

Vat Savitri Vrat Ki Samagri: हिंदू धर्म में अखंड सौभाग्य एवं पति की लंबी आयु के लिए कई व्रत व त्योहार मनाए जाते है। इन्हीं में से एक वट सावित्री का व्रत भी। जो कि इस साल 16 मई 2026, शनिवार को रखा जाने वाला है। यह व्रत विवाहित महिलाओं के लिए खास महत्व रखता है और इस व्रत का वर्णन पुराणों में भी किया गया है।
धर्म शास्त्रों में बताया गया हैं कि, जिस प्रकार देवी सावित्री यमराज से अपने पति सत्यवान के प्राण वापस लेकर आई थी उसी प्रकार प्रत्येक सुहागन महिलाओं को वट सावित्री व्रत रखने से अखंड सौभाग्य का वरदान मिलता है। इसलिए इस व्रत को हर सुहागन महिलाओं को रखना चाहिए।
धर्म शास्त्रों में बताया गया है कि, वट सावित्री व्रत में कुछ विशेष प्रकार की सामग्रियों का होना बहुत जरूरी है। जिनके बिना यह पूजा अधूरी मानी जाती है। अगर आप भी इस बार वट सावित्री व्रत रख रही हैं तो पहले ही सामग्री तैयार कर लें
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हिंदू धर्म में बरगद के पेड़ का बहुत धार्मिक महत्व बताया गया है। यह लंबी उम्र, शक्ति और स्थिरता का प्रतीक है। वट सावित्री व्रत के दौरान विवाहित महिलाएं बरगद के पेड़ के चारों ओर पवित्र धागा बांधकर अपने पति की लंबी उम्र और परिवार की खुशहाली की प्रार्थना करती हैं। इसलिए इस दिन बरगद के पेड़ की पूजा- अर्चना की जाती है।
यह व्रत सावित्री और सत्यवान की पौराणिक कथा से जुड़ा है। मान्यता है कि माता सावित्री ने अपनी बुद्धिमानी, भक्ति और दृढ़ संकल्प से अपने पति सत्यवान को दोबारा जीवन दिलाया था।