नवभारत विशेष: महिला क्रिकेट का नया अध्याय, लॉर्ड्स में भारत की ऐतिहासिक टेस्ट जीत
India Women Lord's Test: लॉर्ड्स टेस्ट में भारतीय महिला टीम ने शानदार जीत दर्ज की। क्रांति गौड़ ने मैच में 12 विकेट लेकर प्लेयर ऑफ द मैच का पुरस्कार जीता, जबकि यस्तिका भाटिया ने ऐतिहासिक शतक जड़ा।
- Written By: अंकिता पटेल
भारतीय महिला टीम, क्रांति गौड़, यस्तिका भाटिया, लॉर्ड्स टेस्ट, इंग्लैंड, (सोर्स: नवभारत डिजाइन फोटो)
India Women Historic Victory: भारतीय महिला टीम की गौरवपूर्ण जीत के लिए क्रांति गौड़ की सटीक गेंदबाजी की तारीफ करनी होगी, जिसने पहली पारी में 91 रन देकर 7 विकेट और दूसरी पारी में सिर्फ 37 रन देकर 5 विकेट झटके। उसे प्लेयर ऑफ दि मैच का खिताब मिला। सयाली सातघरे ने 64 रन देकर 4 विकेट तथा स्नेह राना ने 42 रन देकर 4 विकेट लिये।
यस्तिका भाटिया ने अपने पहले ही टेस्ट में शतक जड़ दिया। वह लॉर्ड्स में सेंचुरी बनाने वाली पहली महिला टेस्ट खिलाड़ी बनीं। भारत की बल्लेबाजी बहुत मजबूत रही। चौथे दिन का खेल शुरू होने से पहले इंग्लैंड की टीम का स्कोर 6 विकेट पर 130 रन था।
उनके सामने 457 रनों का विशाल लक्ष्य था। सिर्फ 90 मिनिटों के खेल में इंग्लैंड को धूल चटा दी गई। इस मैच में उपकप्तान स्मृति मानधना ने 2 हाफसेंचुरी बनाई। महिला क्रिकेट को अब भारी लोकप्रियता मिलने लगी है। इस मैच को देखने 37,846 दर्शक उमड़ पड़े थे।
सम्बंधित ख़बरें
Navabharat Nishanebaaz: चंदा चोरी से लेकर चादर चोरी आखिर ऐसी कौन-सी मजबूरी
ठाणे होर्डिंग हादसा: डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे के निर्देश पर मनपा का एक्शन; रोनक एड का लाइसेंस रद्द, FIR दर्ज
महबूबा की फरमाइश पर नागपुर का धूम स्टाइल: चोरी की बाइक पर आशिकी का सफर, पुलिस ने 1 घंटे में किया द एंड!
महाराष्ट्र में बजट प्रबंधन पर CAG की रिपोर्ट से मची हलचल, स्वास्थ्य विभाग का 78% बजट खाली; सीएम फडणवीस सख्त
महिला टीम की ऐतिहासिक जीत बनी नई पीढ़ी की प्रेरणा
चौथे दिन पैवेलियन की बालकनी से सचिन तेंदुलकर और आईसीसी चेयरमैन जय शाह ने भारतीय महिला क्रिकेट टीम की इस बेमिसाल जीत का नजारा देखा। हमारी महिला टीम की यह उपलब्धि देश की महिलाओं के लिए प्रेरणास्त्रोत बनकर उनके हौसले को और मजबूत बनाएगी।
महिला शक्ति की यह जीती-जागती मिसाल है। इससे और अधिक लड़कियां खेल की ओर आकर्षित होंगी। भारत व इंग्लैंड की महिलाओं के बीच आज तक 16 टेस्ट खेले गए हैं, जिनमें भारत की यह चौथी जीत थी, जबकि इंग्लैंड ने सिर्फ एक टेस्ट जीता है और शेष 11 ड्रॉ रहे।
लॉर्ड्स में इतिहास रचकर बोलीं हरमनप्रीत- ‘इससे बेहतर पटकथा नहीं हो सकती’
भारत की पहली तीन जीत इस प्रकार रही थीं टांटन (2006) में 5 विकेट से, वोर्सले (2014) में 6 विकेट से और मुंबई (2023) में 347 रन से। इस ऐतिहासिक कामयाबी के बाद कप्तान हरमनप्रीत कौर ने कहा, ‘इससे बेहतर पटकथा नहीं हो सकती थी।
ईश्वर बेहतर लेखक है और उसने बहुत अच्छी पटकथा लिखी। हमारी सलामी बैटर्स हमारी ताकत हैं, जिस तरह से उन्होंने पहले हाफ में बल्लेबाजी की, वह विशेष थी। सपोर्ट स्टाफ ने बहुत टेस्ट क्रिकेट खेली है, जिससे वह जानता था कि लॉर्ड्स में गेंद किस तरह से मूव करती है, इसलिए हमें अच्छा फीडबैक मिला। हमने टेस्ट में धमाकेदार वापसी की।
यस्तिका का लॉर्ड्स में ऐतिहासिक शतक, महिला टेस्ट चैंपियनशिप की मांग तेज
मैं उम्मीद करती हूं कि अब हमें 10 और टेस्ट खेलने का अवसर मिलेगा।’ यस्तिका भाटिया पहली महिला बैटर हैं, जिन्होंने लॉर्डस पर टेस्ट शतक लगाया है और इस तरह वह लॉड्स के ऑनर बोर्ड पर उन 10 भारतीय क्रिकेटरों के साथ अपना नाम दर्ज कराने में कामयाब हो गई, जिन्होंने इस मैदान पर टेस्ट शतक लगाए हैं।
वीनू मांकड़ (1952), गुंडप्पा विश्वनाथ (1979), दिलीप वेंगसरकर (तीन शतक 1979, 1982, 1986), रवि शास्त्री (1990), मोहम्मद अजहरुद्दीन (1990), सौरव गांगुली (1996), अजित अगरकर (2002), राहुल द्रविड़ (2011), अजिंक्य रहाणे (2014) और केएल राहुल (2021)। इसमें कोई दो राय नहीं है कि महिलाओं के टेस्ट अब दिलचस्प व रोमांचक होते जा रहे हैं, इसलिए भारत की महिला टीम के मुख्य कोच अमोल मजूमदार ने एक बार फिर दोहराया है कि महिला विश्व टेस्ट चैंपियनशिप शुरू की जानी चाहिए,
पहली बार महिलाओं ने परचम लहराया
हरमनप्रीत कौर के नेतृत्व में भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने क्रिकेट का मक्का कहे जाने वाले लॉईस के मैदान में इतिहास रच दिया। ला में 142 वर्षों से टेस्ट क्रिकेट खेला जा रहा है, मगर इसके पहले कोई महिला टेस्ट मैच नहीं हुआ था। यहीं हुए पहले वीमेन्स क्रिकेट टेस्ट मैच के चौथे दिन इंग्लैंड की टीम को भारत की बेटियों ने 270 रन के बहुत बड़े अंतर से हरा दिया।
यह भी पढ़ें:-Navabharat Nishanebaaz: चंदा चोरी से लेकर चादर चोरी आखिर ऐसी कौन-सी मजबूरी
इस अभूतपूर्व उपलब्धि में एक योगायोग जुड़ा है। 24 वर्ष पूर्व इसी तारीख (13 जुलाई) को लॉईस के मैदान में सौरव गांगुली के नेतृत्व में भारतीय टीम ने इंग्लैंड को नेट वेस्ट सीरीज के फाइनल में हराया था। तब मोहम्मद कैफ ने 87 तथा युवराज सिंह ने 69 रन बनाए थे और जीत के जोश में गांगुली ने अपना टीशर्ट उतारकर हवा में लहराया था।
