अकोला मनपा का बड़ा फैसला: बाजार वसूली के लिए डेढ़ करोड़ का नया टेंडर जारी

Akola News: अकोला महानगरपालिका ने बाजार वसूली के लिए डेढ़ करोड़ रुपये का नया टेंडर जारी करने का फैसला लिया है। पहले तीन टेंडर विफल रहे, कर्मचारियों की कमी से मनपा को भारी आर्थिक नुकसान हुआ।
Akola Municipal Corporation
अकोला महानगरपालिका (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Akola Market Collection Tender: अकोला महानगरपालिका ने बाजार वसूली के लिए डेढ़ करोड़ रुपये का टेंडर जारी करने का निर्णय लिया है। जल्द ही यह टेंडर प्रकाशित किया जाएगा। प्रशासन ने पहले तीन बार टेडर जारी किया था, लेकिन ठेकेदारों से कोई प्रतिसाद नहीं मिला। इस कारण अब नया टेंडर जारी करने का निर्णय लिया गया है।

अकोला महानगरपालिका ने दैनिक बाजार शुल्क में दोगुनी वृद्धि करने का निर्णय लिया था। इसके बावजूद आठ महीने तक निविदा पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया, जिससे मनपा को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। प्रशासन ने जब निविदा प्रकाशित की तो शुल्क वृद्धि के कारण निविदा की रकम भी बढ़ा दी गई। दो करोड़ रुपये की राशि देखकर ठेकेदारों ने निविदा में रुचि नहीं दिखाई। पूर्व में बाजार वसूली का ठेका 96 लाख रुपये में दिया गया था। उस समय ठेकेदार चाहे जितनी वसूली करता, मनपा को सालाना 96 लाख रुपये का राजस्व निश्चित रूप से मिलता था। यह ठेका दिसंबर 2024 में समाप्त हो गया। तब से मनपा के कर्मचारी ही बाजार वसूली का काम कर रहे हैं।

कर्मचारियों पर बढ़ा दबाव

अकोला मनपा का क्षेत्रफल 124 वर्ग किमी है, लेकिन बाजार वसूली के लिए केवल छह कर्मचारी नियुक्त हैं। इतने बड़े क्षेत्र में सीमित कर्मचारियों के कारण वसूली की राशि अत्यंत कम हो रही है। पिछले साढ़े ग्यारह महीनों से मनपा को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है। शहर में सड़क किनारे तथा मनपा द्वारा निर्धारित स्थलों पर हाथगाड़ी या नीचे बैठकर व्यवसाय करने वालों से प्रतिदिन शुल्क लिया जाता है। पहले यह शुल्क 10 से 15 रुपये था, जिसे बढ़ाने का निर्णय प्रशासन ने लिया है।

ठेका रद्द होने के बाद की स्थिति

मनपा ने दैनिक बाजार वसूली का काम ठेका पद्धति से दिया था। 31 दिसंबर को स्वाति कंपनी का ठेका रद्द कर दिया गया। उसके बाद से यह काम मनपा के कर्मचारियों द्वारा किया जा रहा है। लेकिन कर्मचारियों की संख्या कम होने और क्षेत्रफल बड़ा होने से वसूली का काम प्रभावी ढंग से नहीं हो पा रहा है।

यही कारण है कि मनपा को अपेक्षित राजस्व नहीं मिल रहा है। अब प्रशासन ने शुल्क वृद्धि के साथ नई निविदा जारी करने का निर्णय लिया है। उम्मीद की जा रही है कि इस बार ठेकेदार निविदा में भाग लेंगे और मनपा को स्थिर राजस्व प्राप्त होगा।