Summer Cooling Tips: AC-कूलर नहीं, चिलचिलाती गर्मी से बचना है, तो अपनाइए सद्गुरु के बताए देसी टिप्स
Summer Survival Tips: गर्मी के मौसम में अधिक तापमान और नमी से हमारे शरीर की ऊर्जा कम होने लगती है। ऐसे में ईशा फाउंडेशन के संस्थापक सद्गुरु द्वारा दिए गए कुछ टिप्स आपके काम आ सकते हैं।
- Written By: रीता राय सागर
सद्गुरू (सौ. पिंटरेस्ट)
How To Stay Cool In Summer: तापमान में बढ़ोतरी हमारे शरीर के लिए बेहद नुकसानदेह है। एसी और कूलर में सारा दिन रहना हमारे शरीर में कई अन्य समस्याएं पैदा करता है। हेल्थ एक्सपर्ट भी अब आयुर्वेदिक नुस्खों को अपनाने की सलाह दे रहे हैं।
आयुर्वेद के जानकारों का मानना है कि कुछ आसान उपायों और दिनचर्या को अपनाने से थकान, चक्कर आना, डिहाइड्रेशन, मिचली और पाचन संबंधी समस्याएं काफी हद तक कम की जा सकती हैं।
कैसे पता करें शरीर में गर्मी का बढ़ना
तपती गर्मी में जब आपको आंखों की पुतलियों में गर्मी महसूस हो, इसके मतलब है आपके शरीर का तापमान सामान्य से अधिक है। इसके अलावा आपको बार-बार वॉशरूम का महसूस होना या जलन होना, भी शरीर में तापमान बढ़ने के लक्षण है।
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क्या कहते है सद्गुरू
यदि आपको शरीर में तापमान बढ़ने का आभास होता है, तो तुरंत पेठे का जूस पिएं या हरा खाएं। इसके साथ ही नाभि में कास्टर ऑयल की दो बूंदें डालें और कान के पीछे कास्टर ऑयल से मसाज करें। सद्गुरू के अनुसार, इन उपायों से 5 मिनट के भीतर शरीर का तापमान नीचे हो जाएगा और राहत मिलेगी।
खस का प्रयोग करना
खस एक प्रकार का घास है, जो बारहमासी होता है। इससे शरीर को ठंडक मिलती है। पानी पीने के घड़े में इसे डालकर रखें और उसी पानी को पूरा दिन पीते रहें। इससे पानी का स्वाद भी बढ़ता है। खस के स्वाद वाली शरबत, स्मूदी व मिल्कशेक भी एक बेहतरीन विकल्प है।
खस की जड़
नन्नारी/सारसापरिला की जड़ें
गर्मियों के महीनों में दक्षिण भारत में नन्नारी शरबत बहुत आम है। यह एक लकड़ी जैसी बेल होती है, जिसकी जड़ों में औषधीय गुण होते हैं। संस्कृत में इसे ‘अनंतमूल’ कहा जाता है। इसका उपयोग आयुर्वेद में बड़े पैमाने पर किया जाता है और यह रक्त को शुद्ध करने में मददगार है। इससे शरीर में सूजन भी कम होती है। इसकी जड़ों के काढ़े में विटामिन A, B कॉम्प्लेक्स, विटामिन C और D, आयरन, मैंगनीज, सोडियम, सिलिकॉन, सल्फर और आयोडीन जैसे खनिज पाए जाते हैं। यह शरीर के लिए एक कूलिंग एजेंट का काम करता है। इससे पसीना अधिक होता है और स्कीन से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालता है।
नन्नारी (सौ. सोशल मीडिया)
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तुलसी के बीज
गर्मियों के मौसम में साधारण से दिखने वाले इस बीज को अपने घर में जरूर रखें। इसको कंज्यूम करने से पहले पानी में भिगोना जरूरी होता है। इन बीजों को गुलाब के शरबत और फालूदा में मिक्स किया जाता है। इन बीजों में ठंडक देने वाले गुण होते हैं और इससे पेट भी साफ होता है।
तुलसी के बीज (सौ. सोशल मीडिया)
