कंफ्यूजन होगा दूर, कार्डियक अरेस्ट और हार्ट अटैक आपस में बिल्कुल है अलग, जानिए

क्या सच में कार्डियक अरेस्ट ही दिल का दौरा है। इसे लेकर लोग काफी कंफ्यूजन में रहते है अक्सर लोगों को लगता है कि हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट एक ही हैं लेकिन इन बीमारियों के लक्षण और इलाज दोनों अलग है
कार्डियक अरेस्ट और दिल के दौरे में अंतर
कार्डियक अरेस्ट और दिल के दौरे में अंतर (सौ.सोशल मीडिया)
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एक्ट्रेस शेफाली जरीवाला के निधन से कार्डियक अरेस्ट नामक बीमारी एक बार फिर चर्चा में आ गई है। कार्डियक अरेस्ट दिल से जुड़ी जानलेवा बीमारी है जिसे लोग दिल का दौरा समझ लेते है। क्या सच में कार्डियक अरेस्ट ही दिल का दौरा है। इसे लेकर लोग काफी कंफ्यूजन में रहते है अक्सर लोगों को लगता है कि हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट एक ही हैं लेकिन इन बीमारियों के लक्षण और इलाज दोनों अलग हैं।

इन दोनों बीमारियों के आपस में लक्षण से लेकर इलाज दोनों ही बिल्कुल अलग है। चलिए जानते हैं कार्डियक अरेस्ट और दिल के दौरे के बीच का अंतर...

पहले जानिए दिल का दौरा और इसके लक्षण

यहां पर दिल का दौरा या हार्ट अटैक बड़ी और गंभीर बीमारी है। इसमें बचपन से ही हर कोई धीरे-धीरे अपने खाने-पीने की चीजों से धमनियों में प्लाक जमा करता है। यह प्लाक जब ज्यादा धमनियों में बढ़ जाता है तब दिल जिन नसों के द्वारा पूरे शरीर में खून पंप करता है उन नसों में बीच में कहीं रुकावट आ जाती है, जिसे कोरोनरी धमनी रोग के रूप में जाना जाता है। यहां पर नसों में जमा प्लाक धमनियों को संकुचित बना देता है , जिससे हृदय में रक्त का प्रवाह धीमा या पूरी तरह से रूक जाता है। ब्लड फ्लो की स्थिति में धमनी के दूसरे हिस्से में रुकावट पैदा करके टूट भी सकता है। इसके बाद मरीज के सीने में तेज दर्द उठाता है और वह बेहोश हो जाता है इसे हार्ट अटैक कहते हैं। इस बीमारी की स्थिति में लक्षण पहचान कर इलाज कराया जा सकता है।

ये हैं लक्षण
सीने में दबाव या दर्द, सांस लेने में कठिनाई, पसीना आना, सीने में जकड़न, कंधे, गर्दन, हाथ या जबड़े तक दर्द फैलना, मतली और उल्टी के साथ या उसके बिना सीने में जलन या अपच की शिकायत, अचानक चक्कर आना या कुछ समय के लिए बेहोश हो जाना आदि हार्ट अटैक के लक्षण हैं। इन लक्षणों के आधर पर आप बीमारी के खतरे को टाल सकते है।

अब जानिए कार्डियक अरेस्ट

भले ही यह दिल से जुड़ी बीमारी ही है लेकिन इसका नाम कार्डियक अरेस्ट होता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ के अनुसार, दिल के दौरे को तकनीकी रूप से मायोकार्डियल इंफार्क्शन (एमआई) या कार्डियक अरेस्ट अटैक कहा जाता है। दिल की धड़कन या रिदम में किसी प्रकार की गड़बड़ी होती है तो दिल अचानक काम करना बंद कर देता है। वहीं पर कार्डियक अरेस्ट में हृदय धड़कना बंद कर देता है और महत्वपूर्ण अंगों तक रक्त पंप करना बंद कर देता है. इस केस में मरीज की मृत्यु कुछ ही मिनट में हो जाती है।

ये हैं लक्षण

चक्कर आना, अस्पष्टीकृत सांस की तकलीफ, सीने में दर्द, दौरे (आमतौर पर बाहों या पैरों में), एक घंटे पहले मतली या उल्टी महसूस होना इसके लक्षण हैं.

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