पश्चिमी देशों की घेराबंदी फेल! पुतिन-जिनपिंग के बीच हुई अहम बातचीत, दुनिया की धड़कने तेज

Xi Jinping Vladimir Putin Talk: पुतिन और जिनपिंग ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए रणनीतिक चर्चा की। पुतिन ने आपसी संबंधों को 'बसंत' जैसा बताया जबकि जिनपिंग ने नए 'ग्रैंड प्लान' पर जोर दिया है।
Western countries' encirclement strategy fails! Crucial talks between Putin and Xi Jinping raise global tensions.
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पुतिन-जिनपिंग ने की चर्चा , फोटो (सो. सोशल मीडिया)
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Russia China News In Hindi: वैश्विक भू-राजनीतिक उथल-पुथल और यूक्रेन युद्ध को लेकर बढ़ते अंतरराष्ट्रीय दबाव के बीच बुधवार को रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से एक अत्यंत महत्वपूर्ण बातचीत की। इस वर्चुअल बैठक के दौरान दोनों महाशक्तियों ने अपने अटूट संबंधों का प्रदर्शन किया और भविष्य के लिए एक नई रणनीतिक रूपरेखा पर चर्चा की।

संबंधों में हमेशा रहेगा बसंत

बातचीत की शुरुआत में रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने दोनों देशों के बीच बढ़ते आर्थिक और कूटनीतिक सहयोग की जमकर सराहना की। पुतिन ने इस बात पर खुशी जाहिर की कि चीन ने रूसियों के लिए 'वीजा फ्री एंट्री' की अनुमति देने का निर्णय लिया है। पारंपरिक चीनी कैलेंडर के अनुसार बसंत की शुरुआत का उल्लेख करते हुए पुतिन ने एक बहुत ही कूटनीतिक टिप्पणी की और कहा कि रूस-चीन संबंधों में कोई भी मौसम बसंत जैसा ही है।

ऊर्जा और हाई-टेक क्षेत्रों में साझेदारी

पुतिन ने विशेष रूप से ऊर्जा क्षेत्र में दोनों देशों की बढ़ती साझेदारी को रेखांकित किया और इसे आपसी फायदे वाला बताया। उन्होंने जानकारी दी कि रूस और चीन 'परमाणु ऊर्जा के शांतिपूर्ण उपयोग' के क्षेत्र में सक्रिय रूप से संवाद कर रहे हैं। इसके अलावा, दोनों देश अंतरिक्ष अनुसंधान और उद्योग सहित कई अन्य हाई-टेक परियोजनाओं को विकसित करने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं।

शी जिनपिंग का 'नया ग्रैंड प्लान'

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने पुतिन के साथ बातचीत में द्विपक्षीय संबंधों के विकास के लिए एक 'नई भव्य योजना' पर चर्चा करने का प्रस्ताव रखा। शी ने जोर देकर कहा कि दोनों देशों को अपने रणनीतिक सहयोग को और अधिक गहरा करने के लिए इस 'ऐतिहासिक अवसर' का पूरा उपयोग करने की आवश्यकता है। चीनी सरकारी मीडिया के अनुसार, दोनों नेताओं ने प्रमुख वैश्विक और रणनीतिक मुद्दों पर विचारों का विस्तार से आदान-प्रदान किया।

पश्चिमी देशों की घेराबंदी के बीच चीन का रुख

यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब पश्चिमी देशों के नेता चीन पर रूस का समर्थन बंद करने का लगातार दबाव बना रहे हैं। पिछले महीने ही ब्रिटिश और कनाडाई प्रधानमंत्रियों ने बीजिंग का दौरा किया था और इस महीने के अंत में जर्मन चांसलर के भी चीन जाने की संभावना है। इन मुलाकातों का उद्देश्य चीन को रूस से दूर करना है, लेकिन पुतिन के साथ इस बातचीत ने यह स्पष्ट कर दिया है कि यूक्रेन युद्ध पर चीन का रुख नहीं बदला है।

चीन ने रूस के साथ अपना व्यापार जारी रखा है जिससे रूस को पश्चिमी आर्थिक प्रतिबंधों के प्रभाव को कम करने में बड़ी मदद मिली है। इससे पहले, रूसी सुरक्षा परिषद के सचिव सर्गेई शोइगु ने भी बीजिंग में चीन के शीर्ष विदेश नीति अधिकारी वांग यी से मुलाकात की थी जहां दोनों इस बात पर सहमत हुए थे कि अशांत वैश्विक वातावरण में दोनों देशों को अपने संबंधों को और अधिक मजबूत बनाए रखना चाहिए।