सावधान! ड्राइविंग लाइसेंस और ई-चालान के नाम पर हो रही है ऑनलाइन ठगी, RTO ने जारी की चेतावनी

Amravati RTO Advisory: अमरावती में फर्जी लिंक और ऐप्स के जरिए वाहन मालिकों को बनाया जा रहा निशाना! ई-चालान और लाइसेंस के नाम पर होने वाली ठगी से कैसे बचें? परिवहन विभाग की महत्वपूर्ण सलाह यहां पढ़ें।
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अमरावती आरटीओ, फोटो- सोशल मीडिया
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Amravati RTO on Fake and Fraud Alert: डिजिटल सेवाओं के विस्तार के साथ-साथ साइबर अपराध के मामलों में भी तेजी से बढ़ोतरी हुई है। अमरावती जिले में हाल के दिनों में ड्राइविंग लाइसेंस, वाहन पंजीकरण और ई-चालान जैसी परिवहन सेवाओं के नाम पर नागरिकों को ठगने के कई मामले सामने आए हैं। ठगों द्वारा फर्जी वेबसाइट्स, नकली मोबाइल ऐप्स और सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों को आर्थिक नुकसान पहुँचाया जा रहा है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए क्षेत्रीय परिवहन विभाग (RTO) ने नागरिकों के लिए एक विशेष एडवाइजरी जारी की है।

परिवहन विभाग के अनुसार, जालसाज मुख्य रूप से चार तरीकों से सीधे-साधे लोगों को अपना निशाना बना रहे हैं। इसमें फर्जी वेबसाइट्स का निर्माण, धोखाधड़ी वाले मोबाइल ऐप्स, एसएमएस (SMS) और व्हाट्सएप के माध्यम से भेजे गए संदिग्ध लिंक शामिल हैं। इन लिंक्स पर क्लिक करते ही वाहन मालिकों की व्यक्तिगत जानकारी चोरी हो जाती है और उनके बैंक खातों से पैसे उड़ा लिए जाते हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि ठग अक्सर सरकारी वेबसाइटों से मिलती-जुलती फर्जी साइट्स बनाकर लोगों को गुमराह करते हैं।

परिवहन विभाग कर रहा है अपील

क्षेत्रीय परिवहन विभाग ने आधिकारिक पत्र जारी कर नागरिकों से केवल अधिकृत सरकारी पोर्टल्स का ही उपयोग करने का आग्रह किया है। विभाग ने कुछ महत्वपूर्ण सुरक्षा बिंदु साझा किए हैं:--

आधिकारिक वेबसाइट को पहचानें : वाहन संबंधी सेवाओं के लिए केवल parivahan.gov.in का ही उपयोग करें।

पेमेंट लिंक को ध्यान से देंखें : परिवहन विभाग कभी भी व्हाट्सएप पर भुगतान के लिए कोई सीधा लिंक नहीं भेजता है।

सत्यापन जरूर करें : किसी भी ऑनलाइन लेनदेन से पहले वेबसाइट के यूआरएल (URL) की जांच कर लें कि वह 'gov.in' पर समाप्त हो रहा है या नहीं।

लोगों के सामने है पहचान का खतरा

इस प्रकार की धोखाधड़ी से केवल आर्थिक नुकसान ही नहीं होता, बल्कि नागरिकों की पहचान (Identity Theft) का दुरुपयोग होने का भी बड़ा खतरा रहता है। फर्जी ऐप्स के जरिए आपके फोन का डेटा चोरी कर उसका इस्तेमाल अन्य आपराधिक गतिविधियों में किया जा सकता है। अधिकारियों ने अपील की है कि किसी भी अनजान नंबर से आए मैसेज पर विश्वास न करें और अपनी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें। यदि आप किसी ठगी का शिकार होते हैं, तो तत्काल साइबर पुलिस या नजदीकी थाने में इसकी रिपोर्ट दर्ज कराएं।

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