मनमाड-इंदौर रेल परियोजना पर किसानों का मुद्दा गरमाया, सांसद शोभा बच्छाव ने दी आंदोलन की चेतावनी

Farmers Land Compensation Demand: मनमाड-इंदौर रेल परियोजना को लेकर जमीन अधिग्रहण में कथित असमानता पर सांसद शोभा बच्छाव ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा वे संसद से लेकर सड़क तक आवाज उठाएंगी।
Shobha Bachhav
सांसद शोभा बच्छाव (सौ. सोशल मीडिया )
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Manmad Indore Rail Project: मनमाड-इंदौर रेल परियोजना को लेकर किसानों के साथ हो रहे अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने का ऐलान सांसद डॉ शोभा बच्छाव ने किया है। उन्होंने कहा कि इस परियोजना के नाम पर किसानों की जमीन कौड़ियों के भाव लेने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

'परियोजना को गति मिले लेकिन न्याय की शर्त पर' यह स्पष्ट करते हुए उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसानों के साथ अन्याय हुआ तो वे संसद में यह मुद्दा जोरदार तरीके से उठाएंगी और जरूरत पड़ने पर सड़क पर भी उतरेंगी।

धुलिया लोकसभा क्षेत्र की सांसद डॉ शोभा बच्छाव ने कहा कि किसानों के अधिकारों की लड़ाई वे संसद में मजबूती से लड़ेंगी। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि इस परियोजना से जुड़े सभी मुद्दों पर स्पष्टता लाई जाए और किसानों के साथ पारदर्शी प्रक्रिया अपनाई जाए।

सांसद ने की जमीन अधिग्रहण में पारदर्शिता की मांग

  • सांसद डॉ शोभा बच्छाव ने कहा कि इस परियोजना के लिए अधिग्रहित की जा रही कृषि और गैर-कृषि जमीनों के मुआवजे में भारी असमानता देखने को मिल रही है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि जमीन के प्रकार के अनुसार मुआवजा देने की तय की गई राशि का एक स्पष्ट, लिखित और व्यवस्थित विवरण जारी किया जाए।
  • इसके साथ ही परियोजना का आधिकारिक नक्शा और अंतिम रूट मैप भी सार्वजनिक किया जाए, ताकि लोगों के बीच मौजूद भ्रम दूर हो सकें। उन्होंने कहा कि परियोजना से संबंधित जानकारी केवल कागजों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए बल्कि सीधे जनता तक पहुंचनी चाहिए।
  • इसके लिए प्रभावित जिलों में जिला स्तर पर जनसुनवाई आयोजित की जाए और स्थानीय जनप्रतिनिधियों व ग्रामीणों को विश्वास में लेकर ही आगे की प्रक्रिया की जाए। डॉ। शोभा बच्छाव ने कहा कि केवल जमीन का मुआवजा देकर किसानों की समस्याएं खत्म नहीं होंगी।
  • परियोजना प्रभावितों के पुनर्वास हेतु एक विशेष सहायता पैकेज लागू किया जाना चाहिए। इस पैकेज में प्रभावित परिवारों के बच्चों को उच्च शिक्षा में विशेष रियायत, सरकारी और निजी नौकरियों में प्राथमिकता, युवाओं को व्यवसाय शुरू करने के लिए आर्थिक सहायता और परिवारों के लिए स्थायी आजीविका की व्यवस्था जैसे प्रावधान शामिल किए जाने चाहिए।
  • सांसद डॉ शोभा बच्छाव ने कहा कि किसान और जमीन मालिक इस रेल परियोजना के विरोध में नहीं है। सभी चाहते हैं कि परियोजना जल्द पूरी हो लेकिन विकास किसानों के नुकसान की कीमत पर नहीं होना चाहिए।

309 किमी लंबी प्रस्तावित रेल लाइन

मनमाड से इंदौर तक प्रस्तावित इस नई रेल लाइन की कुल लंबाई करीब 309 किलोमीटर है। इस परियोजना की अनुमानित लागत लगभग 18,036 करोड़ रुपये बताई जा रही है। यह रेल मार्ग महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश के कुल 6 जिलों से होकर गुजरने वाला है। महाराष्ट्र के नाशिक और धुलिया जिलों के साथ ही मध्य प्रदेश के धार, खरगोन, बड़वानी और इंदौर जिलों को इस रेल लाइन से जोड़ा जाएगा। इस मार्ग पर लगभग 30 नए रेलवे स्टेशन प्रस्तावित है जिनमें मनमाड, मालेगांव, धुलिया, शिंदखेडा, शिरपुर, सैधवा, राजपुर, धरमपुरी, धार और इंदौर जैसे महत्वपूर्ण स्थान शामिल है।

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