वेट लॉस में कारगर है लोबिया
नई दिल्ली: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में मोटापा एक आम समस्या बन चुका है। बढ़ता वजन न सिर्फ शरीर की खूबसूरती को कम करता है, बल्कि यह डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, हार्ट डिजीज और जोड़ों के दर्द जैसी कई बीमारियों की वजह भी बन जाता है। इन बीमारियों की वजह से शरीर पर कई तरह से बदलाव देखने के लिए मिलते है इसमें मोटापा सबसे बड़ी समस्या में से एक है। लोग वजन घटाने के लिए घंटों एक्सरसाइज करते हैं, तरह-तरह की डाइट अपनाते हैं, और कभी-कभी दिनभर भूखे भी रहते हैं। इन तरीकों के अलावा अगर डाइट में ही कुछ चीजों को शामिल किया जाए, तो यह वजन आसानी से कम हो सकता है। हम बात कर रहे लोबिया की। इस बीज को वजन घटाने के लिए जरूरी बताया गया है। चलिए जानते हैं अच्छी तरह से इसके बारे में।
क्या होती है लोबिया
लोबिया एक तरह की दाल है जो छोटे सफेद रंग की होती है और उसमें एक छोटा काला या भूरा दाग होता है। यह दिखने में भले ही मामूली लगे, लेकिन इसमें पोषक तत्वों की भरमार होती है। अमेरिकन नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन के मुताबिक, लोबिया में करीब 20.43 प्रतिशत प्रोटीन पाया जाता है। यह वजन कम करने वालों के लिए बेहद फायदेमंद है। रिसर्च में देखा गया कि जब लोबिया को पकाकर खिलाया गया, तो उसका प्रोटीन एफिशिएंसी रेशियो (पीईआर) बढ़ गया। बता दें कि पीईआर एक ऐसा पैमाना है जो बताता है कि शरीर किसी खाने की चीज से कितना प्रोटीन सोख पा रहा है। पकाने पर यह मानक 1.05 से बढ़कर 1.47 हो गया, यानी लोबिया पकाने के बाद शरीर के लिए बेहद फायदेमंद है।
अगर आप लोबिया का सेवन करते है तो आपके शरीर को इसके लाभ मिलते है। दरअसल लोबिया में प्रोटीन और फाइबर की मात्रा काफी ज्यादा होती है। फाइबर का काम पेट को देर तक भरा हुआ महसूस कराना होता है। जब हमें भूख नहीं लगती, तो हम बार-बार कुछ भी खाने से बचते हैं और इस तरह हमारी कैलोरी की मात्रा घटती है। दूसरी तरफ प्रोटीन शरीर की मांसपेशियों को मजबूत बनाने का काम करता है और जब मसल्स बनते हैं, तो शरीर खुद ही ज्यादा फैट बर्न करना शुरू कर देता है।
ये भी पढ़ें- हाई यूरिक एसिड को कम करने के 6 तरीके, मिलेगा आराम
यहां पर रिसर्च में बताया गया कि, जब लोबिया में 20 प्रतिशत नॉन वेज मिलाया गया, तो इसके फायदे और बढ़ गए। प्रोटीन की पाचन क्षमता 74.9 प्रतिशत से बढ़कर 84.3 प्रतिशत हो जाती है, जो शरीर को ज्यादा ताकत और पोषण देता है और वजन घटाने में मदद करता है।
आईएएनएस के अनुसार