-
बुध, 8 जुलाई 2026 ई-पेपर
Top News
- Hindi News »
- Lifestyle »
- World Saree Day 2025 5000 Year Old Heritage Modern Fashion
World Saree Day 2025: सिर्फ कपड़ा नहीं पहचान है साड़ी, जानिए 5000 साल का इतिहास और आज के ट्रेंड
- Written By: दीपिका पाल
Importance of Saree: विश्व साड़ी दिवस 2025 पर जानिए साड़ी का 5000 साल पुराना इतिहास, भारतीय संस्कृति में इसका महत्व और कैसे साड़ी आज भी मॉडर्न फैशन स्टेटमेंट बनी हुई है।

विश्व साड़ी दिवस (सौ.सोशल मीडिया)
5000 Year old Saree History: हर साल 21 दिसंबर को विश्व साड़ी दिवस (World Saree Day) मनाया जाता है। यह दिवस भारतीय संस्कृति, परंपरा और नारी सौंदर्य का उत्सव होता है। इस दिन महिलाएं अपनी पसंदीदा साड़ी पहनकर न सिर्फ अपनी जड़ों से जुड़ती हैं, बल्कि सोशल मीडिया के जरिए साड़ी की विरासत को दुनिया के सामने भी पेश करती हैं। पारंपरिक परिधानों में से एक साड़ी आज 5000 साल का सफर तय करने के बाद मॉडर्न युग में खास स्टाइल स्टेटमेंट बन गई है। साड़ी केवल एक परिधान नहीं, बल्कि हजारों सालों से चली आ रही सभ्यता, शिल्पकला और पहचान की कहानी है।
जानें क्या कहता है साड़ी का इतिहास
जैसा कि, हम जानते है साड़ी का इतिहास बहुत पुराना है इसके कई बरस निकल गए है। इसके इतिहास की बात करें तो, साड़ी का इतिहास सिंधु घाटी सभ्यता (2800–1800 ईसा पूर्व) से जुड़ा माना जाता है। जब पुरातात्विक खुदाई की गई तो इसमें कॉटन फाइबर मिला था। यह इस बात का प्रमाण हैं कि भारत में लगभग 5000 साल पहले बुनाई की कला विकसित हो चुकी थी। उस समय महिलाएं बिना सिले कपड़े को शरीर पर लपेटकर पहनती थीं, जिसे आगे चलकर साड़ी का प्रारंभिक रूप माना गया।
जैन और बौद्ध ग्रंथों में वर्णित ‘सत्तिका’ साड़ी का शुरुआती स्वरूप थी, जिसमें तीन भाग होते थे—
सम्बंधित ख़बरें
Sandwich Fashion: क्या होता है फैशन सैंडविच? इस स्टाइलिंग ट्रिक से दिखेंगी ज्यादा स्टाइलिश
Creatine Supplement: मसल स्ट्रेंथ से लेकर मेनोपॉज तक, जानें क्रिएटिन के फायदे और जरूरी सावधानियां
क्या आप 24 घंटे बिना मोबाइल रह सकते हैं? तस्वीरों में देखें Digital Detox के जबरदस्त फायदे
Monsoon Health Tips: बारिश में तेजी से फैलते हैं फंगल इंफेक्शन, जानिए बचाव के जरूरी उपाय
अंत्रिय (निचला वस्त्र),
उत्तरिय (ओढ़नी),
स्तनपट्ट (सीने को ढकने वाला पट्टा)।
समय के साथ यही अंत्रिय धोती और साड़ी में बदला, स्तनपट्ट चोली बना और उत्तरिय दुपट्टे के रूप में विकसित हुआ। आप जानते नहीं होंगे कि, ऋग्वेद और संस्कृत साहित्य में भी बिना सिले वस्त्रों का उल्लेख मिलता है, जो साड़ी की प्राचीनता को साबित करता है।
अलग-अलग दौर, अलग पहचान
मौर्य और गुप्त काल में साड़ी और भी निखरती गई यानि अजंता की गुफाओं की चित्रकारी रेशमी और अलंकृत साड़ियों की झलक देती है। मध्यकाल में क्षेत्रीय साड़ियों बंगाल की मलमल, गुजरात की बंधनी, महाराष्ट्र की पैठणी और दक्षिण भारत की कांचीपुरम सिल्क ने अपनी अलग पहचान बनाई है। यह अलग-अलग क्षेत्रों की साड़ी आज भी महिलाओं की पसंद बनी हुई है। मुगल काल में ज़री, कढ़ाई और पैस्ले डिज़ाइन का चलन बढ़ा और सिलाई वाली चोली (ब्लाउज़) काफी पॉपुलर हुआ है।
आज के दौर में साड़ी
समय के साथ साड़ी की डिजाइन और पहनने के स्टाइल में लगातार बदलाव होता जा रहा है। यहां पर आधुनिक समय में महिलाएं साड़ी के पहनावे को आज भी आरामदायक परिधान मानती है। मॉडर्न फैशन युग में साड़ी आधुनिक फैशन का परफेक्ट मेल बन गई है। यहां पर मुंबई फैशन वीक से लेकर ऑफिस वियर तक, साड़ी नए ड्रेप, फैब्रिक और प्रिंट्स में नजर आ रही है. ऑर्गेनिक कॉटन, हैंडलूम, सस्टेनेबल फैब्रिक और प्री-स्टिच्ड साड़ियों का ट्रेंड तेजी से बढ़ रहा है।
जानिए साड़ी को सही तरीके से पहनने के नियम
- साड़ी को सलीके के साथ पहने तो लुक को परफेक्ट बना देती है। साड़ी पहनने से पहले आपको कुछ बातों का ध्यान जरूर रखना चाहिए।
- अपनी बॉडी टाइप के अनुसार फैब्रिक चुनें,हल्की सिल्क या कॉटन रोज़मर्रा के लिए बेहतर है।
- सही ब्लाउज़ फिटिंग और साड़ी ड्रेप आपके लुक को निखार देती है।
- हैंडलूम और खादी साड़ी चुनकर लोकल कारीगरों को सपोर्ट करना चाहिए।
- साड़ी को लंबे समय तक सुरक्षित रखने के लिए सूती कपड़े में लपेटकर रखें और समय-समय पर हवा लगाएं.
तो दोस्तों, छह गज की यह साड़ी आज भी भारत की सांस्कृतिक विरासत, मजबूती और खूबसूरती की कहानी कहती है और यही इसे कालजयी बनाती है।
World saree day 2025 5000 year old heritage modern fashion
Get Latest Hindi News , Maharashtra News , Entertainment News , Election News , Business News , Tech , Auto , Career and Religion News only on Navbharatlive.com
Topics:
लेटेस्ट न्यूज़
Prambanan Temple: पीएम मोदी पहुंचे इंडोनेशिया के 1100 साल पुराने प्रम्बानन मंदिर, देखें वीडियो
Jul 08, 2026 | 11:53 AMगोंदिया में किसानों को साहूकारों से बचाने की पहल, 43 हजार से अधिक किसानों ने लिया 320 करोड़ का फसल कर्ज
Jul 08, 2026 | 11:53 AMचमोली में बारिश का कहर, नंदप्रयाग-नंदानगर मार्ग पर गिरा मलबा, बोल्डर से थमा ट्रैफिक
Jul 08, 2026 | 11:42 AMमहाराष्ट्र को 20 साल बाद मिला नर्मदा का हक, 10 TMC पानी मिलने का रास्ता साफ, शाह की बैठक में बड़ा फैसला
Jul 08, 2026 | 11:42 AMSandwich Fashion: क्या होता है फैशन सैंडविच? इस स्टाइलिंग ट्रिक से दिखेंगी ज्यादा स्टाइलिश
Jul 08, 2026 | 11:39 AMवर्धा में बारिश के साथ बढ़ा सर्पदंश का खतरा: साढ़े 3 साल में 1931 लोग हुए शिकार, स्वास्थ्य केंद्रों पर ASV अलर
Jul 08, 2026 | 11:39 AMHormuz Tanker Attacks: 24 घंटे में 3 जहाजों पर मिसाइल हमले, अमेरिका-ईरान में फिर बढ़ा तनाव?
Jul 08, 2026 | 11:37 AMवीडियो गैलरी

इस्तीफे से भ्रष्टाचार खत्म नहीं होता, राम मंदिर ट्रस्ट पर AAP सांसद संजय सिंह का बड़ा हमला- VIDEO
Jul 08, 2026 | 11:20 AM
Meerut Robbery Case: हनीमून मना रही ‘लेडी डॉन’ ज्योति चौधरी गिरफ्तार, Instagram Reel से खुला राज। देखें VIDEO
Jul 07, 2026 | 11:09 PM
सिर्फ 400 मीटर की दूरी बनी जानलेवा, एंबुलेंस चालक की एक ‘ना’ और स्ट्रेचर पर ही टूट गईं लड़की की सांसें- VIDEO
Jul 07, 2026 | 10:56 PM
Jabalpur Building Collapse: बड़ा फुहारा बाजार में 3 मंजिला जर्जर इमारत गिरी, टला बड़ा हादसा। देखें VIDEO
Jul 07, 2026 | 10:47 PM
क्या जेल जाएंगे खान सर? गिरफ्तारी की लटकी तलवार! आर्म्स लाइसेंस विवाद में लीगल एडवाइजर का बड़ा खुलासा- VIDEO
Jul 07, 2026 | 10:34 PM
CM Yogi Security Breach: हेलीकॉप्टर तक पहुंचा किशोर, प्रयागराज एयरपोर्ट पर सुरक्षा में बड़ी चूक से हड़कंप। देख
Jul 07, 2026 | 10:25 PM













