भारत-यूके में 2030 तक व्यापार दोगुना करने का लक्ष्य, मंत्री गोयल ने ब्रिटेन के पीएम स्टार्मर से की म

India-UK Trade: पीयूष गोयल ने पीएम कीर स्टार्मर के साथ भारत-ब्रिटेन व्यापार समझौते पर चर्चा की। 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार दोगुना करने और CETA लागू करने पर जोर रहा।
Piyush Goyal Met UK PM Keir Starmer
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर से चर्चा करते मंत्री पीयूष गोयल (सोर्स: IANS)
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Piyush Goyal Met UK PM Keir Starmer: केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने गुरुवार को कहा कि ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर के साथ उनकी मुलाकात ने दोनों देशों के बीच व्यापार और आर्थिक साझेदारी को मजबूत करने के नए अवसर खोले हैं। यह बैठक भारत-ब्रिटेन द्विपक्षीय सहयोग को बढ़ावा देने और आपसी समृद्धि के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री स्टार्मर बुधवार को दो दिवसीय भारत यात्रा पर आए, उनके साथ ब्रिटेन से अब तक का सबसे बड़ा व्यापार प्रतिनिधिमंडल भी मौजूद था। केंद्रीय मंत्री गोयल ने इस अवसर पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर पोस्ट किया कि “ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर से मुलाकात कर खुशी हुई। हमने दोनों देशों के बीच व्यापार और आर्थिक साझेदारी को मजबूत करने के उपायों पर विस्तार से चर्चा की।”

CETA को लागू करने पर हुई बात

बैठक में मुख्य विषय भारत-यूके व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौता (CETA) को लागू करना और 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने के लक्ष्य पर केन्द्रित था। गोयल ने इससे पहले ब्रिटेन के बिजनेस और ट्रेड मिनिस्टर पीटर काइल से मुलाकात कर सीईटीए के प्रभावी कार्यान्वयन और संयुक्त आर्थिक और व्यापार समिति (JETCO) को पुनर्गठित करने पर सहमति व्यक्त की।

बैठक में क्या हुई बात?

दोनों पक्षों ने यह सुनिश्चित करने का संकल्प लिया कि समझौते का क्रियान्वयन तेज, सुव्यवस्थित और परिणाम-केंद्रित हो, ताकि व्यवसाय और उपभोक्ताओं दोनों को इसका अधिकतम लाभ मिल सके। बैठक में एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग, डिजिटल ट्रेड, क्लीन एनर्जी और सर्विस सेक्टर जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया गया।

सीईटीए के तहत नियामक सहयोग, गैर-टैरिफ बाधाओं को दूर करना और सप्लाई चेन इंटीग्रेशन को बढ़ावा देना भी चर्चा का अहम हिस्सा रहा। इससे दोनों देशों के व्यवसायों को प्रतिस्पर्धात्मक लाभ मिलेगा और उपभोक्ताओं के लिए बाजार में विविधता और गुणवत्ता सुनिश्चित होगी।

द्विपक्षीय बैठक से पहले एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग, कंज्यूमर गुड्स, फूड एंड ड्रिंक, विज्ञान, टेक्नोलॉजी, इंफ्रास्ट्रक्चर और क्लीन एनर्जी, और फाइनेंशियल, प्रोफेशनल और बिजनेस सर्विसेज जैसे प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में क्षेत्रीय गोलमेज बैठकें आयोजित की गईं। इन बैठकों ने मंत्रिस्तरीय बैठक के लिए मजबूत नींव तैयार की और दोनों देशों के बीच दूरदर्शी और रणनीतिक सहयोग के अवसरों को उजागर किया।

केंद्रीय मंत्री गोयल ने बैठक को सफल बताते हुए कहा कि भारत-ब्रिटेन साझेदारी केवल व्यापार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह तकनीकी नवाचार, निवेश और आर्थिक विकास के कई क्षेत्रों में नई संभावनाएं खोलती है।

(एजेंसी इनपुट के साथ)

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