साकीनाका मैनहोल हादसे की जांच रिपोर्ट कमिश्नर को सौंपी; अधिकारियों के बयानों में विरोधाभास, ठेकेदार फरार

Mumbai Road Accident: साकीनाका मैनहोल में गिरकर हुई असलम शेख की मौत की जांच रिपोर्ट बीएमसी कमिश्नर अश्विनी भिड़े को सौंपी गई। अधिकारियों के बयानों में विरोधाभास के कारण देरी की आशंका।
Sakinaka manhole tragedy probe report submitted to BMC Chief Ashwini Bhide. Official contradictions and an absconding contractor delay the final action.
(प्रतीकात्मक तस्वीर, (सोर्स-सोशल मीडिया)
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Mumbai Sakinaka Manhole Accident Report: मुंबई चेंबूर में स्कूल बस पर पेड़ गिरने की दुर्घटना की जांच रिपोर्ट बीएमसी प्रशासन की तरफ से सार्वजनिक किए जाने के बाद साकीनाका में खुले मैनहोल में गिरकर हुई मौत के मामले की जांच रिपोर्ट भी बीएमसी आयुक्त अश्विनी भिड़े को सौंप दी गई है।

हालांकि, सूत्रों के अनुसार इस मसौदा रिपोर्ट में बीएमसी अधिकारियों के बयानों में कई विरोधाभास सामने आए हैं। ऐसे में रिपोर्ट को सार्वजनिक करने में देरी हो सकती है। जुलाई की शुरुआत में भारी बारिश के दौरान साकीनाका के खैरानी रोड स्थित खुले मैनहोल में गिरने से 55 वर्षीय असलम शेख की मौत हो गई थी।

ठेकेदार फरार, प्रक्रिया और भी हुई कठिन

इस मामले की जांच के मसौदा रिपोर्ट में मैनहोल सुरक्षा कार्यों की निगरानी के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के परस्पर विरोधी बयानों को उजागर किया गया है, जिससे जांच और अधिक जटिल हो गई है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि जिस मैनहोल में असलम शेख गिरे थे, वहां सुरक्षा जाली लगाने के लिए कार्यादेश (वर्क ऑर्डर) किसने जारी किया था, इसकी जिम्मेदारी किसी अधिकारी ने स्वीकार नहीं की है। इससे जवाबदेही तय करना मुश्किल हो गया है।

बीएमसी मुख्यालय के एक अधिकारी के अनुसार, इस काम का ठेकेदार भी फरार है, जिससे जिम्मेदारी तय करने की प्रक्रिया और कठिन हो गई है। इसी कारण बीएमसी प्रशासन के लिए रिपोर्ट सार्वजनिक करना तथा दोषियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई करना चुनौतीपूर्ण बन गया है।

ठेकेदार फरार, जांच में बढ़ी मुश्किलें

मुंबई बीएमसी मुख्यालय के एक अधिकारी के अनुसार, संबंधित कार्य का ठेकेदार फिलहाल फरार है। ठेकेदार की अनुपस्थिति के कारण जांच एजेंसी के लिए घटनाक्रम की पूरी कड़ी जोड़ना और जिम्मेदारी तय करना और भी कठिन हो गया है। यही कारण है कि रिपोर्ट के अंतिम निष्कर्ष और संभावित कार्रवाई को लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है।

रिपोर्ट सार्वजनिक करने पर फैसला बाकी

बीएमसी प्रशासन अब मसौदा रिपोर्ट में सामने आए तथ्यों और विरोधाभासों की समीक्षा कर रहा है। अधिकारियों के अनुसार, रिपोर्ट को अंतिम रूप देने के बाद ही यह तय किया जाएगा कि इसे कब सार्वजनिक किया जाए और दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों या संबंधित पक्षों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाएगी। यह मामला मुंबई में मानसून के दौरान नागरिक सुरक्षा और जवाबदेही को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।

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