
अमित शाह, फोटो- सोशल मीडिया
Amit Shah On Siliguri Speech: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में बीजेपी कार्यकर्ताओं की बैठक के दौरान रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण ‘चिकन नेक’ गलियारे पर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने भारत की भूमि को धमकी देने वालों को दो टूक जवाब देते हुए राष्ट्रीय सुरक्षा पर अडिग रहने का संकल्प दोहराया।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह शनिवार को पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं की एक महत्वपूर्ण बैठक को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने रणनीतिक रूप से अहम सिलीगुड़ी कॉरिडोर, जिसे ‘चिकन नेक’ भी कहा जाता है, को लेकर बेहद सख्त रुख अपनाया। शाह ने उन राष्ट्रविरोधी तत्वों को कड़ा संदेश दिया जो इस क्षेत्र को भारत से अलग करने की धमकी देते रहे हैं।
अपने संबोधन में अमित शाह ने सीधे लहजे में कहा, “अरे भाई, तुम इसे कैसे काटोगे? क्या यह तुम्हारे पिताजी की जमीन है?” उन्होंने स्पष्ट रूप से घोषणा की कि यह भारत की भूमि है और कोई भी इसे धमकी देने या इसके साथ छेड़छाड़ करने की कोशिश न करे। उन्होंने आगे कहा कि देश की सुरक्षा से जुड़े इस संवेदनशील इलाके पर किसी भी तरह की नजर या विवादित बयानबाजी को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अमित शाह के इस तीखे बयान पर सभा में मौजूद कार्यकर्ताओं ने जोरदार नारेबाजी कर अपना समर्थन जताया।
गृह मंत्री ने अपने भाषण में उन घटनाओं का भी उल्लेख किया जब दिल्ली में कुछ लोगों ने ‘चिकन नेक’ को भारत से काटकर अलग करने के नारे लगाए थे। उन्होंने बताया कि इस तरह के नारे लगाने वाले तत्वों के खिलाफ कानून ने अपना काम किया और दिल्ली पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेजा।
इंडी अलायंस वाले ‘चिकन नेक’ को काटने की बात करने वालों को जेल से निकालने के लिए कोर्ट में केस लड़ रहे हैं। ‘चिकन नेक’ को काटने की सोचने वालों से मैं कहना चाहता हूँ कि यह तुम्हारे पिताजी की नहीं, भारत की भूमि है। कोई इसे हाथ तक नहीं लगा सकता। pic.twitter.com/8GAdVBFTMt — Amit Shah (@AmitShah) January 31, 2026
इस मुद्दे पर उन्होंने विपक्षी ‘इंडिया’ गठबंधन को भी आड़े हाथों लिया। अमित शाह ने आरोप लगाया कि गठबंधन के नेताओं ने उन गिरफ्तार लोगों को बचाने और छुड़ाने की कोशिश की थी। उन्होंने दावा किया कि विपक्षी सांसदों ने इन आरोपियों की पैरवी करने के लिए सुप्रीम कोर्ट तक का दरवाजा खटखटाया था। हालांकि, उन्होंने संतोष व्यक्त किया कि अदालत ने उनकी दलीलों को स्वीकार नहीं किया और जमानत याचिका को पूरी तरह खारिज कर दिया।
सिलीगुड़ी गलियारा, जिसे इसके संकरे आकार के कारण ‘चिकन नेक‘ के नाम से जाना जाता है, पश्चिम बंगाल के उत्तरी हिस्से में स्थित है। भौगोलिक दृष्टि से यह इलाका केवल 20 से 22 किलोमीटर चौड़ा और लगभग 60 किलोमीटर लंबा है। सुरक्षा और रणनीतिक दृष्टि से यह गलियारा भारत के लिए जीवन रेखा के समान है क्योंकि यही एकमात्र रास्ता है जो भारत के मुख्य भूभाग को उत्तर-पूर्वी राज्यों से जोड़ता है।
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इस गलियारे की संवेदनशीलता को देखते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने स्पष्ट किया कि सुरक्षा के इस केंद्र पर किसी भी तरह का हमला देश की एकता पर हमला माना जाएगा। उन्होंने यह संदेश दिया कि केंद्र सरकार इस क्षेत्र की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और इसे किसी भी कीमत पर सुरक्षित रखा जाएगा।






