Maharashtra: प्रतिबंध के बावजूद नायलॉन मांजा बिकने पर HC की नाराजगी, पीड़ितों को मुआवजा

Nylon Manjha से हो रही दुर्घटनाओं पर नियंत्रण में प्रशासन की नाकामी को लेकर बॉम्बे हाईकोर्ट की औरंगाबाद पीठ ने कड़ा रुख अपनाया है और राज्यस्तरीय STF गठित करने के निर्देश दिए हैं।
aurangabad bench of bombay high court
बॉम्बे हाईकोर्ट की औरंगाबाद बेंच (सौ. सोशल मीडिया )
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Chhatrapati Sambhaji Nagar News In Hindi: प्रतिबंधित नायलॉन मांजे के कारण हो रही गंभीर दुर्घटनाओं को रोकने में प्रशासन की विफलता पर बॉम्बे उच्च न्यायालय की औरंगाबाद पीठ ने कड़ी नाराजगी जताई है।

अदालत ने पुलिस महानिदेशक (DGP) को निर्देश दिया है कि तुरंत एक राज्यस्तरीय विशेष टास्क फोर्स (STF) का गठन किया जाए, जिसकी अगुवाई आईजी स्तर का अधिकारी करेगा।

न्यायमूर्ति विभा कंकणवाड़ी और न्यायमूर्ति हितेन वेणेगांवकर की खंडपीठ ने कहा कि नायलॉन मांजा का निर्माण, बिक्री और उपयोग प्रतिबंधित होने के बावजूद उसका खुलेआम उपलब्ध होना नागरिकों के जीवन के अधिकार का सीधा उल्लंघन है। अदालत ने स्पष्ट किया कि इस विषय पर प्रशासन का रवैया गंभीर और जिम्मेदार होना चाहिए।

2020 से लंबित है जनहित याचिका

अदालत ने इस मामले में स्वतः संज्ञान लेकर दाखिल जनहित याचिका के वर्ष 2020 से लंबित होने को गंभीर माना। खंडपीठ ने टिप्पणी की कि बार-बार गंभीर घटनाएं होने के बावजूद प्रशासन केवल दिखावटी कार्रवाई कर रहा है, जो स्वीकार्य नहीं है।

मनपाओं और स्थानीय निकायों की जिम्मेदारी तय

उच्च न्यायालय ने महानगरपालिकाओं और स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं को भी इस मामले में जिम्मेदार ठहराया है। अदालत ने निर्देश दिए हैं कि दुकानों, बाजारों और गोदामों की नियमित जांच की जाए। यदि नायलॉन मांजा पाया जाता है, तो केवल जब्ती पर्याप्त नहीं होगी, बल्कि दुकान का लाइसेंस रद्द करना, प्रतिष्ठान सील करना और आपराधिक मामला दर्ज करना अनिवार्य होगा।

तीन पीड़ितों को अंतरिम मुआवजा

राज्य की विफल कार्रवाई के कारण दुर्घटनाएं होने की बात स्वीकार करते हुए अदालत ने तीन पीड़ितों को अंतरिम राहत देने का आदेश दिया है। इनमें हसूल निवासी नाबालिग स्वरांश जाधव, जिन्सी निवासी शोएब कादरी और बायजीपुरा-संजयनगर निवासी मोहम्मद हैदर अली शामिल हैं। तीनों को दो-दो लाख रुपये का मुआवजा चार सप्ताह के भीतर देने के निर्देश दिए गए हैं।

सख्त कार्रवाई की चेतावनी

अदालत ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि यदि भविष्य में भी नायलॉन मांजा की बिक्री या उपयोग सामने आता है, तो संबंधित अधिकारियों और संस्थाओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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