
छत्रपति संभाजी महाराज बहुआयामी व्यक्तित्व के धनी। (सौजन्यः सोशल मीडिया)
अमरावती: स्वराज्य रक्षक छत्रपति संभाजी महाराज किसी फिल्म से समझने का विषय नहीं, बल्कि इतिहास में शोध का विषय हैं। तत्कालीन प्रस्थापितों ने महाराज का गलत इतिहास प्रस्तुत करके उनके असाधारण कार्य को कलंकित करने का प्रयास किया। संभाजी महाराज के बारे में विकृत कथाएं बताने वाली अनेक अपमानजनक पुस्तकों, नाटकों और फिल्मों का झूठा चलन अभी भी जीवित है। ऐसा वक्तव्य विधायक अमोल मिटकरी ने एक व्याख्यान में किया।
ऐसे विकृत साहित्य को खत्म करने की और संभाजी महाराज का सच्चा इतिहास सामने लाने की आज जरूरत है। सभी से शिवपुत्र संभाजी के चरित्र को कलंकित करने वाली सभी विकृतियों को दूर करने की पहल करने का आह्वान व्याख्याता शिवश्री विधायक अमोल मिटकरी ने किया।
स्वराज्य की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीर योद्धा और स्वराज्य के रक्षक छत्रपति संभाजी महाराज की 368वीं जयंती के अवसर पर नवसारी रिंग रोड पर छत्रपति संभाजी महाराज चौक पर एक सार्वजनिक व्याख्यान आयोजित किया गया। इस समय वह बोल रहे थे।
इससे पहले, नवसारी रिंग रोड पर स्थित स्वराज्य रक्षक छत्रपति संभाजी महाराज चौक के सौंदर्यीकरण और महाराज के भित्ति चित्र के उद्घाटन में महाराष्ट्र विधान परिषद सदस्य शिवश्री अमोल मिटकरी, विधायक सुलभा खोडके के हाथों किया गया। चौक के सौंदर्यीकरण के लिए पर्याप्त धनराशि उपलब्ध कराने के लिए जयंती उत्सव समिति, मराठा सेवा संघ व जिजाऊ ब्रिगेड की ओर से सुलभा खोडके का सत्कार किया गया।
विधायक सुलभा खोडके ने कहा कि विकास की अवधारणा में महापुरुषों की विरासत को संरक्षित कर इतिहास को संरक्षित करने पर हमारा विशेष ध्यान है। छत्रपति संभाजी महाराज चौक के कारण शहर की ख्याति दूर-दूर तक पहुंच गई है।
शहर में जहां बुनियादी ढांचे का काम चल रहा है, वहीं शहर को स्वच्छ, सुंदर और हरा-भरा बनाए रखने के लिए विभिन्न चौकों के सौंदर्यीकरण के लिए धनराशि उपलब्ध कराई गई है। इस समय विधायक संजय खोडके, शोध प्रतिष्ठान के अध्यक्ष यश खोडके, लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता गिरीश जोशी, अधीक्षक अभियंता रूपा राउल (गिरासे), कार्यकारी अभियंता प्रतीक गिरी सहित अन्य प्रमुखता से उपस्थित थे।






