अकोला में तेज हुई सियासी सरगर्मी, भाजपा-कांग्रेस ने कसी कमर, गठबंधन की घोषणा का इंतजार

Akola Municipal Election: अकोला महानगरपालिका चुनाव की घोषणा के बाद शहर में सियासी हलचल तेज हो गई है। 15 जनवरी को मतदान और 16 जनवरी को नतीजे आएंगे। भाजपा-कांग्रेस समेत सभी दल रणनीति बनाने में जुटे हैं।
Akola Municipal Election
प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Akola Politics News: अकोला महानगर पालिका चुनाव की घोषणा हो चुकी है। 15 जनवरी को यहां पर मतदान होगा और 16 जनवरी को परिणाम घोषित किए जाएंगे। जब से मनपा चुनाव की घोषणा हुई हैं शहर में राजनीतिक गतिविधियों में तेजी आ गई है। भाजपा और कांग्रेस के साथ साथ अन्य सभी राजनीतिक पार्टियों ने अपने-अपने अनुसार इच्छुक उम्मीदवारों से बातचीत शुरू कर चुनावी तैयारी शुरू कर दी है। मुख्य रूप से भाजपा और कांग्रेस का ध्यान इस ओर लगा हुआ है कि शहर के किस क्षेत्र से और किस प्रभाग से कौन चुनकर आ सकता है, उस अनुसार यह दोनों पार्टियां रणनीति तैयार कर रही हैं।

पार्टियों के गठबंधन की ओर इच्छुकों का ध्यान

भाजपा ने महानगर पालिका चुनाव लड़ने वाले इच्छुक उम्मीदवारों की सूची पार्टी नेतृत्व को सौंप दी है। वहीं अकोला महानगरपालिका आम चुनाव के लिए भाजपा, शिवसेना (शिंदे गुट) और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की महायुति पर ध्यान केंद्रित है। दूसरी ओर शिवसेना (यूबीटी), कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) की महाविकास आघाड़ी कब गठित होती है, इस पर अकोला के नागरिकों की नजरें टिकी हुई हैं। सभी इच्छुक उम्मीदवार इस ओर देख रहे है कि कब गठबंधन की घोषणा होती है।

80 पार्षदों का भविष्य होगा तय

मनपा चुनाव में कुल 20 प्रभागों से 80 पार्षदों का भविष्य तय होगा। अंतिम मतदाता सूची के अनुसार महिला मतदाता संख्या 2,75,142 और पुरुष मतदाता संख्या 2,74,877 है। इस प्रकार कुल 5,50,060 मतदाता तय करेंगे कि मनपा पर किस राजनीतिक पार्टी की सत्ता होगी। सूत्रों के अनुसार भाजपा और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी का गठबंधन लगभग ‘तय’ बताया जा रहा है। बताया जा रहा है कि उपमुख्यमंत्री अजित पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस को इस गठबंधन में 12 से 14 स्थान मिल सकते हैं।

सभी पार्टियां सक्रिय हुई

यहां पर चुनाव की आचारसंहिता लागू होने के बाद अकोला में विभिन्न राजनीतिक दलों की बैठकों और आपस में बातचीत करने का दौर शुरू हो गया है। भाजपा और राष्ट्रवादी कांग्रेस (अजित पवार गुट) की युति की पुष्टि की जा रही है, वहीं कांग्रेस, वंचित बहुजन आघाड़ी, राष्ट्रवादी कांग्रेस (शरद पवार गुट), शिवसेना (उद्धव गुट) और शिवसेना (शिंदे गुट) ने भी अपनी बैठकों का सिलसिला शुरू कर दिया है।

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