NH-53 पर भारी वाहनों के डायवर्जन से भंडारा में यातायात को बड़ी राहत, हादसों पर भी लगा अंकुश

Bhandara Bypass: भंडारा बायपास शुरू होने से राष्ट्रीय राजमार्ग 53 पर दो ब्लैक स्पॉट सूची से हटे, यातायात में राहत लेकिन शहर में फ्लाईओवर की कमी बनी।
Bhandara road project
Kardha naka accident (सोर्सः सोशल मीडिया)
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Bhandara Road Project: भंडारा शहर से गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग 53 पर भारी वाहनों को नए बायपास मार्ग और फ्लाईओवर की ओर मोड़े जाने से यातायात में बड़ी राहत मिली है। इसके परिणामस्वरूप कारधा पुलिस स्टेशन क्षेत्र के कारधा नाका और भिलेवाड़ा जैसे दो प्रमुख स्थानों को प्रशासन ने ब्लैक स्पॉट (दुर्घटना संभावित क्षेत्र) की सूची से हटा दिया है। बढ़ते हादसों पर नियंत्रण की दिशा में इसे महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है।

इसी के साथ शहर के भीतर मुजबी से पुराने कारधा तक प्रस्तावित चौड़ीकरण परियोजना ने भी गति पकड़ ली है। मुजबी से पुराने कारधा तक 9 किलोमीटर लंबे मार्ग के लिए लगभग 79 करोड़ रुपये की लागत प्रस्तावित है। केवल सड़क चौड़ीकरण ही नहीं, बल्कि बारिश के पानी की निकासी के लिए आधुनिक साइड ड्रेनेज सिस्टम और सर्विस रोड के निर्माण पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। इससे मुख्य मार्गों पर लगने वाले जाम से राहत मिलेगी और यात्रा अधिक सुरक्षित होगी।

भंडारा बायपास अब यातायात के लिए पूरी तरह तैयार

करीब 735 करोड़ रुपये की लागत से बना 14.8 किलोमीटर लंबा भंडारा बायपास अब यातायात के लिए पूरी तरह तैयार है। यह छह लेन का मार्ग 100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार के अनुरूप विकसित किया गया है। परियोजना में वैनगंगा नदी पर लगभग 700 मीटर लंबा पुल, 17 वाहन अंडरपास तथा भिलेवाड़ा क्षेत्र में वन्यजीवों के लिए दो विशेष अंडरपास शामिल हैं। इस बायपास से नागपुर-रायपुर-कोलकाता मार्ग पर यात्रा समय और ईंधन की उल्लेखनीय बचत हो रही है।

जिला मुख्यालय में फ्लाईओवर का अभाव

जिला मुख्यालय होने के बावजूद भंडारा शहर के भीतर एक भी फ्लाईओवर नहीं है, जिससे यातायात समस्या गंभीर बनी हुई है। राज्य के अधिकांश जिला मुख्यालयों में जाम से राहत के लिए फ्लाईओवर बनाए गए हैं, लेकिन भंडारा अब भी इससे वंचित है। बाहरी वाहनों को बायपास से मोड़ने के बावजूद शहर के प्रमुख चौक-चौराहों पर भीड़ लगातार बढ़ रही है।

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