

Amravati Sanitation Workers Strike: अमरावती शहर में स्वच्छता का जिम्मा संभालने वाली कोणार्क कंपनी के सफाई कर्मियों की पिछले दो से तीन दिनों से जारी हड़ताल के कारण पूरे शहर में सफाई व्यवस्था का बंटाढार हो गया है। जगह-जगह कचरे के बड़े-बड़े ढेर लग गए हैं, जिससे शहरवासियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसी बीच मंगलवार को कोणार्क के सफाई कर्मियों ने राजापेठ जोन में पूरी तरह काम बंद आंदोलन किया, जिससे स्थिति और अधिक बिगड़ गई है।
चूंकि अभी बारिश का मौसम चल रहा है, ऐसे में हर तरफ जमा हो रहे कचरे और गंदगी के कारण डेंगू, मलेरिया, डायरिया और अन्य संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा अत्यधिक बढ़ गया है। शहर के विभिन्न अस्पतालों में इस तरह के मरीजों की संख्या भी बढ़ने लगी है।
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि अमरावती महानगरपालिका (मनपा) के पास शहर में कीटनाशक छिड़काव और फॉगिंग (धुआं छोड़ने) को लेकर कोई ठोस नियोजन नहीं है, जिसके कारण जनता में मनपा प्रशासन के खिलाफ भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि यदि गंदगी के कारण किसी प्रकार की जीवित हानि (जान का नुकसान) होती है, तो इसके लिए सीधे तौर पर मनपा की अव्यवस्था जिम्मेदार होगी।
शहर की इस बदतर स्थिति को देखते हुए युवा स्वाभिमान पार्टी के नेता सचिन भैडे एवं अन्य प्रमुख पदाधिकारियों ने मनपा आयुक्त से मुलाकात कर उन्हें ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में इस गतिरोध को तुरंत समाप्त कर शहर में स्वच्छता अभियान को पटरी पर लाने की मांग की है।
यदि मनपा प्रशासन ने जल्द से जल्द इस गंभीर समस्या का समाधान नहीं निकाला और सफाई व्यवस्था सुचारू नहीं की, तो युवा स्वाभिमान पार्टी सड़कों पर उतरकर तीव्र आंदोलन करने की चेतावनी दी है। मनपा आयुक्त को ज्ञापन सौंपते समय प्रशांत वानखडे, दीपक साहू, प्रीति रेवणे, योगेश विजयकर, अर्चना पांडे, प्रियंका पाटने सहित पार्टी के कई अन्य पदाधिकारी व कार्यकर्ता प्रमुखता से उपस्थित थे।