Mp Metro Celebration On Wheels Policy Controversy Umang Singhar
सच में बंदर के हाथ में उस्तरा दे दिया, मेट्रो में फोटोशूट के फैसले को लेकर उमंग सिंघार का सरकार पर वार
Question On Metro celebration on wheels policy: सिंघार ने मेट्रो की पॉलिसी पर सवाल उठाए हैं। मेट्रो में फोटोशूट को लेकर उन्होंने सरकार को घेरते हुए जनता की कमाई के दुरुपयोग का आरोप लगाया है।
MP Metro Controversy: मध्य प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ने सेलिब्रेशन ऑन व्हील्स पॉलिसी लागू की है, जिस पर कांग्रेस ने सरकार को आड़े हाथों लिया है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने X पर पोस्ट के जरिए सरकार पर तंज कसते हुए लिखा ‘सच में बंदर के हाथ में उस्तरा दे दिया है।’ साथ ही उन्होंने जनता के पैसे का दुरुपयोग करने का भी आरोप लगाया है।
सिंघार ने X पर लिखा ‘मैं इस बात को समझ कर हँसू? या चिंता ज़ाहिर करूं? या क्या करूं? मध्यप्रदेश की भाजपा सरकार और माननीय मुख्यमंत्री ना तो सरकार चला पा रहे हैं और ना ही मेट्रो। जहां अन्य देशों और कई प्रदेशों में मेट्रो में रील और फोटो लेना प्रतिबंधित है, जबकि यहां मेट्रो जैसी सरकारी और उपयोगी सुविधा को सुचारू रूप से चलाने के बजाय फोटो शूट के लिए उपलब्ध कराया जा रहा है? क्या मज़ाक है?’
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सच में “बंदर के हाथ में उस्तरा” दे दिया!मैं इस बात को समझ कर हँसू? या चिंता ज़ाहिर करूँ? या क्या करूँ ?
मध्यप्रदेश की भाजपा सरकार और माननीय मुख्यमंत्री जी ना तो सरकार चला पा रहे हैं और ना ही मेट्रो।जहाँ अन्य देशों और कई प्रदेशों में मेट्रो में रील और फोटो लेना प्रतिबंधित है,… pic.twitter.com/0AJTweVZga— Umang Singhar (@UmangSinghar) May 6, 2026
जनता की कमाई का दुरुपयोग
सिंघार ने लिखा ‘बेहतर कनेक्टिविटी, अच्छी सड़कें और जनता को पब्लिक ट्रांसपोर्ट इस्तेमाल करने के लिए जागरूक करने के बजाए मध्यप्रदेश सरकार मेट्रो को ‘प्रदर्शनी’ बनाने पर उतारू है। मेरे प्रदेश की जनता की खून पसीने की कमाई का ऐसा दुरुपयोग, प्रभु बचाए मेरे प्रदेश की जनता को।’
दरअसल, मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल और इंदौर में हजारों करोड़ की लागत से बनाई गई मेट्रो सफेद हाथी साबित हो रही है। मेट्रो संचालन में रोजाना लाखों रुपए का खर्च आ रहा है, लेकिन यात्री ना के बराबर सफर कर रहे हैं। ऐसे में मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ने नई पहल की है, जिसके तहत मेट्रो के अंदर प्री-वेडिंग शूट और बर्थ-डे मनाया जा सकेगा। खड़ी मेट्रो के कोच में शूट के लिए प्रति घंटे 5 हजार रुपए किराया लगेगा, जबकि चलती हुई मेट्रो में शूट के लिए 7 हजार रुपए घंटा चार्ज लगेगा।
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