

Bihar Pind Daan: सिनेमा और टीवी जगत के प्रसिद्ध अभिनेता पुनीत इस्सर को आज हर कोई जानता है। उन्होंने टीवी धारावाहिक महाभारत में दुर्योधन का अविस्मरणीय किरदार निभाकर घर-घर में पहचान बनाई। दरअसल, हाल ही में सोमवार को मोक्षस्थली गयाजी, बिहार पहुंचे थे। यहां उन्होंने अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति और मुक्ति के लिए पिंडदान और अन्य विधिवत श्राद्ध-कर्म किए। जिसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर सामने आई है।
हालांकि, अभिनेता ने फल्गु नदी के तट पर विधिपूर्वक पिंडदान संपन्न किया और इसके बाद विष्णुपद मंदिर में भी धार्मिक कर्मकांड किया। इस अवसर पर उनके परिवार के कई सदस्य भी उनके साथ उपस्थित थे। पुनीत इस्सर ने पितृपक्ष मेले में किए गए व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए कहा कि गयाजी पिंडदान के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध है और यहां आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सरकार और प्रशासन ने बेहतरीन इंतजाम किए हैं।
उन्होंने कहा, “गयाजी आकर मुझे आध्यात्मिक संतोष और शांति की अनुभूति हुई। बिहार अब पहले जैसा नहीं है। मैं निःशब्द रह गया। जो भी मैंने बिहार के बारे में सुना था, उससे पूरी तरह अलग पाया। रास्ते हों या अन्य सुविधाएं, सभी जगह व्यवस्थाएं उत्तम हैं। मैं हवाई अड्डे से सीधे मेला क्षेत्र आया और हर जगह बेहतरीन व्यवस्था देखी।”
पितृपक्ष के दौरान देश-विदेश से हजारों श्रद्धालु गयाजी आते हैं, ताकि वे अपने पितरों की मोक्ष और शांति के लिए पिंडदान कर सकें। यहां विष्णुपद मंदिर, फल्गु नदी, अक्षय वट और अन्य पवित्र स्थानों पर श्रद्धापूर्वक वेदियों पर पूजा-अर्चना की जाती है। मान्यता है कि मृत्यु के बाद आत्मा भौतिक जगत में विचरण करती रहती है, जबकि पिंडदान करने से आत्मा को मुक्ति मिलती है और वह बंधनों से मुक्त हो जाती है।
गयाजी में पितृपक्ष के अवसर पर जिला प्रशासन और पर्यटन विभाग ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए व्यापक तैयारियां की हैं। पुनीत इस्सर जैसे श्रद्धालु यहां आकर अपने पितरों के प्रति सम्मान व्यक्त करते हैं और धार्मिक कर्मकांड संपन्न करते हैं। इस अवसर पर पुनीत इस्सर ने न केवल अपने परिवार के पितरों की शांति के लिए पिंडदान किया, बल्कि यहां आकर आध्यात्मिक संतोष और आशीर्वाद का अनुभव भी प्राप्त किया।
(एजेंसी इनपुट के साथ)