वन डे चेक क्लियरिंग से नागरिक परेशान, नीलेश देव ने केंद्रीय वित्तमंत्री से की हस्तक्षेप की मांग

1 Day Cheque Clearing: वंचित के नीलेश देव ने केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारामन को एक निवेदन भेजकर इस विषय पर त्वरित ध्यान देने और नागरिकों को राहत प्रदान करने की मांग की है।
वन डे चेक क्लियरिंग से नागरिक परेशान
वन डे चेक क्लियरिंग से नागरिक परेशान (सौजन्यः सोशल मीडिया)
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Akola News: भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा हाल ही में देशभर में लागू की गई वन डे चेक क्लियरिंग प्रणाली के कारण नागरिकों और व्यापारी वर्ग को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस प्रणाली के क्रियान्वयन के दौरान तकनीकी समस्याएं, सॉफ्टवेयर अपडेट में विलंब और नेटवर्क बाधाओं के चलते चेक लेन-देन में गंभीर अड़चनें उत्पन्न हो रही हैं।
इससे आम नागरिक, व्यापारी, व्यवसायी और उद्योग जगत को आर्थिक और मानसिक तनाव झेलना पड़ रहा है। इस पृष्ठभूमि में वंचित बहुजन आघाड़ी के शहर संगठक तथा सामाजिक कार्यकर्ता नीलेश देव ने केंद्रीय वित्तमंत्री  निर्मला सीतारामन को एक निवेदन भेजकर इस विषय पर त्वरित ध्यान देने और नागरिकों को राहत प्रदान करने की मांग की है।

‘मॉनिटरिंग सेल’ की स्थापना

निवेदन में उन्होंने उल्लेख किया है कि वन डे क्लियरिंग प्रणाली शुरू होने के बाद कई चेक तकनीकी कारणों से बाउंस हो रहे हैं। बैंकों की तकनीकी खामियों के बावजूद निर्दोष खाताधारकों से दंड और चेक बाउंस शुल्क वसूला जा रहा है, जो अन्यायपूर्ण है। विशेष रूप से दिवाली जैसे त्योहारों के दौरान जब आर्थिक लेन-देन अधिक होता है, तब यह समस्या और भी गंभीर हो जाती है।

नीलेश देव ने निम्नलिखित मांगें रखी हैं:

जब तक प्रणाली स्थिर नहीं होती, तब तक किसी भी ग्राहक या व्यापारी से चेक बाउंस का दंड न लिया जाए। रिज़र्व बैंक सभी बैंकों को तत्काल तकनीकी सुधार और अपडेट के निर्देश दे। चेक क्लियरिंग से संबंधित शिकायतों के त्वरित समाधान हेतु ‘मॉनिटरिंग सेल’ की स्थापना की जाए। ग्राहकों और व्यापारियों के लिए अस्थायी राहत योजनाएं लागू की जाएं।

त्योहारों के समय लोगों की आर्थिक स्थिरता प्रभावित

नीलेश देव ने कहा, “वन डे क्लियरिंग प्रणाली समय की आवश्यकता है, लेकिन इसके क्रियान्वयन से पहले पर्याप्त तकनीकी तैयारी न होने के कारण आम जनता को परेशानी उठानी पड़ रही है। त्योहारों के समय लोगों की आर्थिक स्थिरता प्रभावित हो रही है, इसलिए केंद्र सरकार को तुरंत हस्तक्षेप कर इस समस्या का समाधान करना चाहिए।”
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