बंगाल की जीत का जश्न और आंखों में नमी, भावुक हुए कैलाश विजयवर्गीय; कही बड़ी बात- देखें VIDEO

Bengal Election 2026: पश्चिम बंगाल चुनाव के रुझानों में भारतीय जनता पार्टी की बढ़त को देखते हुए कैलाश विजयवर्गीय भावुक हो गए। साथ ही उन्होंने ममता बनर्जी को लेकर भी बड़ी बात कही।
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कैलाश विजयवर्गीय (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Kailash Vijayvargiya Emotional On Bengal Election Trend: पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी अभी तक सबसे आगे चल रही है। शुरुआती रुझानों को देखते हुए पार्टी में जश्न का माहौल है, इस बीच मध्य प्रदेश भाजपा ने भी जश्न मनाया झालमुरी बांटी गई। बता दें कि सीएम डॉ मोहन यादव ने भी सोशल मीडिया पर पोस्ट कर बधाई दी और ममता बनर्जी पर निशाना साधा।

वहीं दूसरी तरफ इंदौर भाजपा कार्यालय में भी जश्न का माहौल देखने को मिला, हालांकि इस दौरान पार्टी के वरिष्ठ नेता और मंत्री कैलाश विजयवर्गीय भावुक नजर आए। मीडिया से बातचीत के दौरान उनकी आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े। साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि उन्हें आज बहुत खुशी हो रही है।

भावुक हुए कैलाश विजयवर्गीय

बता दें कि मीडिया से बातचीत के दौरान कैलाश विजयवर्गीय भावुक नजर आए। उन्होंने कहा कि उन्हें इस बात का अंदाजा भी नहीं था कि यह पल उनके लिए इतना भावुक कर देने वाला होगा। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि मुझे इतनी खुशी हो रही है जिसे मैं जाहिर भी नहीं कर सकता। अब कैलाश विजयवर्गीय का भावुक होने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

ममता के नेतृत्व में जंगल राज जैसी स्थिति बनी- कैलाश विजयवर्गीय

पश्चिम बंगाल चुनाव में भारतीय जनता पार्टी की बढ़त को देखते हुए। कैलाश वीजियवर्गीय ने इस बढ़त को देश के लिए तोहफा बताया और कहा कि पश्चिम बंगाल में पिछले 15 सालों से अराजकता और डर का माहौल था। साथ ही उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि ममता बनर्जी के नेतृत्व में पूरे प्रदेश में जंगल राज जैसी स्थिति बनी हुई थी, जहां लोकतंत्र कमजोर हुआ और विपक्षी कार्यकर्ताओं पर लगातार अत्याचार हुए।

कैलाश विजयवर्गीय ने कही यह बड़ी बात

कैलाश विजयवर्गीय ने अपने अनुभव को साझा करते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल में सक्रिय राजनीति के दौरान उनके खिलाफ कई मामलों में शिकायतें दर्ज की गई थीं, जिनमें दुष्कर्म और बाल तस्करी जैसे गंभीर आरोप भी शामिल बताए गए। हालांकि कैलाश विजयवर्गीय ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे राजनीतिक साजिश बताया और कहा कि विपक्ष द्वारा भाजपा नेताओं को डराने और दबाव में लाने के उद्देश्य से ऐसे प्रकरण बनाए गए थे।