
प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया )
Maharashtra Accident Casualties: महाराष्ट्र में सड़क सुरक्षा को लेकर हालात लगातार चिंताजनक बने हुए हैं। राज्य में सड़क दुर्घटनाओं और उनमें गंभीर रूप से घायल होने वालों की संख्या में लगातार छठे वर्ष वृद्धि दर्ज की गई है। हालांकि, 2025 में सड़क हादसों में जान गंवाने वालों की संख्या में 2021 के बाद पहली बार मामूली कमी देखी गई है, जिससे राहत के संकेत जरूर मिले हैं, लेकिन हालात अब भी गंभीर बने हुए हैं।
अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को परिवहन विभाग द्वारा जारी वर्ष 2025 के अनंतिम सड़क दुर्घटना आंकड़ों का हवाला देते हुए यह जानकारी दी। रिपोर्ट के अनुसार, राज्य में बढ़ते वाहन पंजीकरण, तेज रफ्तार, यातायात नियमों की अनदेखी और बुनियादी ढांचे की चुनौतियों के चलते सड़क दुर्घटनाओं का ग्राफ लगातार ऊपर जा रहा है।
परिवहन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, महाराष्ट्र में वर्ष 2025 के दौरान कुल 36,450 सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की गईं। यह संख्या न केवल पिछले वर्षों की तुलना में अधिक है, बल्कि यह लगातार छठी वार्षिक वृद्धि को भी दर्शाती है। रिपोर्ट में बताया गया है कि सड़क हादसों में गंभीर रूप से घायल होने वाले व्यक्तियों की संख्या में आठ प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है, जो चिंता का विषय बना हुआ है।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2020 में राज्य में 24,971 सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की गई थीं। इसके बाद 2021 में यह संख्या बढ़कर 29,477 हो गई। वर्ष 2022 में दुर्घटनाओं की संख्या 33,383 तक पहुंच गई, जबकि 2023 में 35,243 और 2024 में 36,110 सड़क हादसे दर्ज किए गए। वर्ष 2025 में यह आंकड़ा बढ़कर 36,450 हो गया है, जो राज्य में सड़क सुरक्षा उपायों की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े करता है।
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि महाराष्ट्र में कुल पंजीकृत वाहनों की संख्या 4.5 करोड़ से अधिक हो चुकी है। विशेषज्ञों का मानना है कि वाहनों की बढ़ती संख्या के अनुपात में सड़कों की क्षमता, ट्रैफिक प्रबंधन और जन-जागरूकता में अपेक्षित सुधार नहीं हो पाया है, जिसके चलते दुर्घटनाओं की संख्या में निरंतर वृद्धि हो रही है।
हालांकि, इन चिंताजनक आंकड़ों के बीच एक सकारात्मक पहलू यह रहा कि महाराष्ट्र 2021 के बाद पहली बार सड़क हादसों में मौतों की संख्या में मामूली कमी लाने में सफल रहा है। वर्ष 2025 में राज्य में 14,440 घातक दुर्घटनाएं दर्ज की गईं, जिनमें 15,549 लोगों की मौत हुई। इसके मुकाबले वर्ष 2024 में 14,565 घातक दुर्घटनाओं में 15,715 लोगों की जान गई थी।
आंकड़ों के अनुसार, सड़क दुर्घटनाओं में मौतों की संख्या में वर्ष 2020 के बाद लगातार बढ़ोतरी का रुझान देखा गया है। वर्ष 2020 में सड़क हादसों में कुल 11,569 लोगों की जान गई थी। इसके बाद 2021 में यह संख्या बढ़कर 13,528 हो गई। वर्ष 2022 में 15,224, 2023 में 15,366 और 2024 में 15,715 लोगों की मौत सड़क दुर्घटनाओं में दर्ज की गई थी। ऐसे में 2025 में मौतों की संख्या में आई मामूली गिरावट को विशेषज्ञ सतर्क आशावाद के तौर पर देख रहे हैं।
| वर्ष | कुल दुर्घटनाएं | मौतों की संख्या | गंभीर घायल |
| 2020 | 24,971 | 11,569 | 13,971 |
| 2024 | 36,110 | 15,715 | 22,051 |
| 2025 | 36,450 | 15,549 | 23,756 |
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हालांकि, गंभीर रूप से घायल होने वाले लोगों की संख्या के मामले में राज्य की स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। अनंतिम आंकड़ों के अनुसार, महाराष्ट्र वर्ष 2025 में सड़क दुर्घटनाओं में गंभीर रूप से घायल होने वालों की संख्या को कम करने में विफल रहा है। वर्ष 2025 में कुल 23,756 लोग सड़क हादसों में गंभीर रूप से घायल हुए, जबकि 2024 में ऐसे मामलों की संख्या 22,051 थी।
पिछले वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो 2020 में सड़क हादसों में 13,971 लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे। यह संख्या 2021 में बढ़कर 16,073 हो गई। वर्ष 2022 में 19,540, 2023 में 21,446 और 2024 में 22,051 गंभीर चोट के मामले दर्ज किए गए। लगातार बढ़ते ये आंकड़े स्वास्थ्य व्यवस्था, आपातकालीन सेवाओं और सड़क सुरक्षा नीतियों के लिए बड़ी चुनौती बने हुए हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि दुर्घटनाओं और गंभीर चोटों में हो रही वृद्धि यह संकेत देती है कि सड़क सुरक्षा नियमों के सख्त पालन, बेहतर ट्रैफिक प्रबंधन, तेज रफ्तार पर नियंत्रण, शराब पीकर वाहन चलाने पर कड़ी कार्रवाई और जन-जागरूकता अभियानों को और प्रभावी बनाने की आवश्यकता है। इसके साथ ही, दुर्घटना संभावित क्षेत्रों की पहचान कर वहां सुधारात्मक कदम उठाना भी जरूरी बताया जा रहा है।
कुल मिलाकर, महाराष्ट्र में सड़क हादसों की स्थिति अब भी गंभीर बनी हुई है। जहां एक ओर मौतों के आंकड़ों में मामूली गिरावट राहत देती है, वहीं दुर्घटनाओं और गंभीर रूप से घायलों की बढ़ती संख्या राज्य के लिए एक बड़ी चेतावनी के रूप में सामने आई है।






