भोपाल में ट्रैफिक से राहत की बड़ी तैयारी, नर्मदापुरम रोड के लिए बनेगा 110 करोड़ का नया कॉरिडोर

Katara Hills Road Development: भोपाल विकास प्राधिकरण नर्मदापुरम रोड पर ट्रैफिक का दबाव कम करने के लिए 110 करोड़ की लागत से एक नया ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर बनाने जा रहा है जिससे लाखों लोगों को राहत मिलेगी।
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प्रतीकात्मक फोटो, सोर्स- सोशल मीडिया
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Narmadapuram Road Corridor: एमपी की राजधानी भोपाल में रहने वाला शायद ही कोई ऐसा व्यक्ति होगा जिसे नर्मदापुरम रोड यानी पुराने होशंगाबाद रोड के ट्रैफिक ने कभी न सताया हो। ऑफिस जाना हो या घर लौटना, इस सड़क पर गाड़ियों की लंबी कतारें लोगों के धैर्य की परीक्षा लेती रही हैं। लेकिन अब शहर के इस सबसे व्यस्त मार्ग के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। राजधानी के सबसे व्यस्थ मार्गों में शामिल होशंगाबाद रोड (नर्मदापुरम रोड) पर ट्रैफिक जाम से राहत देने के लिए बड़ा प्लान तैयार हो गया है। भोपाल विकास प्राधिकरण (BDA) ने भैरूपुर-मिसरोद-बागली के बीच करीब 3 किमी लंबा और 30 मीटर चौड़ा नया ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर बनाने की योजना को मंजूरी दे दी है।

इस कॉरिडोर के बनने से दक्षिण भोपाल की कनेक्टिविटी में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा और मुख्य सड़क पर दबाव कम होगा। ये नया मार्ग भैरूपुर, मिसरोद और बागली के बीच बनेगा। जो कि सीधे कटारा हिल्स-बर्रई रोड से कनेक्ट होगा। मुख्य सड़क पर आने से पहले ही ट्रैफिक डायवर्ट होगा। होशंगाबाद रोड पर रोजाना भारी ट्रैफिक दबाव, मिसरोद, बागली और कटारा हिल्स में बढ़ती आबादी, कॉलोनियों से मुख्य सड़क तक पहुंचने के लिए सीधा और चौड़ा रास्ता ना होना इस प्रोजेक्ट को और ज्यादा जरूरी बनाते हैं। नया कॉरिडोर इन सभी समस्याओं का स्थायी समाधान देने के लिए डिजाइन किया गया है।

3 लाख लोगों को होगा फायदा

मध्य प्रदेश के इस प्रोजेक्ट के पूरा होने पर मिसरोद, बागली, भैरूपुर कटारा हिल्स और बर्रई क्षेत्रों की करीब 3 लाख आबादी को सीधा फायदा मिलेगा। जहां अभी लंबा और घुमावदार रास्ता तय करना पड़ता है, वही सफर अब कुछ ही मिनटों में पूरा होगा। 110 करोड़ की लागत, मॉडर्न सुविधाएं इस कॉरिडोर पर करीब 110 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। जिसमें- कंक्रीट रोड, बेहतर ड्रेनेज सिस्टम स्ट्रीट लाइट, वाटर सप्लाई लाइन, सभी सुविधाएं एक साथ विकसित होंगी, ताकि बाद में सड़क खोदने की जरूरत न पड़े।

एक नजर में पूरा प्रोजेक्ट

  • लंबाई: 3 किमी
  • चौड़ाई: 30 मीटर (करीब 100 फीट)
  • लागत: 110 करोड़ रुपए
  • उद्देश्य: ट्रैफिक डायवर्जन और कनेक्टिविटी सुधार

संबंधित अधिकारी श्यामबीर सिंह के अनुसार- “टीपीएस के तहत चार स्कीम पर काम चल रहा है। डीपीआर तैयार करने के लिए टेंडर जारी किया गया है। भविष्य में बीडीए मास्टर प्लान की सड़कों को टेकओवर करेगा।” भोपाल में तेजी से बढ़ते ट्रैफिक के बीच यह कॉरिडोर प्रोजेक्ट गेम चेंजर साबित हो सकता है। इससे न सिर्फ जाम से राहत मिलेगी, बल्कि शहर की अर्बन कनेक्टिविटी और प्लानिंग भी मजबूत होगी।

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