वर्धा में दिल दहला देने वाला फैसला: पिता बना हत्यारा, बेटे की हत्या पर उम्रकैद

Wardha Murder Case: वर्धा में रुपये के विवाद में पुत्र की हत्या करने वाले पिता नारायण चचाने को उम्रकैद और 5 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई। अदालत ने इसे जघन्य अपराध माना।
Shocking verdict in Wardha: Father becomes murderer, sentenced to life imprisonment for killing his son.
प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया )
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Wardha Father Kills Son: वर्धा पुत्र को ही मौत के घाट उलारने वाले हत्यारे पिता को उनकैद व 5 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई। उपरोक्त निर्णय जिला न्यायाधीश-2 एस। जे। अंसारी ने दिया। सजा सुनाये गए आरोपी का नाम नारायण जमनाजी चचाने बताया गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार मृतक विशाल चचाने यह काम के सिलसिले बाहरगांव रहता था।

5 जुलाई 2022 को विशाल वर्धा अपने घर आया था। 6 जुलाई को विशाल ने बैंक से 8 हजार रुपये निकाल कर मां को दिये थे, जबकि पिता को उसने रुपये नहीं देने से इस बात का गुस्सा उनके मन में था। इस बात पर विवाद करते हुए नारायण ने पुत्र विशाल के सिर पर लोहे की भारी चीज से हमला कर दिया। इसमें विशाल की मौत हो गई।

आरोपी नारायण को शराब की लत थी। कुछ दिनों तक वह परिवार को छोड़ कर दूसरी महिला के घर रहने गया था। यहां से वापिस लौटने के बाद कई बार रुपये मांगने को लेकर विवाद किया करता था। इसी बात पर हुए विवाद में नारायण ने अपने ही पुत्र की जान ले ली। रातभर विशाल का शव घर में ही रखा।

दूसरे दिन सुबह अपने दूसरे पुत्र अमोल चचाने को स्वयं फोन कर विशाल को मारने की बात कही। अमोल ने तुरंत पड़ोसी मंदा शेंदरे को घर जाकर देखने को कहा। मंदा वहां पहुंचने पर आरोपी नारायण बाहर खड़ा था।

उसके शर्ट पर खून के धब्बे थे। मृतक की मां काम से मंगल कार्यालय में गई थी। रात्रि वहीं पर रुकी थी। सुबह घर लौटने पर उसे पुत्र विशाल मृतावस्था में दिखाई दिया, सूचना मिलते ही रामनगर थाने की टीम मौके पर पहुंची।

11 गवाह के बयान किए गए दर्ज

जांच अधिकारी पुलिस निरीक्षक संजय मिश्रा ने पड़ताल के बाद प्रकराण न्यायप्रविष्ट कर दिया सरकारी पक्ष से अतिरिक्त सरकारी वकील विनय आर घुड़े ने काम संभाला पैरवी अधिकारी नारंगी वाढई ने मदद की सरकार पक्ष से लगभग 11 गवाह के बयान दर्ज किये गए, मामले मैं गवाहों के बयान, सीएस रिपोर्ट, डॉक्टर की गवाही के साथ ही अतिरिक्त सरकारी वकील विनय घुड़े की सफल पैरवी को ध्यान में रखते हुए न्यायाधीश एस जे असारी ने उपरोक्त निर्णय दिया

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