Homemade Holi Colours: होली खुशियों का त्योहार है लेकिन बाजार में मिलने वाले मिलावटी और जहरीले रंग अक्सर हमारी त्वचा और आंखों को नुकसान पहुंचाते हैं। इस बार अपनी होली को केमिकल फ्री बनाने के लिए आपको महंगे ब्रांड्स की जरूरत नहीं है। आप सिर्फ 10 रुपये के खर्च में घर पर ही बेहतरीन ऑर्गेनिक गुलाल तैयार कर सकते हैं।
होली के त्योहार पर रंगों की मस्ती तब फीकी पड़ जाती है जब स्किन पर रैशेज या एलर्जी होने लगती है। बाजार में मिलने वाले रंगों में अक्सर सीसा, मरकरी और क्रोमियम जैसे खतरनाक तत्व होते हैं। लेकिन इस होली आप अपनी सेहत और पैसे दोनों बचा सकते हैं। घर पर ही होली का गुलाल बनाकर बिना डरे त्यौहार का मजा ले सकते हैं।
गुलाबी गुलाल के लिए
सबसे पहले एक चुकंदर लें और उसे कद्दूकस करके उसका रस निकाल लें। अब अरारोट के पाउडर में इस रस को धीरे-धीरे मिलाएं। जब रंग अच्छे से चढ़ जाए तो इसे एक थाली में फैलाकर पंखे की हवा में सूखने के लिए छोड़ दें। सूखने के बाद इसे मिक्सी में एक बार चला लें या छलनी से छान लें। आपका मखमली गुलाबी गुलाल तैयार है।
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पीला गुलाल
पीला गुलाल बनाने के लिए अरारोट या आटे में थोड़ी सी हल्दी मिलाएं। हल्दी त्वचा के लिए एंटी-सेप्टिक का काम भी करती है। इसमें अच्छी खुशबू के लिए आप गुलाब जल या कोई भी टेलकम पाउडर मिला सकते हैं।
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हरा गुलाल
हरे रंग के लिए पालक के पत्तों का पेस्ट या नीम के पत्तों का पाउडर इस्तेमाल करें। इसे अरारोट में मिलाकर सुखा लें। नीम का इस्तेमाल आपके गुलाल को औषधीय गुणों से भर देगा।
घर पर बने गुलाल के फायदे
- इसमें कोई भी सिंथेटिक डाई नहीं होती जिससे जलन या खुजली नहीं होती।
- ये रंग पानी से एक बार में ही छूट जाते हैं आपको साबुन से स्किन रगड़ने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
- बाजार में मिलने वाले हर्बल रंगों की कीमत 200-300 रुपये किलो होती है जबकि घर पर यह मात्र 10-20 रुपये में बन जाता है।
इस होली गो ऑर्गेनिक का मंत्र अपनाएं। घर पर बने इन रंगों से न केवल आपका चेहरा चमकेगा बल्कि आपकी होली भी सुरक्षित और यादगार बनेगी। साथ ही घर पर तैयार किए गए रंग बच्चों के लिए भी सुरक्षित होते हैं।
















