

Dhule Health Department: धुले मार्च की शुरुआत से ही जिले में तापमान तेजी से बढ़ने लगा है और मौसम विभाग ने अप्रैल में भीषण गर्मी पड़ने की संभावना जताई है। इस स्थिति को देखते हुए जिला परिषद का स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर आ गया है।
जिले के सभी 43 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में विशेष 'हीट स्ट्रोक वार्ड शुरू कर दिए गए हैं। जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.सचिन बोडके ने नागरिकों से सतर्क रहने और गर्मी से बचाव के उपाय अपनाने की अपील की है, ताकि उष्माघात (हीट स्ट्रोक) जैसी गंभीर समस्या से बचा जा सके।
हीट स्ट्रोक के मरीजों को तुरंत राहत मिले, इसके लिए सभी स्वास्थ्य केंद्रों में ठंडा पानी, जरूरी दवाएं और प्राथमिक उपचार की व्यवस्था की गई है। साथ ही स्वास्थ्य कर्मचारियों को ऐसे मरीजओं के इलाज के लिए विशेष दिशा-निर्देश दिए गए हैं।
खासतौर पर ग्रामीण इलाकों में त्वरित इलाज सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है। इन लोगों को ज्यादा खतरा: गर्मी के मौसम में छोटे बच्चे, गर्भवती महिलाएं, बुजुर्ग, किसान और धूप में काम करने वाले - मजदूर सबसे ज्यादा जोखिम में रहता है।
भरपूर पानी पिएं प्यास न लगे तब भी दिनभर पानी पीते रहे।
छाछ, नीबू पानी और नारियल पानी का सेवन बढ़ाएं।
हल्के कपड़े पहनें सूती, ढीले और हल्के रंग के कपड़े पहनें।
बाहर जाते समय टोपी, गमछर या छाता जरूर रखें।
समय का ध्यान रखें: जरूरी काम सुबह जल्दी या शाम को करें।
इनसे दूरी रखें चाय, कॉफी, शराब और ज्यादा मीठे पेय पदार्थों से बचें, ये शरीर में पानी की कमी बढ़ाते हैं।
बार-बार चक्कर आना, मासपेशियों में पैठन, तेज सिरदर्द, उल्टी, अत्यधिक थकान और शरीर का तापमान 105F तक पहुंचना हीट स्ट्रोक के प्रमुख संकेत हैं।
ऐसे में मरीज को तुरंत छांव में लाकर ठंडा करें, शरीर पर ठंडे पानी की पट्टियां रखें और हवा लगाए।
हीट स्ट्रोक के लक्षण दिखते ही तुरंत नजदीकी सरकारी अस्पताल में इलाज कराएं। आपात स्थिति में 108 और 102 नंबर पर संपर्क करें।
- जिला स्वास्थ्य अधिकारी, डॉ.सचिन बोडके