थिति और भी अस्थिर हो गई है।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com