'लुक्स नहीं एक्टिंग पर फोकस करें' शाहिद कपूर ने बताया इंडस्ट्री में लंबा टिकने का मंत्र

Shahid Kapoor: शाहिद कपूर ने IFFI में कहा कि इंडस्ट्री में लंबा टिकने के लिए 'लुक्स नहीं, एक्टिंग पर फोकस करें'। उन्होंने 'हैदर' के 'बिस्मिल्ला' को अपना पसंदीदा गाना बताया।
शाहिद कपूर का इंडस्ट्री में लंबा टिकने का मंत्र: 'लुक्स नहीं, एक्टिंग पर फोकस करें'
'डांसिंग सॉन्ग्स पसंद हैं, पर अब हर किरदार में डांस नहीं कर सकता', शाहिद कपूर ने IFFI में करियर और निजी भावनाओं पर की बात
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Shahid Kapoor On Acting And Looks: अभिनेता शाहिद कपूर ने हाल ही में 15वें इंडियन फिल्म प्रोजेक्ट (आईएफपी) समारोह में शिरकत की, जहाँ उन्होंने अपने करियर, अभिनय के प्रति अपने दृष्टिकोण और इंडस्ट्री में लंबे समय तक बने रहने के महत्वपूर्ण मंत्र पर खुलकर बात की।

'हैदर' और 'कबीर सिंह' जैसी फिल्मों से अपनी बहुमुखी प्रतिभा साबित कर चुके शाहिद ने कहा कि लुक्स, चार्म और स्टाइल से शुरुआत तो मिल सकती है, लेकिन आगे बढ़ने के लिए अभिनय पर ध्यान केंद्रित करना ज़रूरी है।

पसंदीदा गाना: 'हैदर' का 'बिस्मिल्ला'

समारोह में जब शाहिद से उनके मनपसंद गाने के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने खुलासा किया कि अब तक का उनका पसंदीदा गाना फिल्म 'हैदर' का गाना 'बिस्मिल्ला' है। उन्होंने कहा कि यह गाना फिल्म की खूबसूरती से जुड़ा है और इसे करके उन्हें बहुत अच्छा लगा था।

डांसिंग सॉन्ग्स की बात करते हुए शाहिद ने मज़ाकिया लहजे में कहा, "मुझे 'मौजा ही मौजा,' 'नगाड़ा,' 'ढटिंग नाच,' 'साड़ी के फॉल सा,' और 'तेरी बातों में उलझा जिया' समेत कई गाने पसंद हैं। असल में मुझे डांस करना बहुत अच्छा लगता है, लेकिन काफी समय से मैंने डांस नहीं किया है। मेरे कई सारे कोरियोग्राफर दोस्त हैं, जो कहते हैं 'अब डांस क्यों नहीं करता है?' और मैं उनसे मजाक में कहता हूँ, 'तुम्हें आता है तो तुम कर लो!'"

"हर किरदार में डांस नहीं कर सकते हैं"

शाहिद कपूर ने कहा कि किसी भी फिल्म में किरदार के हिसाब से काम करना बहुत जरूरी है। उन्होंने समझाया, "अब किसी डॉक्टर का किरदार है तो वो डांस क्यों ही करेगा? हालाँकि कई डॉक्टर बहुत अच्छा डांस करते हैं।" उन्होंने ज़ोर दिया कि भूमिका की ज़रूरत के अनुसार ही कलाकार को काम करना चाहिए।

इंडस्ट्री में लंबा टिकने का मंत्र

शाहिद कपूर को अक्सर उनके चार्मिंग लुक्स के लिए पसंद किया जाता है, लेकिन अभिनेता का मानना है कि केवल लुक्स पर निर्भर रहना काफी नहीं है। उन्होंने इंडस्ट्री में लंबा टिकने का मंत्र बताते हुए कहा, "अगर इस इंडस्ट्री में लंबे समय तक दिखना है, तो आपको अपने अभिनय पर काम करना होगा, क्योंकि लुक्स, चार्म और स्टाइल से शुरुआती दिनों में काम चल सकता है, लेकिन आगे तक चलना है, तो अपने काम पर ध्यान दो। जब आप ईमानदारी से अपने किरदार में डूबते हैं तो आप अपने अंदर झाँकते हैं और दबी हुई भावनाओं को बाहर निकालते हैं, तभी असली संतुष्टि मिलती है।"

अभिनय को बताया 'भावनाएं खोलने का रास्ता'

खुद को संवेदनशील व्यक्ति बताते हुए शाहिद ने कहा कि वह हर बात को गहराई से सोचते हैं। उन्होंने अभिनय को एक थेरेपी जैसा बताया। उन्होंने कहा, "असल जिंदगी में भी हम अपने भाव छुपाते हैं, लेकिन अभिनय मेरे लिए वो रास्ता है, जहाँ पर मैं पूरी तरह से अपने अंदर की भावनाओं को खोलकर रख देता हूँ।"

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