Protein In Dal: इन 7 दालों में है प्रोटीन का खजाना, आज ही करें डाइट में शामिल
Which Dal has Highest Protein: भारत में 65 हजार प्रकार की दालें पाई जाती हैं, लेकिन किस दाल को खाना हमारे सेहत के लिए फायदेमंद है और किसमें सबसे अधिक प्रोटीन पाया जाता है। आइए जानते हैं-
- Written By: रीता राय सागर
दाल (फोटो. सोशल मीडिया)
Nutritious And Healthy Dal: भारतीय रसोई में दालों का विशेष स्थान है। सादी दाल हो या सब्ज़ियों और हरी पत्तेदार सब्ज़ियों के साथ बनी दाल, या फिर घी में तड़का लगी सुगंधित दाल, हर रूप में दाल भारतीय भोजन में शाम्ल की जाती है।
दाल-रोटा या दाल-चावल हर किसी का कम्फर्ट फूड है। दक्षिण भारत में सांभर के लिए तूअर दाल, महाराष्ट्र में आमटी, गुजरात में खट्टी-मीठी दाल, हर क्षेत्र में दाल को बनाने का अपना तरीका है। दाल को त्योहार और आय़ोजन के अनुसार भी अलग-अळग तरीके से बनाया जाता है।
वेजिटेरियन के लिए दाल प्रोटीन का मुख्य स्त्रोत है औऱ दाल में भरपूर मात्रा में पोषक त्तव पाए जाते हैं।
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कौन सी दाल है बेस्ट
मूंग दाल
मूंग दाल का उपयोग सबसे अधिक किया जाता है, क्यों कि यह बेहद सुपाच्य होता है। साबुत या धुली मूंग में मैंगनीज़, मैग्नीशियम, फॉस्फोरस, पोटैशियम, जिंक, फोलेट, प्रोटीन और फाइबर पाया जाता है। 100 ग्राम पके हुए दाल में 10-11 ग्राम प्रोटीन पाया जाता है।
मूंग दाल के फायदे
- आसानी से पचने वाली, डाइट के लिए उपयुक्त।
- कोलेस्ट्रॉल कम करता है, इसलिए हार्ट पेशेंट के लिए बहुत अच्छा माना जाता है।
- डायबिटीज़ में ब्लड शुगर नियंत्रित करती है।
- वजन घटाने में सहायक।
- विटामिन बी से भरपूर, PMS में मददगार
- मूंग दाल का दाल बेहद लाइट होता है, इसलिए इसे रात में भी खाया जा सकता है।
उड़द दाल
उड़द दाल साबुत या धुली दोनों रूपों में खाई जाती है। इसका इस्तेमाल दाल मखनी से लेकर इडली, डोसा, वड़ा में किया जाता है। उड़द दाल स्वाद और पोषण से भरपूर है। इसमें प्रोटीन, पोटैशियम, कैल्शियम, आयरन और विटामिन A व C होते हैं। इशमें 12-14 ग्राम प्रोटीन पाया जाता है।
उड़द दाल के फायदे
- पाचन को बेहतर बनाती है।
- हड्डियों को मज़बूत करती है।
- ऊर्जा बढ़ाती है और ब्लड शुगर नियंत्रित करती है।
- त्वचा और बालों के स्वास्थ्य में सहायक।
उड़द दाल (फोटो.सोशल मीडिया)
तुअर दाल
तुअर दाल भारतीय रसोई में रोजाना बनाई जाने वाली दाल है। दक्षिण भारत में तुअर दाल से ही सांभर बनाई जाती है। इसमें प्रोटीन, आयरन, फोलिक एसिड, मैग्नीशियम और बी-विटामिन होते हैं। 100 ग्राम पके हुए तुअर दाल में 15-20 ग्राम प्रोटीन पाया जाता है।
तुअर दाल के फायदे
- फॉलिक एसिड से भरपूर, इसलिए गर्भवती महिलाओं के लिए लाभकारी
- हृदय रोग, स्ट्रोक और डायबिटीज़ का जोखिम कम करती है।
- फाइबर से भरपूर, पाचन में मददगार।
चना दाल
चना दाल पोषक तत्वों से भरपूर होती है। इससे पकौड़े, सूप, सलाद और करी बनाई जाती है। इसमें प्रोटीन, फोलेट, जिंक, कैल्शियम और फाइबर प्रचुर मात्रा में होते हैं। इसके 100 ग्राम पके हुए दाल में 12 ग्राम प्रोटीन पाया जाता है।
चना दाल के फायदे
- ब्लड ग्लूकोज़ लेवल स्थिर रखती है।
- कोलेस्ट्रॉल कम कर हृदय को स्वस्थ रखने में मददगार।
- हड्डियों को मजबूत बनाने में सहायक।
चना दाल (फोटो.सोशल मीडिया)
मसूर दाल
मसूर दाल भारतीय घरों में आमतौर पर बनाई जाती है और सब्ज़ियों के साथ बहुत स्वादिष्ट लगती है। यह झटपट बनने वाली दाल है। इसमें प्रोटीन, फाइबर, मैग्नीशियम, कैल्शियम, फोलेट और बी-विटामिन होते हैं।
मसूर दाल के फायदे
- त्वचा को स्वस्थ रखती है और मुंहासों से बचाती है।
- ब्लड शुगर को संतुलित करती है।
- रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाती है।
मसूर दाल (फोटो. सोशल मीडिया)
कुल्थी दाल
कुल्थी का दाल जिसे हॉर्स ग्राम भी कहा जाता है, फाइबर और प्रोटीन से भरपूर होती है। इसका उपयोग पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोग अधिक करते हैं। चूंकि इसकी तासीर गर्म होती है, इसलिए इसे ठंड के मौसम में अधिक खाया जाता है।
ये भी पढ़ें- Tea vs Coffee: जानिए किसमें होता है ज्यादा कैफीन और कितनी चाय या कॉफी पीना है सुरक्षित? एक्सपर्ट्स की राय
कुल्थी दाल के फायदे
-
- पाचन तंत्र को बेहतर बनाए रखने में मदद।
- शरीर में जमा अतिरिक्त फैट कम करने में सहायक।
- ब्लड शुगर को नियंत्रित रखने में मददगार।
- एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर, जो कोशिकाओं की सुरक्षा करते हैं।
- किडनी स्टोन में भी मददगार।
कुल्थी दाल (फोटो. सोशल मीडिया)
| दाल | प्रोटीन (प्रति 100 ग्राम) |
| सोयाबीन | 10.6 |
| हरी दाल | 8.8 |
| पीली दाल | 8.4 |
| राजमा | 8.3 |
| हरे/ सूखे मटर | 7.9 |
| लोबिया | 7.8 |
| मसूर दाल | 7.7 |
| छोले | 7.6 |
| मूंग दाल | 7.6 |
| काला चना | 6.1 |
| उड़द दाल | 13 |
इसके अलावा भारत में राजमा, छोले, मटकी, चवली, सोयाबीन, लोबिया, काला चना जैसी अनगिनत प्रकार की दालें है। खाने में दालों को हमेशा बदल-बदल कर खाना चाहिए। इससे स्वाद व सेहत दोनों अच्छी बनी रहती है। दाल में फाइबर की अच्छी मात्रा होती है, जो पाचन का सुधार करती है और कब्ज को दूर करती है। दाल में विटामिन बी, फोलेट, आयरन, कैल्शियम, पोटैशियम, और मैग्नीशियम जैसे जरूरी मिनरल्स और विटामिन्स होते हैं। साथ ही, इनमें ओमेगा-3 फैटी एसिड होते हैं, जो दिल की बीमारियों के जोखिम को कम करने में मदद करते हैं।
