

Arijit Singh Quits Singing: भारतीय संगीत जगत से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने करोड़ों प्रशंसकों का दिल तोड़ दिया है। अपनी रूहानी आवाज से पिछले एक दशक से बॉलीवुड पर राज करने वाले मशहूर गायक अरिजीत सिंह ने अचानक प्लेबैक सिंगिंग से संन्यास का ऐलान कर दिया है। मंगलवार को सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट साझा करते हुए अरिजीत ने जानकारी दी कि वे अब भविष्य में कोई भी नया फिल्मी गाना (असाइनमेंट) नहीं लेंगे।
अरिजीत ने अपने संदेश में लिखा, "नमस्ते, आप सभी को नववर्ष की शुभकामनाएं। इतने वर्षों तक आपने मुझे जो प्यार दिया, उसके लिए मैं आभारी हूँ। आज मैं यह बताना चाहता हूँ कि एक प्लेबैक सिंगर के रूप में मैं अपनी यात्रा को यहीं विराम दे रहा हूँ।" अरिजीत के इस फैसले ने न केवल उनके फैंस बल्कि पूरी म्यूजिक इंडस्ट्री को स्तब्ध कर दिया है। संगीतकार अमाल मलिक ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अरिजीत के बिना फिल्मी संगीत कभी पहले जैसा नहीं रहेगा।
अरिजीत सिंह अकेले ऐसे कलाकार नहीं हैं जिन्होंने करियर की ऊंचाइयों पर होते हुए अचानक काम से दूरी बनाई है। हाल ही में मशहूर स्टैंडअप कॉमेडियन जाकिर खान ने भी अपनी बिगड़ती सेहत और मानसिक थकान के चलते स्टेज शो से लंबे ब्रेक का ऐलान किया है। जाकिर ने बताया कि लगातार 10 सालों के टूर और अनियमित जीवनशैली ने उन्हें ब्रेक लेने पर मजबूर कर दिया। उनसे पहले अभिनेत्री नरगिस फाखरी ने भी मानसिक तनाव और इंडस्ट्री के दबाव के कारण साल 2016-17 में अभिनय छोड़ दिया था और परिवार के पास न्यूयॉर्क चली गई थीं।
कलाकारों के लिए अपनी सेहत को करियर से ऊपर रखना हमेशा एक चुनौतीपूर्ण फैसला रहा है। साउथ सुपरस्टार सामंथा रुथ प्रभु ने 'मायोसाइटिस' जैसी गंभीर बीमारी से जूझते हुए अपने काम से ब्रेक लिया और इलाज के लिए अमेरिका गईं। वहीं, टीवी अभिनेत्री और बिग बॉस विजेता सना मकबूल ने भी 'ऑटोइम्यून हेपेटाइटिस' और लिवर सिरोसिस जैसी जानलेवा स्थिति के कारण एक्टिंग से दूरी बनाई थी। इन सभी सितारों ने साबित किया कि सफलता से कहीं अधिक महत्वपूर्ण शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य है।
अरिजीत सिंह का जाना बॉलीवुड के लिए एक बड़ा शून्य पैदा करेगा। 'तुम ही हो', 'चन्ना मेरेया' और 'हवाएं' जैसे कालजयी गाने देने वाले इस गायक ने अपने दौर में संगीत की परिभाषा बदल दी थी। हालांकि उन्होंने इस फैसले के पीछे के स्पष्ट कारणों का खुलासा नहीं किया है, लेकिन कयास लगाए जा रहे हैं कि वे भी अपनी निजी जिंदगी और मानसिक शांति को प्राथमिकता देना चाहते हैं। उनके इस फैसले ने एक बार फिर फिल्म इंडस्ट्री के 'बर्नआउट' कल्चर पर बहस छेड़ दी है, जहाँ कलाकार सफलता के चरम पर पहुँचकर खुद को खाली महसूस करने लगते हैं।