Honey Irani Career: ढाई साल में फिल्मों में एंट्री, लड़कों का किरदार निभाकर स्टार बनीं हनी ईरानी

Honey Irani Child Artist: ढाई साल की उम्र में फिल्मों में कदम रखने वाली हनी ईरानी 60 के दशक की लोकप्रिय बाल कलाकार रहीं। लड़कों के किरदार निभाकर पहचान बनाने वाली हनी का मीना कुमारी से खास रिश्ता रहा।
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हनी ईरानी (फोटो-सोशल मीडिया)
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Honey Irani Birthday: हिंदी सिनेमा की दुनिया में हनी ईरानी का नाम आज भले ही फरहान अख्तर और जोया अख्तर की मां या एक सफल पटकथा लेखिका के तौर पर जाना जाता हो, लेकिन उनका सफर इससे कहीं ज्यादा रोचक और प्रेरणादायक रहा है। बहुत कम लोग जानते हैं कि हनी ईरानी ने महज ढाई साल की उम्र में फिल्मों में कदम रख दिया था और 1960 के दशक में वह हिंदी सिनेमा की सबसे लोकप्रिय बाल कलाकारों में शुमार थीं। उस दौर में उनकी मौजूदगी इतनी अहम हो गई थी कि कई फिल्मों की स्क्रिप्ट तक उनके किरदारों को ध्यान में रखकर बदली जाती थी।

17 जनवरी को जन्मीं हनी ईरानी ने बाल कलाकार के रूप में अपनी शुरुआत ऐसे समय में की, जब फिल्मों में बच्चों के लिए सीमित मौके हुआ करते थे। इसके बावजूद उनकी मासूमियत, घुंघराले बाल और आंखों से भाव व्यक्त करने की कला ने दर्शकों का दिल जीत लिया। खास बात यह रही कि फिल्मों में उन्होंने कई बार लड़कों का किरदार निभाया, जिसे दर्शकों ने खूब पसंद किया। उनकी बहन डेजी ईरानी भी उस समय एक जानी-मानी चाइल्ड आर्टिस्ट थीं और दोनों बहनों की जोड़ी पर्दे पर काफी लोकप्रिय रही।

मीना कुमारी के साथ था खास रिश्ता

हनी ईरानी के जीवन का सबसे भावनात्मक पहलू उनका दिग्गज अभिनेत्री मीना कुमारी के साथ रिश्ता रहा। साल 1959 में रिलीज हुई फिल्म ‘चिराग कहां रोशनी कहां’ में हनी ने मीना कुमारी के साथ काम किया था। इस फिल्म के दौरान मीना कुमारी ने हनी और डेजी को मां जैसा स्नेह दिया। हनी खुद कई इंटरव्यू में बता चुकी हैं कि सेट पर मीना कुमारी ने उन्हें कभी मां की कमी महसूस नहीं होने दी। यही वजह थी कि हनी उन्हें अपनी जिंदगी की ‘सनशाइन वुमन’ कहा करती थीं।

मीना कुमारी और हनी ईरानी की जोड़ी

मीना कुमारी और हनी ईरानी की जोड़ी सिर्फ एक फिल्म तक सीमित नहीं रही। बाद में दोनों ‘संतान’, ‘एक ही रास्ता’ और ‘गोमती के किनारे’ जैसी फिल्मों में भी साथ नजर आईं। सेट के बाहर भी मीना कुमारी दोनों बहनों का खास ख्याल रखती थीं और उन्हें अपने बच्चों की तरह मानती थीं। यह रिश्ता हनी के बचपन की सबसे खूबसूरत यादों में से एक बन गया।

हनी ईरानी की फिल्में

बाल कलाकार के रूप में पहचान बनाने के बाद हनी ईरानी ने अभिनय के साथ-साथ लेखन की दुनिया में भी खुद को साबित किया। उन्होंने ‘लम्हें’, ‘डर’, ‘कोई मिल गया’, ‘कहो ना प्यार है’, ‘क्या कहना’ और ‘आइना’ जैसी सुपरहिट फिल्मों की पटकथा लिखी। हनी ईरानी का जीवन इस बात की मिसाल है कि प्रतिभा अगर बचपन में ही पहचान ली जाए और सही मार्गदर्शन मिले, तो वह समय के साथ और भी निखरती जाती है।

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