
Slovakian top official resigns: अमेरिकी न्याय मंत्रालय द्वारा जारी हालिया फाइलों ने वैश्विक राजनीति में हलचल मचा दी है। इन दस्तावेजों के सामने आने के बाद स्लोवाकिया के वरिष्ठ अधिकारी मिरोस्लाव लाजैक ने अपना इस्तीफा दे दिया। लाजैक, जो पहले संयुक्त राष्ट्र महासभा के अध्यक्ष रह चुके हैं। उन पर किसी भी प्रकार के आरोप नहीं थे। लेकिन जेफरी एपस्टीन के जेल से रिहा होने के बाद के वर्षों में उनकी मुलाकात की तस्वीरें और ईमेल सार्वजनिक होने के बाद उन्होंने पद छोड़ने का निर्णय लिया।
फाइलों में यह खुलासा किया गया है कि फ्लोरिडा में यौन अपराधों के लिए सजा काटने वाले अमीर और प्रभावशाली लोगों के साथ एपस्टीन के करीबी संबंध थे। इसमें ब्रिटेन के पूर्व प्रिंस एंड्रयू माउंटबेटन-विंडसर, अमेरिकी पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, बिल गेट्स, एलन मस्क, ट्रंप के पूर्व सलाहकार स्टीव बैनन, न्यूयॉर्क जायंट्स के सह-मालिक स्टीव टिस्क, इजराइल के पूर्व प्रधानमंत्री एहूद बराक और उनकी पत्नी, गूगल के सह-संस्थापक सर्गी ब्रिन जैसे कई नाम शामिल हैं।
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने कहा कि प्रिंस एंड्रयू को एपस्टीन की गतिविधियों से संबंधित सभी जानकारियां अमेरिकी जांच अधिकारियों को साझा करनी चाहिए। अमेरिकी पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फाइलें जारी होने के बाद कहा कि उन्होंने खुद दस्तावेज नहीं देखे, लेकिन उन्हें बताया गया कि ये दस्तावेज उन्हें दोषमुक्त करते हैं और कुछ वामपंथी लोगों की उम्मीदों के विपरीत हैं।
यह भी पढ़ें:- इजरायल की मुट्ठी में ट्रंप! एपस्टीन फाइलों के जरिए नेतन्याहू करते हैं कंट्रोल, खुलासे से अमेरिका में भूचाल
फाइलों के अनुसार, एफबीआई ने जुलाई 2006 में एपस्टीन के खिलाफ जांच शुरू की थी। इस दौरान एपस्टीन ने कई हाई-प्रोफाइल हस्तियों के साथ ईमेल और संवाद बनाए। अभियोग लगने के एक महीने बाद अगस्त 2019 में न्यूयॉर्क की जेल में उन्होंने आत्महत्या कर ली थी।
ये खुलासे न केवल स्लोवाकिया के शीर्ष अधिकारियों के इस्तीफे का कारण बने, बल्कि दुनिया भर में यह सवाल फिर से उठा रहे हैं कि क्या प्रभावशाली हस्तियों को एपस्टीन के मामलों में अपने जानकारियों को साझा करना चाहिए। फाइलों ने वैश्विक राजनीतिक और आर्थिक हलकों में एपस्टीन के प्रभाव की गहरी छवि उजागर की है, जिससे उसकी जांच और उससे जुड़े लोगों पर नया ध्यान केंद्रित हुआ है।






