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	<title>श्योपुर &amp;#8211; Hindi News, Hindi Samachar, Latest News in Hindi: Navbharat Live</title>
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	<description>सदैव अपने पाठकों के साथ</description>
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	<title>श्योपुर &amp;#8211; Hindi News, Hindi Samachar, Latest News in Hindi: Navbharat Live</title>
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	<item>
		<title>चीतों के कूनो में अब &amp;#8216;कैराकल&amp;#8217; का जलवा, कैमरा ट्रैप में कैद हुई बेहद दुर्लभ जंगली बिल्ली, सीएम ने जताई खुशी</title>
		<link>https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/bhopal/caracal-spotted-in-kuno-national-park-sheopur-madhya-pradesh-1780024.html</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[प्रीतेश जैन]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 06 Jun 2026 15:27:55 +05:30</pubDate>
		<modifiedDate>Sat, 06 Jun 2026 15:27:55 +05:30</modifiedDate>
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		<category><![CDATA[Mohan Yadav]]></category>
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					<description><![CDATA[Kuno National Park News: श्योपुर के कूनो नेशनल पार्क में दुर्लभ कैराकल की मौजूदगी कैमरा ट्रैप में दर्ज हुई है। वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में इसे मध्यप्रदेश के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।]]></description>
													<content:encoded><![CDATA[<figure><img width="1280" height="720" src="https://images.navbharatlive.com/wp-content/uploads/2026/06/kuno-wild-cat_V_jpg--1280x720-4g.webp" class="attachment-full size-full wp-post-image" alt="Caracal Spotted In Kuno National Park Sheopur Madhya Pradesh"  fetchpriority="high"   /></figure><p><strong>Caracal Spotted in Kuno National Park:</strong> मध्य प्रदेश के श्योपुर स्थित कूनो नेशनल पार्क से वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में एक बड़ी और बेहद उत्साहजनक खबर सामने आई है। अफ्रीका से आए चीतों की दहाड़ के बाद, अब कूनो के जंगलों में लंबे समय बाद भारत की सबसे दुर्लभ और संकटग्रस्त प्रजातियों में शामिल जंगली बिल्ली &amp;#8216;कैराकल&amp;#8217; की मौजूदगी दर्ज की गई है। पार्क में चल रहे नियमित कैमरा ट्रैप सर्वे के दौरान इस अनोखे जीव की साफ तस्वीरें सामने आई हैं। कैराकल की इस वापसी के बाद वन विभाग के अधिकारियों और वन्यजीव विशेषज्ञों में खुशी की लहर है।</p>
<p>विश्व पर्यावरण दिवस के खास मौके पर सामने आई इस खोज को मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने राज्य के लिए एक बड़ी और ऐतिहासिक उपलब्धि बताया है। उन्होंने वन विभाग की सराहना करते हुए कहा कूनो नेशनल पार्क में कैराकल का दिखाई देना इस बात का पुख्ता प्रमाण है कि प्रदेश में वन्यजीव संरक्षण और उनके प्राकृतिक आवासों को सुरक्षित व समृद्ध बनाने के हमारे प्रयास सही दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।</p>
<h3>कैराकल का मिलना क्यों है खास?</h3>
<p>वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार, कैराकल (जिसे स्थानीय भाषा में &amp;#8216;सियारगोश&amp;#8217; भी कहा जाता है) भारत में विलुप्त होने की कगार पर खड़ी एक बेहद शर्मीली और चालाक प्रजाति है। यह बिल्ली प्रजाति ऊंचे घास के मैदानों और अर्ध-शुष्क जंगलों में रहना पसंद करती है। कैराकल एक शीर्ष शिकारी है, जो छोटे जीवों और पक्षियों का शिकार करता है। किसी भी जंगल में इसकी मौजूदगी का सीधा मतलब है कि वहां की खाद्य श्रृंखला पूरी तरह स्वस्थ और मजबूत है।</p>
<h3>कूनो के वातावरण में सुधार</h3>
<p><a href="https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/sheopur/project-cheetah-setback-four-cubs-killed-kuno-national-park-1728684.html">चीता प्रोजेक्ट</a> की शुरुआत के बाद से कूनो नेशनल पार्क के ग्रासलैंड को बड़े पैमाने पर विकसित और सुरक्षित किया गया है। कैराकल का यहां मिलना साबित करता है कि कूनो का प्राकृतिक माहौल अब अन्य दुर्लभ वन्यजीवों के पनपने के लिए भी पूरी तरह अनुकूल हो चुका है।</p>
<p><strong>ये भी पढ़ें : <a class="title" title="सागर का 'जिंदा' गांव: नाम सुनते ही चौंक जाते हैं लोग, इसके पीछे छिपी है रहस्यमयी लोककथा" href="https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/sagar/jinda-village-sagar-mysterious-story-behind-unique-name-1779645.html"><span class="color-red">सागर का &amp;#8216;जिंदा&amp;#8217; गांव</span>: नाम सुनते ही चौंक जाते हैं लोग, इसके पीछे छिपी है रहस्यमयी लोककथा</a></strong></p>
<h3>वन्यजीव प्रेमियों के लिए &amp;#8216;जैकपॉट&amp;#8217;</h3>
<p><a href="https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/bhopal/international-biodiversity-day-bhopal-2026-mp-declare-as-cheetah-state-1747063.html">कूनो नेशनल पार्क</a> प्रबंधन के अनुसार, कैमरा ट्रैप में आई तस्वीरें इस बात का संकेत हैं कि कूनो के जंगलों में मानवीय दखल कम हुआ है और शाकाहारी जीवों की संख्या बढ़ने से शिकारियों के लिए पर्याप्त भोजन उपलब्ध है। चीतों की सफलता के बाद कूनो के मुकुट में कैराकल के रूप में एक और नया हीरा जुड़ गया है, जिससे आने वाले समय में कूनो में पर्यटन और वन्यजीव अनुसंधान को और अधिक बढ़ावा मिलेगा।</p>
<p><iframe title="Barkatullah Vishwavidyalaya: भोपाल में बीयू से स्वतंत्रता संग्राम सेनानी का नाम हटाने  पर बवाल" width="500" height="281" src="https://www.youtube.com/embed/AoTE7LtUSGA" frameborder="0" allow="accelerometer; autoplay; clipboard-write; encrypted-media; gyroscope; picture-in-picture; web-share" referrerpolicy="strict-origin-when-cross-origin" allowfullscreen></iframe></p>
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		<title>MP News: श्योपुर में देवेंद्र अग्रवाल की मौत के बाद माहौल गरमाया; प्रदर्शनकारियों ने लगाए तहसीलदार पर आरोप</title>
		<link>https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/sheopur/public-hearing-devendra-agrawal-death-people-protest-allegation-on-tehsildar-1757329.html</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[सजल रघुवंशी]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 27 May 2026 15:00:01 +05:30</pubDate>
		<modifiedDate>Wed, 27 May 2026 15:00:01 +05:30</modifiedDate>
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					<description><![CDATA[Protest After Devendra Agrawal Death: जनसुनवाई के दौरान जहर पीने वाले देवेंद्र अग्रवाल की मौत के बाद लोगों में नाराजगी देखने को मिली। अग्रवाल समाज शव लेकर जय स्तंभ चौक पहुंचा और धरने पर बैठ गया।]]></description>
													<content:encoded><![CDATA[<figure><img width="1280" height="720" src="https://images.navbharatlive.com/wp-content/uploads/2026/05/Sheopur-Public-Hearing-Devendra-Agrawal-Death_V_jpg--1280x720-4g.webp" class="attachment-full size-full wp-post-image" alt="Public Hearing Devendra Agrawal Death People Protest Allegation On Tehsildar"     /></figure><p><strong>Sheopur Public Hearing Devendra Agrawal Death:</strong> श्योपुर में जनसुनवाई के दौरान जहर पीने वाले बुजुर्ग देवेंद्र अग्रवाल की मौत के बाद लोगों में भारी नाराजगी देखने को मिली। बुधवार सुबह अग्रवाल समाज समेत विभिन्न सामाजिक संगठनों के लोग देवेंद्र अग्रवाल का शव लेकर जय स्तंभ चौक पहुंचे और धरने पर बैठ गए।</p>
<p>प्रदर्शनकारियों ने अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाया। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते उनकी शिकायतों पर गंभीरता से कार्रवाई की जाती, तो यह दुखद घटना नहीं होती। मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया। प्रदर्शनकारी दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग पर अड़े रहे।</p>
<h3>प्रदर्शन कर रहे लोगों ने लगाए गंभीर आरोप</h3>
<p>प्रदर्शन कर रहे लोगों ने आरोप लगाया कि जनसुनवाई का उद्देश्य आम नागरिकों की समस्याओं का समाधान करना होता है लेकिन देवेंद्र अग्रवाल अपनी परेशानी लेकर अधिकारियों के पास पहुंचे तो उनकी बात को गंभीरता से नहीं लिया गया। लोगों का कहना है कि बुजुर्ग लगातार अधिकारियों को बता रहे थे कि उन्होंने जहर का सेवन कर लिया है, फिर भी वहां मौजूद अधिकारी और कर्मचारी तत्काल मदद करने के बजाय मामले को नजरअंदाज करते रहे। आरोप यह भी लगाए गए कि स्थिति की गंभीरता समझने के बजाय कुछ लोग फोटो और वीडियो बनाने में व्यस्त रहे, जिससे लोगों में प्रशासन के प्रति आक्रोश और बढ़ गया।</p>
<h3>प्रदर्शनकारियों ने तहसीलदार पर लगाया आरोप</h3>
<p>प्रदर्शन कर रहे लोगों ने इस घटना के लिए तहसीलदार मनीषा मिश्रा को जिम्मेदार ठहराते हुए उनके खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करने की मांग उठाई। जय स्तंभ चौक पर हुए <a href="https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/bhopal/awadhpuri-locals-protest-against-liquor-shop-and-give-warning-1706223.html">धरना-प्रदर्शन</a> के दौरान लोगों ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि अधिकारियों की लापरवाही और संवेदनहीन रवैये के कारण यह घटना हुई। मौके पर भारी भीड़ जुटी रही और लोगों में प्रशासन के प्रति गहरा आक्रोश देखने को मिला।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें: <a class="title" title="EXCLUSIVE: CBI खोलेगी ट्विशा शर्मा डेथ केस के राज, कानूनी बहस और गंभीर सवाल बरकरार" href="https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/jabalpur/bhopal-twisha-sharma-case-cbi-investigation-dinesh-upadhyay-statement-1757272.html"><span class="color-red">EXCLUSIVE</span>: CBI खोलेगी ट्विशा शर्मा डेथ केस के राज, कानूनी बहस और गंभीर सवाल बरकरार</a></strong></p>
<h3>पूरे शहर का माहौल गरमाया</h3>
<p>धरना-प्रदर्शन में पूर्व विधायक दुर्गालाल विजय, पूर्व <a href="https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/betul/neetu-parmar-rejoins-bjp-with-prahlad-singh-parmar-1731304.html">नगर पालिका</a> अध्यक्ष दौलतराम गुप्ता समेत कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। इसके अलावा बड़ी संख्या में शहरवासी भी प्रदर्शन में शामिल हुए और प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जाहिर की। घटना के बाद पूरे शहर में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है और प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर लगातार सवाल खड़े किए जा रहे हैं। लोगों का कहना है कि मामले में जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।</p>
<p><iframe title="MP: सागर में मासूम के साथ दरिंदगी की कोशिश, पुलिस ने आरोपी को दबोचा | Sagar News" width="500" height="281" src="https://www.youtube.com/embed/lZBkTxx3x6M" frameborder="0" allow="accelerometer; autoplay; clipboard-write; encrypted-media; gyroscope; picture-in-picture; web-share" referrerpolicy="strict-origin-when-cross-origin" allowfullscreen></iframe></p>
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			</item>
		<item>
		<title>श्योपुर में तेंदूपत्ता तोड़कर लौट रहे मजदूरों से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली पलटी; 28 घायल, 13 की हालत गंभीर</title>
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		<dc:creator><![CDATA[सजल रघुवंशी]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 17 May 2026 15:56:03 +05:30</pubDate>
		<modifiedDate>Sun, 17 May 2026 15:56:03 +05:30</modifiedDate>
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					<description><![CDATA[Sheopur News: श्योपुर के आवदा क्षेत्र में तेंदूपत्ता तोड़कर लौट रहे मजदूरों से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली पलटने से 28 लोग घायल हो गए। जिला अस्पताल में बेड कम पड़ने पर एक बेड पर दो मरीजों का इलाज करना पड़ा।]]></description>
													<content:encoded><![CDATA[<figure><img width="1280" height="720" src="https://images.navbharatlive.com/wp-content/uploads/2026/05/Sheopur-Tractor-Trolley-Accident_V_jpg--1280x720-4g.webp" class="attachment-full size-full wp-post-image" alt="Sheopur Tendon Leave Laborers Tractor Trolley Accident 28 Injured"     /></figure><p><strong>Sheopur Tractor Trolley Accident:</strong> रविवार दोपहर तेंदूपत्ता तोड़कर जंगल से लौट रहे मजदूरों से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली अचानक अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हालांकि राहत की बात यह रही कि इस दुर्घटना में कोई जनहानि नहीं हुई।</p>
<p>घटना में करीब 28 महिला और पुरुष मजदूर घायल हुए हैं, जिनमें से 13 लोगों को गंभीर चोटें आई हैं। घायलों को उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बताया जा रहा है कि सभी घायल केरका गांव के निवासी हैं।</p>
<h3>काम से घर लौट रहे थे मजूर</h3>
<p>यह मामला <a href="https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/bhopal/madhya-pradesh-monsoon-arrival-imd-prediction-june-2026-1735876.html">मध्य प्रदेश</a> के श्योपुर के आवदा क्षेत्र में भोजका-धावा और पनार गांवों की सीमा से लगे जंगल का बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, रोज की तरह रविवार तड़के करीब 4 बजे केरका गांव के लगभग 40 महिला और पुरुष मजदूर ट्रैक्टर-ट्रॉली में सवार होकर तेंदूपत्ता तोड़ने के लिए जंगल पहुंचे थे।  दोपहर में तेज धूप और भीषण गर्मी बढ़ने पर मजदूरों ने तेंदूपत्ता तोड़ने का काम बंद किया और ट्रैक्टर-ट्रॉली में सवार होकर घर लौटने लगे। इसी दौरान जंगल के रास्ते में चालक ने ओवरलोड ट्रैक्टर-ट्रॉली को तेज रफ्तार में मोड़ दिया, जिससे ट्रॉली का संतुलन बिगड़ गया। एक तरफ के पहिए उठने के बाद ट्रॉली पलट गई और मौके पर अफरा-तफरी मच गई।</p>
<h3>सभी मजदूर हुए चोटिल</h3>
<p>हादसे में ट्रॉली में सवार लगभग सभी मजदूरों को चोटें आईं। दुर्घटना के बाद घायल मजदूर किसी तरह सड़क तक पहुंचे और 108 एम्बुलेंस को सूचना दी। इसके बाद गंभीर रूप से घायल लोगों को जिला अस्पताल पहुंचाया गया।</p>
<h3>एक बेड पर लिटाने पड़े दो मरीज</h3>
<p><a href="https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/jabalpur/jabalpur-hc-notice-government-mandla-district-hospital-poor-condition-1729623.html">जिला अस्पताल</a> में घायल महिला और पुरुषों की संख्या अचानक बढ़ने से कुछ समय के लिए इमरजेंसी जैसी स्थिति बन गई। मरीजों की अधिक संख्या के कारण अस्पताल में बेड कम पड़ गए, जिससे डॉक्टरों को शुरुआती इलाज के दौरान एक ही बेड पर दो-दो मरीजों को लिटाना पड़ा। हालांकि, प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल प्रबंधन ने व्यवस्था संभाली और घायलों को वार्डों में उपलब्ध खाली बेड पर शिफ्ट कर दिया गया।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें: <a class="title" title="रिटायर्ड जज का 'दबाव'! नहीं मिल रहा वकीलों का साथ; ट्विशा के परिवार ने CM हाउस के बाहर किया प्रदर्शन" href="https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/bhopal/twisha-sharma-death-case-protest-outside-cm-house-1737616.html">रिटायर्ड जज का &amp;#8216;दबाव&amp;#8217;! नहीं मिल रहा वकीलों का साथ; ट्विशा के परिवार ने CM हाउस के बाहर किया प्रदर्शन</a></strong></p>
<p>ट्रैक्टर-ट्रॉली हादसे में घायल हुए सभी लोगों को तुरंत प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया गया, जिसके बाद उन्हें वार्ड में भर्ती कर शिफ्ट कर दिया गया। फिलहाल किसी भी घायल की हालत ज्यादा गंभीर नहीं बताई जा रही है।</p>
<p><iframe loading="lazy" title="Bhopal में शिक्षक भर्ती को लेकर प्रदर्शन | Bhopal News | Teacher Recruitment Protest | MP News" width="500" height="281" src="https://www.youtube.com/embed/1W7v3nX9P0o" frameborder="0" allow="accelerometer; autoplay; clipboard-write; encrypted-media; gyroscope; picture-in-picture; web-share" referrerpolicy="strict-origin-when-cross-origin" allowfullscreen></iframe></p>
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			</item>
		<item>
		<title>MP News: तरबूज बना &amp;#8216;काल&amp;#8217;? श्योपुर में पिता की मौत, बेटा गंभीर; मुंबई जैसी घटना से मचा हड़कंप</title>
		<link>https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/sheopur/watermelon-death-case-father-died-son-serious-1734743.html</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[सजल रघुवंशी]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 15 May 2026 21:43:24 +05:30</pubDate>
		<modifiedDate>Fri, 15 May 2026 21:44:06 +05:30</modifiedDate>
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						<category><![CDATA[मध्य प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[श्योपुर]]></category>
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		<category><![CDATA[MP News]]></category>
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					<description><![CDATA[Sheopur Watermelon Death Case: तरबूज खाने के बाद पिता की मौत और बेटे की हालत गंभीर होने से हड़कंप मच गया है। मुंबई की घटना से तार जोड़ते हुए पुलिस फूड पॉइजनिंग और जहरीले रसायनों की जांच कर रही है।]]></description>
													<content:encoded><![CDATA[<figure><img width="1280" height="720" src="https://images.navbharatlive.com/wp-content/uploads/2026/05/Sheopur-Watermelon-Death-Case_V_jpg--1280x720-4g.webp" class="attachment-full size-full wp-post-image" alt="Watermelon Death Case Father Died Son Serious"     /></figure><p><strong>Sheopur News:</strong> मुंबई में एक ही परिवार के चार लोगों की रहस्यमयी मौत के मामले के बाद अब मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले से भी चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां तरबूज खाने के बाद एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि उसका बेटा अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा है। शुक्रवार को घटना सामने आते ही इलाके में सनसनी फैल गई।</p>
<p>जानकारी के अनुसार, श्योपुर शहर में रिलायंस पेट्रोल पंप के पास किराए के मकान में आगर-मालवा निवासी इंद्रसिंह परमार (43) अपने 21 वर्षीय बेटे विनोद के साथ रहते थे। बताया जा रहा है कि गुरुवार रात भोजन करने के बाद पिता और बेटे को सीने में जलन और घबराहट महसूस हुई लेकिन उन्होंने इसे सामान्य मानकर नजरअंदाज कर दिया और सो गए।</p>
<h3>शुक्रवार को अचानक बिगड़ी तबीयत</h3>
<p>शुक्रवार को उनकी तबीयत फिर बिगड़ गई और सीने में तेज जलन होने लगी। दोनों को लगा कि यह गर्मी की वजह से हो रहा है इसलिए ठंडक पाने के लिए उन्होंने तरबूज खाया। हालांकि तरबूज खाने के कुछ देर बाद ही उनकी हालत और ज्यादा खराब हो गई। उन्हें उल्टियां, घबराहट और तेज बेचैनी की शिकायत होने लगी।</p>
<h3>अस्पताल ले जाते वक्त इंद्रसिंह ने तोड़ा दम</h3>
<p>पिता और बेटे दोनों की तबीयत बिगड़ती देख परिजन उन्हें तुरंत <a href="https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/jabalpur/jabalpur-hc-notice-government-mandla-district-hospital-poor-condition-1729623.html">जिला अस्पताल</a> लेकर पहुंचे। वहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद दोनों को कोटा रेफर कर दिया। इसी दौरान इंद्रसिंह की हालत लगातार गंभीर होती गई। परिजन उन्हें और उनके बेटे को लेकर कोटा के लिए रवाना हुए, लेकिन रास्ते में ही इंद्रसिंह ने दम तोड़ दिया। वहीं, विनोद का इलाज कोटा के अस्पताल में जारी है और उसकी हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है।</p>
<h3>शुरूआती जांच में क्या आया सामने</h3>
<p>डॉक्टरों ने शुरुआती जांच के बाद तरबूज खाने से तबीयत बिगड़ने की संभावना को खारिज कर दिया है। हालांकि, आशंका जताई जा रही है कि <a href="https://navbharatlive.com/maharashtra/gondia/gondia-nursing-students-food-poisoning-kts-hospital-1630785.html">फूड पॉइजनिंग</a> या किसी अन्य संक्रमण के कारण उनकी तबीयत खराब हुई हो सकती है।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें: <a class="title" title="बाढ़ से निपटने का 'मास्टर प्लान' तैयार! 34 गांवों पर प्रशासन की पैनी नजर; शिक्षकों को सौंपी गई बड़ी जिम्मेदारी" href="https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/khargone/flood-disaster-management-plan-2026-34-villages-narmada-river-alert-1734704.html">बाढ़ से निपटने का &amp;#8216;मास्टर प्लान&amp;#8217; तैयार! 34 गांवों पर प्रशासन की पैनी नजर; शिक्षकों को सौंपी गई बड़ी जिम्मेदारी</a></strong></p>
<h3>मुंबई में हुई थी तरबूज खाने से चार व्यक्तियों की मौत</h3>
<p>जानकारी के अनुसार, मुंबई में तरबूज खाने के बाद एक ही परिवार के चार सदस्यों की मौत की घटना ने काफी सनसनी फैला दी थी। डोकाडिया परिवार के चार लोगों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई, जिसकी जांच में सामने आया कि यह मामला ‘जिंक फॉस्फाइड’ (Zinc Phosphide) नामक जहरीले पदार्थ से जुड़ा हो सकता है, जिसका उपयोग आमतौर पर चूहों को मारने वाली दवा में किया जाता है।</p>
<p><iframe loading="lazy" title="Bhojshala पर HC का बड़ा फैसला! आखिर क्या है पूरा विवाद" width="500" height="281" src="https://www.youtube.com/embed/dRi7lIiKhM0" frameborder="0" allow="accelerometer; autoplay; clipboard-write; encrypted-media; gyroscope; picture-in-picture; web-share" referrerpolicy="strict-origin-when-cross-origin" allowfullscreen></iframe></p>
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			</item>
		<item>
		<title>Kuno National Park: कूनो में फिर पसरा सन्नाटा, मादा चीता के चार शावकों की मौत, &amp;#8216;Project Cheetah&amp;#8217; पर उठे सवाल</title>
		<link>https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/sheopur/project-cheetah-setback-four-cubs-killed-kuno-national-park-1728684.html</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[सुधीर दंडोतिया]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 12 May 2026 19:21:09 +05:30</pubDate>
		<modifiedDate>Tue, 12 May 2026 19:21:09 +05:30</modifiedDate>
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		<category><![CDATA[Kuno National Park]]></category>
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					<description><![CDATA[Cheetah cub deaths: कूनो नेशनल पार्क में मादा चीता KGP12 के चार शावकों की मौत ने एक बार फिर प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।  जंगली जानवर के शिकार की आशंका]]></description>
													<content:encoded><![CDATA[<figure><img width="1280" height="720" src="https://images.navbharatlive.com/wp-content/uploads/2026/05/Cheetah-cub-deaths_V_jpg--1280x720-4g.webp" class="attachment-full size-full wp-post-image" alt="Project Cheetah Setback Four Cubs Killed Kuno National Park"     /></figure><p><strong>Cheetah Cub Deaths:</strong> कूनो नेशनल पार्क में मादा चीता KGP12 के चार शावकों की मौत ने एक बार फिर प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। शव आंशिक रूप से खाए हुए मिले हैं, जिससे जंगली जानवर के शिकार की आशंका है।</p>
<p>Cheetah conservation challenges: कूनो नेशनल पार्क में चीतों के संरक्षण को लेकर चल रहे तमाम प्रयासों के बावजूद, एक बार फिर चार चीता शावकों की मौत ने परियोजना की गंभीरता पर गहरे सवाल खड़े कर दिए हैं। श्योपुर स्थित इस राष्ट्रीय उद्यान में मादा चीता KGP12 के इन चारों शावकों के शव मंगलवार सुबह मॉनिटरिंग टीम को डेन साइट यानी मांद के बेहद करीब पड़े मिले। यह घटना तब सामने आई है जब पार्क में चीतों की सुरक्षा और निगरानी के लिए उच्च स्तरीय तंत्र और व्यापक इंतजाम होने का दावा किया जाता रहा है। ऐसे में इन मौतों का कोई स्पष्ट कारण सामने न आना प्रबंधन की क्षमता पर प्रश्नचिह्न लगाता है।</p>
<h3>मांद के पास मिले आंशिक रूप से खाए हुए शव</h3>
<p>वन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, मॉनिटरिंग टीम को ये चारों शावक अपनी मांद (Den site) के बेहद करीब मृत अवस्था में मिले। प्रारंभिक जांच में शावकों के शरीर पर चोट के निशान पाए गए हैं और उनके शव आंशिक रूप से खाए हुए थे। विशेषज्ञों का मानना है कि किसी जंगली <a href="https://navbharatlive.com/article/two-hunters-of-wild-animals-and-birds-arrested-22475.html">शिकारी जानवर</a> (जैसे तेंदुआ) ने मांद में घुसकर इन पर हमला किया है।</p>
<h3>प्रबंधन की लापरवाही पर उठ रहे सवाल</h3>
<p>यह घटना उस समय हुई है जब पार्क प्रशासन चीतों की &amp;#8216;चौबीस घंटे&amp;#8217; निगरानी और अत्याधुनिक सुरक्षा घेरे का दावा करता रहा है। सवाल यह उठ रहा है कि यदि चीते सुरक्षित बाड़ों (Bomas) के भीतर थे, तो बाहरी शिकारी वहां तक कैसे पहुँचा"https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/sheopur/madhya-pradesh-cheetah-state-kuno-national-park-update-1725386.html">प्रोजेक्ट चीता</a> की गंभीरता और पार्क के भीतर अन्य शिकारियों के नियंत्रण पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें :<a href="https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/sheopur/madhya-pradesh-cheetah-state-kuno-national-park-update-1725386.html"> MP बना ‘चीता स्टेट’: कूनो नेशनल पार्क के खुले जंगल में छोड़ी गईं दो और मादा चीते</a></strong></p>
<h3>अब केवल 53 चीते बचे</h3>
<p>इन चार शावकों की मृत्यु के बाद, भारत में चीतों की कुल संख्या घटकर अब 53 रह गई है। बार-बार हो रही शावकों की मौतें संरक्षणवादियों के लिए चिंता का विषय बन गई हैं। हालांकि, वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद हैं और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है, ताकि मौत के सटीक कारणों का पता लगाया जा सके।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>Cheetah State Madhya Pradesh: MP बना &amp;#8216;चीता स्टेट&amp;#8217;: कूनो नेशनल पार्क के खुले जंगल में छोड़ी गईं दो और मादा चीते</title>
		<link>https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/sheopur/madhya-pradesh-cheetah-state-kuno-national-park-update-1725386.html</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[सुधीर दंडोतिया]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 11 May 2026 11:57:51 +05:30</pubDate>
		<modifiedDate>Mon, 11 May 2026 11:57:51 +05:30</modifiedDate>
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					<description><![CDATA[Kuno National Park Cheetah Project: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किया विमुक्त; प्रदेश में चीतों का कुनबा बढ़कर हुआ 57, कूनो के साथ गांधी सागर में भी बढ़ी रौनक।]]></description>
													<content:encoded><![CDATA[<figure><img width="1280" height="720" src="https://images.navbharatlive.com/wp-content/uploads/2026/05/cheetah_V_jpg--1280x720-4g.webp" class="attachment-full size-full wp-post-image" alt="Madhya Pradesh Cheetah State Kuno National Park Update"     /></figure><p><strong>Cheetah Reintroduction India 2026:</strong> मध्यप्रदेश ने वन्यजीव संरक्षण और जैव विविधता के क्षेत्र में एक और स्वर्णिम अध्याय लिख दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने श्योपुर जिले के प्रसिद्ध कूनो नेशनल पार्क (KNP) का दौरा कर दो मादा चीतों, CCV-2 और CCV-3, को बड़े बाड़ों से मुक्त कर खुले जंगल में छोड़ा ।</p>
<p>इसके साथ ही भारत का महत्वाकांक्षी &amp;#8216;चीता प्रोजेक्ट&amp;#8217; सफलता के एक नए पायदान पर पहुँच गया है।</p>
<h3>मध्यप्रदेश रच रहा नए कीर्तिमान</h3>
<p>मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश की धरती ने चीतों को अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराकर , उन्हें पुनर्स्थापित करने का महत्वपूर्ण कार्य कर अपने परिवार का हिस्सा बनाया है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने लगभग साढ़े तीन वर्ष पहले कूनो में चीता प्रोजेक्ट की शुरुआत की थी। आज देश में चीता पुनर्स्थापना का यह प्रोजेक्ट सफलता के साथ में आयामों की ओर तेजी से बढ़ रहा है। इस महत्वपूर्ण कार्य में मध्यप्रदेश नित नए कीर्तिमान रच रहा है।</p>
<h3>चीता स्टेट के रूप में प्रदेश की पहचान</h3>
<p>मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश धर्म, निवेश एवं जैव विविधता के प्रमुख केंद्र के रूप में उभर रहा है। नाइजीरिया, दक्षिण अफ्रीका और अब बोत्सवाना से लाए गए चीतों के पुनर्स्थापन को निरंतर सफलता मिल रही हैं और आज प्रदेश ने देशभर में चीता स्टेट के रूप में पहचान बनाई है। वर्तमान में चीतों की संख्या 57 है, जिनमें से 54 कूनो नेशनल पार्क में और 03 गांधी सागर अभ्यारण्य में है।</p>
<h3>फरवरी में बोत्सवाना से आये 9 चीते</h3>
<p>फरवरी 2026 के अंत में बोत्सवाना से नौ नए चीते कूनो नेशनल पार्क लाए गए थे। इनमें 6 मादा और 3 नर शामिल हैं। इन चीतों के आगमन के साथ भारत में चीतों की कुल संख्या, देश में जन्मे शावकों सहित, बढ़कर 57 हो गई है। यह ‘प्रोजेक्ट चीता’ के अंतर्गत तीसरा बड़ा अंतर्राष्ट्रीय चरण है। नामीबिया से 17 सितंबर 2022 को 8 चीते भारत लाए गए थे, जबकि वर्ष 2023 में दक्षिण अफ्रीका से 12 चीते कूनो पहुंचे थे। बोत्सवाना से आए चीतों को <a href="https://navbharatlive.com/elections/end-of-left-in-indian-politics-no-left-government-in-india-50-years-india-1713324.html">भारतीय</a> वायुसेना के विशेष विमान के माध्यम से ग्वालियर लाया गया था। यहां से उन्हें हेलीकॉप्टर द्वारा कूनो नेशनल पार्क पहुंचाया गया।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें : <a href="https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/bhopal/bhopal-wild-animal-terror-tiger-or-leopard-movement-in-7-villages-halali-river-1723665.html">भोपाल के 7 गांवों में जंगली जानवर का आतंक, बाघ या तेंदुआ पहचानने में जुटा वन विभाग</a></strong></p>
<h3>पर्यटन और अर्थव्यवस्था को मिलेगा बढ़ावा</h3>
<p>&amp;#8216;चीता स्टेट&amp;#8217; के रूप में मध्यप्रदेश की बढ़ती ख्याति से न केवल अंतरराष्ट्रीय पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि श्योपुर और आसपास के क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। <a href="https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/rajgarh/kuno-national-park-cheetah-kp3-movement-in-rajgarh-madhya-pradesh-1708105.html">कूनो</a> अब दुनिया भर के वन्यजीव प्रेमियों और शोधकर्ताओं के लिए आकर्षण का केंद्र बन गया है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>दूसरी बार कूनो से भागा केएपी-2, रणथंभौर के टाइगरों के इलाके में दी दस्तक; वन विभाग ने किया सुरक्षित रेस्क्यू</title>
		<link>https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/sheopur/cheetah-kap-2-rescue-ranthambore-mp-wildlife-news-1724209.html</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[सजल रघुवंशी]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 10 May 2026 17:39:53 +05:30</pubDate>
		<modifiedDate>Sun, 10 May 2026 17:44:19 +05:30</modifiedDate>
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						<category><![CDATA[मध्य प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[श्योपुर]]></category>
		<category><![CDATA[Kuno National Park]]></category>
		<category><![CDATA[Madhya Pradesh]]></category>
		<category><![CDATA[MP News]]></category>
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					<description><![CDATA[MP News: चीता केएपी-2 नई टेरिटरी की तलाश में कूनो से निकलकर रणथंभौर पहुंच गया था। निगरानी के बाद वन विभाग ने उसे रेस्क्यू करने का निर्णय लिया। करीब दो घंटे चले ऑपरेशन के दौरान चीते को पकड़ा गया।]]></description>
													<content:encoded><![CDATA[<figure><img width="1280" height="720" src="https://images.navbharatlive.com/wp-content/uploads/2026/05/Cheetah-KAP-2_V_png--1280x720-4g.webp" class="attachment-full size-full wp-post-image" alt="Cheetah Kap 2 Rescue Ranthambore Mp Wildlife News"     /></figure><p><strong>Cheetah KAP-2 Rescue:</strong> चीता केएपी-2 नई टेरिटरी की तलाश में कूनो से निकलकर रणथंभौर पहुंच गया था। लगातार निगरानी के बाद वन विभाग ने उसे रेस्क्यू करने का निर्णय लिया। करीब दो घंटे चले ऑपरेशन के दौरान चीते को सुरक्षित पकड़ा गया। स्वास्थ्य परीक्षण पूरा होने के बाद उसे दोबारा जंगल में छोड़ दिया गया।</p>
<p>चीता केएपी-2 को कूनो नेशनल पार्क में बसाए गए चीतों में सबसे ज्यादा घूमने वाले चीतों में माना जा रहा है। नए इलाके की तलाश में उसने अप्रैल के दौरान अपना निर्धारित क्षेत्र छोड़ दिया और लगातार कई जंगलों को पार करते हुए राजस्थान की सीमा तक पहुंच गया। वन विभाग की ट्रैकिंग में पता चला कि यह नर चीता मध्य प्रदेश से निकलकर कोटा जिले के इटावा क्षेत्र तक जा पहुंचा था।</p>
<h3>कोटा के इटावा से पहुंचा रणथंभौर</h3>
<p>बता दें कि चीता इटावा इलाके से होते हुए रणथंभौर <a href="https://navbharatlive.com/travel/these-tiger-reserves-in-india-have-the-highest-number-of-tigers-1456425.html">टाइगर रिजर्व</a> की तरफ आगे बढ़ गया, जो सवाई माधोपुर क्षेत्र में जा पहुंचा। जानकारी के अनुसार वह 20 दिन से ज्याादा तक सिर्फ फलौदी रेंज के जंगलों में ही घूमता रहा। इसी दौरान उसकी एक्टिविटि पर वन विभाग की नजर बनी हुई थी।</p>
<h3>रिहायशी इलाकों में भी पहुंच गया था चीता</h3>
<p>कूनो और रणथंभौर दोनों क्षेत्रों की टीमों ने चीते की हर गतिविधि पर लगातार निगरानी रखी हुई थी। शुरुआती चरण में उसे स्वाभाविक रूप से विचरण करने दिया गया था। हालांकि जैसे ही वह आबादी वाले इलाकों की ओर बढ़ने लगा, स्थिति चिंताजनक हो गई। स्थानीय लोगों की सुरक्षा और चीते के संरक्षण को ध्यान में रखते हुए उसे पकड़ने का निर्णय लिया गया। इसके बाद <a href="https://navbharatlive.com/maharashtra/bhandara/bhandara-forest-department-plantation-projects-delayed-government-approval-1698385.html">वन विभाग</a> ने मौके का मूल्यांकन कर तुरंत रेस्क्यू अभियान की रणनीति तैयार कर उसे अमल में लाया।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें: <a class="title" title="ISI के जाल में MP के तीन युवक! दिल्ली के ऐतिहासिक मंदिर और सैन्य कैंप को दहलाने की थी साजिश; ऐसे हुआ खुलासा" href="https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/bhopal/delhi-police-arrested-mp-youths-isi-link-terror-conspiracy-1724088.html">ISI के जाल में MP के तीन युवक! दिल्ली के ऐतिहासिक मंदिर और सैन्य कैंप को दहलाने की थी साजिश; ऐसे हुआ खुलासा</a></strong></p>
<h3>इससे पहले भी भाग चुका है चीता</h3>
<p>गौरतलब है कि, यह पहली बार नहीं है जब केएपी-2 को राजस्थान से वापस लाना पड़ा हो। इससे पहले भी मार्च 2026 में उसे कोटा जिले के इटावा क्षेत्र से रेस्क्यू किया गया था। इसके बावजूद वह एक बार फिर अपनी निर्धारित टेरिटरी से बाहर निकल गया। यह स्थिति कूनो प्रबंधन के लिए नई चुनौती के रूप में सामने आई है। खुले जंगल में छोड़े गए चीते लगातार लंबी दूरी तय कर रहे हैं। ऐसे में वन विभाग उनकी गतिविधियों पर अब और अधिक सतर्कता के साथ नजर रख रहा है।</p>
<p><iframe loading="lazy" title="Bhopal News: नगर निगम ने रेलवे की जमीन पर बनाया सुलभ शौचालय। रेलवे ने शौचालय के पास उठा दी दीवार" width="500" height="281" src="https://www.youtube.com/embed/mlHeow0DT6Y" frameborder="0" allow="accelerometer; autoplay; clipboard-write; encrypted-media; gyroscope; picture-in-picture; web-share" referrerpolicy="strict-origin-when-cross-origin" allowfullscreen></iframe></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>Madhya Pradesh Wildlife Leader: जंगल में दौड़ने तैयार मादा चीता, टाइगर स्टेट से आगे MP बन रहा वाइल्डलाइफ लीडर</title>
		<link>https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/sheopur/mp-wildlife-conservation-project-cheetah-tiger-reserve-1723550.html</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[सुधीर दंडोतिया]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 10 May 2026 13:27:03 +05:30</pubDate>
		<modifiedDate>Sun, 10 May 2026 13:30:09 +05:30</modifiedDate>
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						<category><![CDATA[भोपाल]]></category>
		<category><![CDATA[मध्य प्रदेश]]></category>
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		<category><![CDATA[Cheetah Project]]></category>
		<category><![CDATA[Kuno National Park]]></category>
		<category><![CDATA[Mohan Yadav]]></category>
		<category><![CDATA[Tiger]]></category>
		<category><![CDATA[Wildlife Sanctuary]]></category>
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					<description><![CDATA[MP Wildlife Conservation: CM डॉ. मोहन यादव 10-11 मई को श्योपुर जिले स्थित कूनो नेशनल पार्क वे  बोत्सवाना से लाई गई दो मादा चीतों को उनके बाड़े से वन क्षेत्र में मुक्त करेंगे ]]></description>
													<content:encoded><![CDATA[<figure><img width="1280" height="720" src="https://images.navbharatlive.com/wp-content/uploads/2026/05/wild-life-leader_V_jpg--1280x720-4g.webp" class="attachment-full size-full wp-post-image" alt="Mp Wildlife Conservation Project Cheetah Tiger Reserve"     /></figure><p><strong>Madhya Pradesh Tiger State:</strong>  MP ने एक बार फिर साबित किया है कि यदि राजनीतिक इच्छाशक्ति, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और संरक्षण के प्रति संवेदनशील नेतृत्व साथ आए तो वन्यजीव संरक्षण केवल सरकारी योजना नहीं, बल्कि एक जनआंदोलन बन सकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में राज्य आज वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। इस क्षेत्र में प्रदेश देशभर के लिए एक मॉडल बनता दिखाई दे रहा है।</p>
<p>दिसंबर-2023 में मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद से डॉ. मोहन यादव ने वन्यजीव संरक्षण को केवल पर्यावरणीय मुद्दा नहीं माना, बल्कि इसे सांस्कृतिक विरासत-जैव विविधता-पर्यटन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जोड़कर देखा। यही कारण है कि बीते डेढ़ वर्षों में मध्यप्रदेश में अभूतपूर्व निर्णय लिए गए।</p>
<h3>रातापानी टाइगर रिजर्व को देश का 8वां और प्रदेश का नया टाइगर रिजर्व बना</h3>
<p>सबसे बड़ा फैसला रातापानी टाइगर रिजर्व को देश का 8वां और प्रदेश का नया टाइगर रिजर्व घोषित करना रहा। वर्ष 2008 में नेशनल टाइगर कंजर्वेशन अथॉरिटी से अनुमति मिलने के बावजूद यह प्रस्ताव करीब 17 वर्षों तक लंबित रहा, लेकिन मुख्यमंत्री डॉ. यादव के कार्यकाल में इसे मंजूरी मिली। रातापानी की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह देश का पहला ऐसा टाइगर रिजर्व है, जो किसी राज्य की राजधानी के सबसे करीब स्थित है।</p>
<h3>माधव टाइगर रिजर्व  मानव और वन्यजीव संघर्ष कम करने की पहल</h3>
<p>मार्च-2025 में माधव टाइगर रिजर्व को प्रदेश का 9वां टाइगर रिजर्व घोषित किया गया। यहां 13 किलोमीटर लंबी सुरक्षा दीवार का निर्माण केवल एक इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट नहीं, बल्कि मानव-वन्यजीव संघर्ष कम करने की व्यावहारिक रणनीति के रूप में देखा जा रहा है। वन्यजीव विशेषज्ञ मानते हैं कि भारत में संरक्षण की सबसे बड़ी चुनौती अब शिकार नहीं, बल्कि मानव और वन्यजीव के बीच बढ़ता टकराव है। ऐसे में यह पहल भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर उठाया गया कदम मानी जा रही है।</p>
<h3>गिद्ध संरक्षण में देश का नेतृत्व</h3>
<p>कभी विलुप्ति के कगार पर पहुंचे गिद्धों की वापसी में मध्यप्रदेश देश का सबसे बड़ा केंद्र बनकर उभरा है। आज राज्य में 14 हजार से अधिक वल्चर मौजूद हैं, जो देश में सर्वाधिक हैं। बॉम्बे नेचुरल हिस्ट्री सोसायटी और वन विहार <a href="https://navbharatlive.com/maharashtra/mumbai/sanjay-gandhi-national-park-vanrani-mini-train-restart-mumbai-1609493.html">नेशनल पार्क</a> के सहयोग से भोपाल के केरवा क्षेत्र में घायल गिद्धों के लिए रेस्क्यू सेंटर संचालित किया जा रहा है। हाल ही में मुख्यमंत्री द्वारा मुक्त किया गया एक गिद्ध उज्बेकिस्तान तक की लंबी उड़ान पूरी कर चुका है, जो इस संरक्षण अभियान की सफलता का प्रतीक माना जा रहा है।</p>
<h3>कूनो अब केवल चीता परियोजना नहीं, वैश्विक संरक्षण प्रयोगशाला</h3>
<p>कूनो नेशनल पार्क में किए जा रहे कार्य आज पूरी दुनिया के संरक्षण वैज्ञानिकों की नजर में है। ‘प्रोजेक्ट चीता’ की सफलता के बाद यहां चीतों की संख्या 57 तक पहुंच चुकी है।  इसके साथ ही गांधी सागर <a href="https://navbharatlive.com/travel/these-tiger-reserves-in-india-have-the-highest-number-of-tigers-1456425.html">वाइल्डलाइफ</a> सेंचुरी को चीतों के दूसरे आवास और नौरादेही वाइल्डलाइफ सेंचुरी को तीसरे बड़े चीता लैंडस्केप के रूप में विकसित किया जा रहा है। नौरादेही में सॉफ्ट रिलीज बोमा निर्माण का भूमिपूजन इस परियोजना के अगले चरण की शुरुआत माना जा रहा है।</p>
<p>घड़ियाल, मगरमच्छ और कछुओं के संरक्षण पर फोकसनेशनल चंबल सेंचुरी दुनिया में घड़ियालों की सबसे बड़ी शरणस्थली मानी जाती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा हाल ही में कूनो नदी में घड़ियाल और कछुए छोड़े गए, जबकि नर्मदा नदी में मगरमच्छों की संख्या बढ़ाने के लिए भी विशेष पहल शुरू की गई है। ओंकारेश्वर क्षेत्र में मगरमच्छ छोड़े जाने को नर्मदा के इको-सिस्टम के दोबारा संतुलन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें: <a href="https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/kuno-national-park-cheetah-to-give-birth-mohan-yadav-shared-good-news-madhya-pradesh-1013551.html">कूनो नेशनल पार्क में गूंजेगी किलकारी! CM मोहन यादव की गुड न्यूज- एक और मादा चीता प्रेग्नेंट</a></strong></p>
<h3>हाथी संरक्षण संघर्ष से सह-अस्तित्व की ओर</h3>
<p>राज्य सरकार ने हाथियों के संरक्षण और मानव-हाथी संघर्ष कम करने के लिए 47 करोड़ रुपये से अधिक की व्यापक योजना को मंजूरी दी है। ‘हाथी मित्र’ योजना, रेडियो टैगिंग, सोलर फेंसिंग और राज्य स्तरीय हाथी टास्क फोर्स जैसे कदम यह संकेत देते हैं कि मध्यप्रदेश अब केवल संकट के बाद प्रतिक्रिया देने की बजाय वैज्ञानिक और दीर्घकालिक प्रबंधन मॉडल की ओर बढ़ रहा है। विशेष रूप से मुआवजा राशि को 8 लाख से बढ़ाकर 25 लाख रुपये करना वन्यजीव संरक्षण के प्रति सामाजिक स्वीकार्यता बढ़ाने की दिशा में अहम निर्णय माना जा रहा है।इसके अलावा मध्यप्रदेश में कान्हा, बांधवगढ़, पन्ना और पेंच को जोड़ने वाली 5500 करोड़ रुपये से अधिक की मेगा टाइगर कॉरिडोर परियोजना पर काम चल रहा है</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>बच्चा चोरी गैंग का पर्दाफाश: श्योपुर हाईवे पर मिली 2 साल की मासूम केस में बड़ा खुलासा; जानें पूरा मामला</title>
		<link>https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/sheopur/highway-child-abandoned-case-pollice-arrest-6-accused-1713437.html</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[सजल रघुवंशी]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 04 May 2026 17:34:00 +05:30</pubDate>
		<modifiedDate>Mon, 04 May 2026 17:34:00 +05:30</modifiedDate>
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						<category><![CDATA[मध्य प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[श्योपुर]]></category>
		<category><![CDATA[Madhya Pradesh]]></category>
		<category><![CDATA[MP News]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://navbharatlive.com/?p=1713437</guid>

					<description><![CDATA[Child Trafficking Racket Exposed: श्योपुर हाईवे पर मिली बच्ची के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है, 1 लाख रुपये में बिकी थी मासूम। पुलिस ने 6 आरोपियों को किया गिरफ्तार।]]></description>
													<content:encoded><![CDATA[<figure><img width="1280" height="720" src="https://images.navbharatlive.com/wp-content/uploads/2026/05/Sheopur-Case_V_jpg--1280x720-4g.webp" class="attachment-full size-full wp-post-image" alt="Highway Child Abandoned Case Pollice Arrest 6 Accused"     /></figure><p><strong>Sheopur Highway Child Abandoned Case:</strong> मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले से एक बेहद संवेदनशील और चौंकाने वाली घटना सामने आई है। करीब दो साल की एक मासूम बच्ची सुनसान हाईवे पर अकेली और असहाय अवस्था में मिली। यह मामला 18 अप्रैल को तब सामने आया, जब नेशनल हाईवे-552 पर सोईकलां के पास दांतरदा बैरियर के करीब बच्ची को बिना किसी सहारे के पाया गया।</p>
<p>बच्ची की स्थिति और वहां मौजूद हालात ने पुलिस को भी हैरान कर दिया। शुरुआती जांच के दौरान ही यह आशंका जताई गई कि किसी ने जानबूझकर उसे वहां छोड़ दिया और मौके से फरार हो गया। इसके बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सभी संभावित पहलुओं पर जांच शुरू कर दी।</p>
<h3>जांच में आई सच्चाई सामने</h3>
<p>घटना की पड़ताल के दौरान आसपास लगे <a href="https://navbharatlive.com/maharashtra/bhandara/tumsar-cctv-project-failure-36-lakh-security-system-technical-issues-1711470.html">सीसीटीवी कैमरों</a> की फुटेज खंगाली गई, गुजरने वाले वाहनों की आवाजाही को ट्रैक किया गया और तमाम डिजिटल सबूत जुटाए गए। जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ी, सामने आई जानकारी ने सभी को चौंका दिया। पुलिस को पता चला कि बच्ची को वर्ष 2024 में जन्म के कुछ ही समय बाद उसकी जैविक मां से अलग कर दिया गया था। इसके बाद एक संगठित गिरोह के माध्यम से उसे अलग-अलग लोगों को सौंपते हुए इंदौर तक पहुंचाया गया।</p>
<h3>एक लाख रुपये में बच्ची को बेचा</h3>
<p><a href="https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/bhopal/madhya-pradesh-ucc-preparations-public-consultation-before-bill-1712624.html">मध्य प्रदेश</a> के इंदौर में एक ब्यूटी पार्लर चलाने वाली नीता जैन और उसके पति वैभव जैन ने इस बच्ची को राजगढ़ के रहने वाले दंपती आकाश और कृतिका को लगभग एक लाख रुपये में सौंप दिया था। इसके बाद करीब दो वर्षों तक बच्ची उसी दंपती के साथ रही। हालांकि, बाद में यही दंपती उसे श्योपुर लेकर आए और एक सुनसान स्थान पर छोड़कर मौके से फरार हो गए।</p>
<h3>बड़े नेटवर्क का हुआ खुलासा</h3>
<p>जांच एजेंसियों ने बैंक लेनदेन, मोबाइल कॉल डिटेल्स और डिजिटल ट्रेल की मदद से पूरे मामले की परतें खोलते हुए नेटवर्क की कड़ियों को आपस में जोड़ा। गहन जांच के बाद पुलिस ने विभिन्न स्थानों पर दबिश देकर छह आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनमें बच्ची को लेने वाला दंपती, सौदे के बीच काम करने वाले बिचौलिए और गिरोह से जुड़े अन्य सदस्य शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक, यह मामला नवजात बच्चों की अवैध खरीद-फरोख्त से जुड़े एक संगठित गिरोह का हिस्सा है। फिलहाल पुलिस इस पूरे नेटवर्क के अन्य संभावित कनेक्शनों की भी गहराई से जांच कर रही है।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें: <a class="title" title="बंगाल की जीत का जश्न और आंखों में नमी, भावुक हुए कैलाश विजयवर्गीय; कही बड़ी बात- देखें VIDEO" href="https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/indore/kailash-vijayvargiya-emotional-on-bengal-election-trend-1713282.html">बंगाल की जीत का जश्न और आंखों में नमी, भावुक हुए कैलाश विजयवर्गीय; कही बड़ी बात- देखें VIDEO</a></strong></p>
<h3>बच्ची को मां से अलग करने वाली महिला फरार</h3>
<p>इस पूरे प्रकरण में एक महिला की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण मानी जा रही है। आरोप है कि उसी ने बच्ची को उसकी जैविक मां से अलग कराने में मुख्य भूमिका निभाई और शुरुआती सौदे की शुरुआत करवाई। फिलहाल वह फरार है और पुलिस उसकी तलाश में लगातार दबिश दे रही है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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		<title>हाईवे पर फेंकी ढाई साल की मासूम, केयर टेकर ने किया मामले का खुलासा- मुझसे कहा था बच्ची रख लो</title>
		<link>https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/sheopur/two-year-old-girl-abandoned-on-highway-caretaker-reveals-truth-1693074.html</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[सुधीर दंडोतिया]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 25 Apr 2026 10:37:20 +05:30</pubDate>
		<modifiedDate>Sat, 25 Apr 2026 10:37:32 +05:30</modifiedDate>
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						<category><![CDATA[भोपाल]]></category>
		<category><![CDATA[मध्य प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[श्योपुर]]></category>
		<category><![CDATA[Crime News]]></category>
		<category><![CDATA[Madhya Pradesh]]></category>
		<category><![CDATA[Madhya Pradesh News]]></category>
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					<description><![CDATA[Sheopur Highway Child Incident: हाईवे पर फेंकी ढाई साल की मासूम:केयर टेकर ने किया मामले में चौंकाने वाला खुलासा- मुझसे कहा था 'बच्ची रख लो', पुलिस कर रही मामले में मानव तस्करी के एंगल पर जांच।]]></description>
													<content:encoded><![CDATA[<figure><img width="1600" height="1200" src="https://images.navbharatlive.com/wp-content/uploads/2026/04/SHEOPUR-CHILD-Edited_V_jpg--1280x720-4g.webp" class="attachment-full size-full wp-post-image" alt="Two Year Old Girl Abandoned On Highway Caretaker Reveals Truth"     /></figure><p><strong>Sheopur News In Hindi:</strong> श्योपुर में हाईवे पर ढाई साल की मासूम बच्ची फेंकने के मामले में भोपाल में रहने वाली उसकी केयर टेकर ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। बच्ची की केयर टेकर बबीता नाविक का दावा है कि खुद को बच्ची का पिता बताने वाला आकाश मौर्य करीब एक महीने पहले बच्ची को रखने का प्रस्ताव देने उनके घर आया था। साथ ही पूरी कानूनी प्रक्रिया कराने की भी बात कही थी।</p>
<h3>मासूम बच्ची से की जाती थी मारपीट और दुर्व्यवहार</h3>
<p>बबीता के अनुसार, बच्ची करीब 2 साल की उम्र तक आरोपी दंपत्ति के साथ रही। इस दौरान <a href="https://navbharatlive.com/rajasthan/rajasthan-udaipur-st-anthony-school-student-death-goalpost-collapse-accident-1685776.html">मासूम</a> से मारपीट और दुर्व्यवहार किया जाता था। बबीता ने बताया कि उन्हें बच्ची पर दया आती थी और वे उसे बचाने के लिए कई बार दंपती से मिन्नतें करती थीं। बच्ची उनसे काफी जुड़ गई थी और उनसे अलग होने पर डरती थी।</p>
<h3>परेशान होकर छोड़ दिया था काम</h3>
<p>बबीता ने बताया कि उन्हें बच्चों की देखरेख के लिए 20 हजार रुपए महीने पर रखा गया था, लेकिन तीन महीने तक सैलरी नहीं मिली। बच्ची के साथ हो रहे अत्याचार और वेतन न मिलने के कारण उन्होंने काम छोड़ दिया। उनका आरोप है कि बच्ची की खास देखभाल करने पर दंपती को आपत्ति होती थी।</p>
<h3>वीडियो देखकर दी पुलिस को सूचना</h3>
<p>बबीता को सोशल मीडिया पर श्योपुर की एक रील मिली, जिसमें बच्ची की पहचान हुई। इसके बाद उन्होंने पुलिस को सूचना दी और खुद पुलिस को <a href="https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/bhopal/bhopal-narmadapuram-road-traffic-relief-corridor-bda-plan-1688584.html">भोपाल</a> के एयरपोर्ट रोड स्थित आकाश के घर तक ले गई, जहां से पुलिस ने आकाश और उसकी पत्नी कृतिका को हिरासत में लिया।</p>
<p><strong>यह भी पढ़े :<a href="https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/bhopal/protests-banned-near-madhya-pradesh-cm-house-new-guidelines-release-1690720.html/amp">सीएम हाउस के पास अब नहीं कर सकेंगे धरना-प्रदर्शन, पुलिस कमिश्नर ने जारी किया आदेश</a></strong></p>
<h3>नहीं मिले गोद लेने के दस्तावेज</h3>
<p>श्योपुर पुलिस ने दंपती से बच्ची को अडॉप्टेशन के दस्तावेज मांगे लेकिन अब तक दंपती दस्तावेज नहीं दिखा सके हैं। अब पुलिस दंपती से बच्ची के असल मां पिता की जानकारी हासिल कर रही है। पुलिस बच्ची के असल मां पिता से भी बातचीत करेगी।</p>
<h3>फिलहाल सुरक्षित है बच्ची</h3>
<p>पुलिस ने बच्ची को बाल कल्याण समिति (CWC) के समक्ष पेश किया, जहां से उसे वन स्टॉप सेंटर में रखा गया है। फिलहाल बच्ची सुरक्षित है और उसकी देखभाल की जा रही है।</p>
<h3>मानव तस्करी के एंगल पर जांच</h3>
<p>पुलिस अब इस पूरे मामले की जांच मानव तस्करी के एंगल से भी कर रही है। दंपती के पास पहले से दो बच्चे होने के बावजूद इस बच्ची को कहां से और कैसे लाया गया, इस पर सवाल खड़े हो रहे हैं। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि क्या बच्ची की खरीद-फरोख्त की गई थी। पुलिस का कहना है कि मामले में जल्द ही बड़ा खुलासा हो सकता है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
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		<title>श्योपुर में अनियंत्रित होकर पलटी ट्रैक्टर-ट्रॉली, 4 महिलाओं की दर्दनाक मौत, 26 से ज्यादा घायल</title>
		<link>https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/sheopur/sheopur-road-accident-tractor-trolley-overturns-four-dead-compensation-announced-1677368.html</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[अर्पित शुक्ला]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 17 Apr 2026 07:16:37 +05:30</pubDate>
		<modifiedDate>Fri, 17 Apr 2026 07:16:37 +05:30</modifiedDate>
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						<category><![CDATA[मध्य प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[श्योपुर]]></category>
		<category><![CDATA[Accident]]></category>
		<category><![CDATA[Latest News]]></category>
		<category><![CDATA[Madhya Pradesh]]></category>
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					<description><![CDATA[Sheopur Road Accident: विजयपुर में ट्रैक्टर-ट्रॉली पलटने से 4 महिलाओं की मौत, 26 घायल। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये मुआवजे का किया ऐलान।]]></description>
													<content:encoded><![CDATA[<figure><img width="1280" height="720" src="https://images.navbharatlive.com/wp-content/uploads/2026/04/Sheopur-accident_V_jpg--1280x720-4g.webp" class="attachment-full size-full wp-post-image" alt="Sheopur Road Accident Tractor Trolley Overturns Four Dead Compensation Announced"     /></figure><p><strong>Sheopur Accident News:</strong> मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले के विजयपुर थाना क्षेत्र में गुरुवार रात एक भीषण सड़क हादसा हो गया। गैस गोदाम के पास हाईवे पर लोगों से भरी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली पलट गई, जिससे 4 महिलाओं की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 26 से अधिक लोग घायल हो गए। घायलों में कई की हालत गंभीर बताई जा रही है। घायलों को तुरंत विजयपुर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया, जहां से गंभीर रूप से घायल कई लोगों को बेहतर इलाज के लिए ग्वालियर रेफर किया गया है।</p>
<p>बताया जा रहा है कि ट्रैक्टर-ट्रॉली में बड़ी संख्या में लोग सवार थे, जिनमें महिलाएं, पुरुष और बच्चे शामिल थे। सभी लोग वीरपुर थाना क्षेत्र के घूघस गांव के रहने वाले थे और विजयपुर के पार्वती बड़ौदा गांव में ‘भात’ कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे।</p>
<h3>ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर पलट गया</h3>
<p>इसी दौरान तेज रफ्तार के कारण ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर पलट गया। घटना की सूचना मिलते ही विजयपुर थाना प्रभारी राजन सिंह गुर्जर पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।</p>
<p><a href="https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/mp-news-mother-became-durga-fought-with-a-leopard-for-10-minutes-in-sheopur-saved-her-son-from-the-jaws-of-death-mother-saved-her-child-from-cheetah-jaw-know-full-details-1159400.html">श्योपुर</a> एसडीएम अभिषेक मिश्रा के अनुसार जिन लोगों को सिर में गंभीर चोटें आई हैं, उन्हें बेहतर इलाज के लिए रेफर किया गया है। मौके पर कई एंबुलेंस बुलाई गईं और सभी घायलों को प्राथमिक उपचार दे दिया गया है। विजयपुर थाना पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और इस संबंध में लोगों से पूछताछ भी की जा रही है।</p>
<h3>मुख्यमंत्री मोहन यादव ने किया मुआवजे का ऐलान</h3>
<p>मुख्यमंत्री <a href="https://navbharatlive.com/madhya-pradesh/cm-mohan-yadav-masterplan-on-green-energy-production-madhya-pradesh-agriculture-news-1674310.html">मोहन यादव</a> ने श्योपुर हादसे पर गहरा दुख जताया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा कि विजयपुर थाना क्षेत्र के खितरपाल गांव में ट्रैक्टर-ट्रॉली पलटने से महिलाओं की मौत बेहद दुखद है।</p>
<p><strong>यह भी पढे़ं- <a title="Delhi Air Pollution: राजधानी की हवा फिर हुई जहरीली, GRAP स्टेज-1 किया गया लागू, जानें क्या-क्या हुआ बदलाव" href="https://navbharatlive.com/delhi/delhi-ncr-pollution-grap-stage-1-implemented-aqi-status-1676837.html"> <span class="color-red">Delhi Air Pollution</span>: राजधानी की हवा फिर हुई जहरीली, GRAP स्टेज-1 किया गया लागू, जानें क्या-क्या हुआ बदलाव</a></strong></p>
<p>मुख्यमंत्री ने बताया कि हादसे में घायल लोगों का इलाज जारी है। साथ ही उन्होंने मृतकों के परिजनों को राज्य सरकार की ओर से 4-4 लाख रुपये, गंभीर रूप से घायलों को 1-1 लाख रुपये और अन्य घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने के निर्देश दिए हैं।</p>
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