
सड़क पर मरे कौवे। इमेज-एआई
Government Health Advisory : तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई इन दिनों एक अदृश्य खतरे के साये में है। शहर के अलग-अलग हिस्सों में पिछले कुछ दिनों में 1000 से अधिक कौवों की अचानक मौत ने सनसनी फैला दी है। जांच के बाद यह पुष्टि हुई है कि इन मौतों के पीछे घातक H5N1 वायरस यानी एवियन इन्फ्लुएंजा (बर्ड फ्लू) का हाथ है।
जनवरी के अंतिम सप्ताह से चेन्नई के कई रिहायशी इलाकों में पेड़ों से पक्षियों के गिरने की खबरें आने लगी थीं। देखते ही देखते मृत कौवों का आंकड़ा 1500 के करीब पहुंच गया। इसे देखते हुए तमिलनाडु सरकार ने पूरे राज्य में डिजीज सर्विलांस यानी रोग निगरानी प्रोटोकॉल लागू कर दिया है। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य इस वायरस को पोल्ट्री फार्मों और इंसानों तक पहुंचने से रोकना है।
तमिलनाडु के स्वास्थ्य मंत्री सुब्रमणियन ने जनता को भरोसा दिलाते हुए क स्वास्थ्य मंत्री सुब्रमणियन हा है कि स्थिति नियंत्रण में है और घबराने की आवश्यकता नहीं है। पशु चिकित्सा विभाग और सार्वजनिक स्वास्थ्य टीमें मिलकर उन इलाकों की मैपिंग कर रही हैं जहां पक्षियों की मौत हुई है। हालांकि, राहत की बात है कि अब तक किसी भी इंसान में इसके लक्षण नहीं पाए गए हैं।
एवियन इन्फ्लुएंजा मुख्य रूप से पक्षियों की लार, मल और मूत्र में पाया जाता है। जब स्वस्थ पक्षी या जानवर इनके संपर्क में आते हैं तो वे भी संक्रमित हो जाते हैं।
आमतौर पर इंसानों में यह वायरस दुर्लभ है, लेकिन संक्रमित पक्षी के सीधे संपर्क में आने या अधपका मांस/अंडे खाने से यह इंसानों को अपनी चपेट में ले सकता है। इसके लक्षण सामान्य फ्लू जैसे ही होते हैं। जैसे-
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संपर्क से बचें : किसी भी मृत या बीमार पक्षी के पास न जाएं।
सफाई का ध्यान : हाथों को नियमित अंतराल पर साबुन से धोते रहें।
खान-पान : चिकन या अंडे को पूरी तरह (अच्छी तरह पकाकर) खाएं।
तत्काल सूचना दें : कहीं भी पक्षी मृत मिलें तो तुरंत नगर निगम को सूचना दें।






