अमरावती में अवैध परिवहन पर RTO का हंटर: नियमों की धज्जियां उड़ाने वाली 345 बसों से वसूला जुर्माना

Amravati News: अमरावती में अवैध बसों और ओवरलोडिंग के खिलाफ RTO का सख्त अभियान! पिछले एक साल में 345 बसों से 16.69 लाख रुपये का जुर्माना वसूला गया। यात्रियों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन का कड़ा संदेश।
Amravati RTO Fine Buses
प्रतीकात्मक तस्वीर (AI Generated)
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Amravati RTO Fine On Illegal Buses: अमरावती जिले में अवैध प्रवासी यातायात और परिवहन नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन स्वामियों के खिलाफ प्रादेशिक परिवहन कार्यालय (RTO) ने मोर्चा खोल दिया है। पिछले एक साल के आंकड़ों पर नजर डालें तो प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए 345 बसों को नियमों का दोषी पाया और उनसे कुल 16.69 लाख रुपये का भारी-भरकम जुर्माना वसूला है। यह कार्रवाई यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और अवैध रूप से चल रहे 'स्टेज कैरेज' परमिट के उल्लंघन को रोकने के लिए की गई है।

दो चरणों में चला व्यापक जांच अभियान

आरटीओ की रिपोर्ट के अनुसार, कार्रवाई को दो मुख्य चरणों में विभाजित किया गया था। पहले चरण में (16 दिसंबर 2024 से 30 जून 2025) कुल 429 बसों की जांच की गई, जिनमें से 143 बसें दोषी मिलीं। इन बसों से 7.70 लाख रुपये का सेटलमेंट शुल्क वसूला गया। वहीं, दूसरे चरण में (1 जुलाई से 31 अक्टूबर 2025) कार्रवाई को और तेज किया गया। इस दौरान 606 बसों की जांच की गई, जिसमें 202 बसें नियमों के विरुद्ध चलती पाई गईं, जिनसे 8.98 लाख रुपये का जुर्माना वसूला गया।

इन प्रमुख मार्गों पर रही पैनी नजर

परिवहन विभाग के हवाई पथक (Flying Squad) ने जिले के सबसे व्यस्त मार्गों पर नियमित जांच अभियान चलाया। इसमें मुख्य रूप से अमरावती, मोर्शी, वरुड-पांढुर्णा मुलताई, अमरावती-परतवाडा, परतवाडा-अंजनगाव-अकोट-अकोला और दुर्गम क्षेत्र परतवाडा-धारणी जैसे रूट शामिल रहे। इन मार्गों पर यात्रियों को अवैध रूप से बिठाने और बिना परमिट बसें चलाने वालों पर विभाग की विशेष नजर रही।

खनिज परिवहन और ओवरलोडिंग पर विशेष स्ट्राइक

सिर्फ बसें ही नहीं, बल्कि अवैध खनिज परिवहन करने वाले ट्रकों पर भी आरटीओ ने शिकंजा कसा है। 15 से 30 सितंबर 2025 के बीच रेत और गिट्टी ले जाने वाले ओवरलोड वाहनों के खिलाफ एक विशेष मुहिम चलाई गई। पुसला और वरुड जांच नाकों पर हुई 516 वाहनों की जांच में 196 वाहन दोषी पाए गए, जिनसे मात्र 15 दिनों के भीतर 7.40 लाख रुपये का दंड वसूल किया गया।

सुरक्षा के साथ समझौता नहीं: उर्मिला पवार

मुख्य प्रादेशिक परिवहन अधिकारी उर्मिला पवार ने कड़ा संदेश देते हुए कहा कि अवैध यातायात न केवल सरकार के राजस्व का नुकसान है, बल्कि यह यात्रियों की जान के लिए भी एक गंभीर खतरा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले वाहनों पर विभाग की सख्त और निरंतर कार्रवाई भविष्य में भी जारी रहेगी। प्रशासन की इस सक्रियता से जिले में अवैध वाहनों पर अंकुश लगने और यात्री सुरक्षा में सुधार की प्रबल उम्मीद जताई जा रही है।

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