

Chhatrapati Sambhajinagar Crime Branch Investigation: छत्रपति संभाजीनगर आईआईटी रुड़की के अभियंता व शासकीय अभियांत्रिकी महाविद्यालय के पूर्व विभाग प्रमुख राजाभाऊ सुभराव लोंढे (60, ज्योति नगर, उस्मानपुरा) की हत्या की गुत्थी सुलझाने में अपराध शाखा सफल हुई है।
5 फरवरी से 14 मार्च के बीच उनके सिर में गोली मारकर मौत के घाट उतारा गया, शहर के कांचनवाड़ी क्षेत्र में घटना को अंजाम पैसों के विवाद में और किसी ने नहीं, बल्कि उनका मित्र विशाल विकास राठौड़ (24), आकाश विनोद पवार (32, दोनों निवासी गेवराई तांडा) व करण विलास आहे (22, गिरनेर तांडा) ने दिया।
न्यायालय में पेश करने पर तीनों आरोपियों को 17 मार्च तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। रविवार, 15 मार्च को तहसीलदार की मौजूदगी में मृतक लोंढे का शव निकाला गया, समझा जाता है कि 'खतरों के खिलाड़ी', 'लव एंड डेयर' नामक रियलिटी शो शुरू करने के लिए मुख्य आरोपी विशाल ने मृतक से 50 लाख उधार लिए गए।
इस मुद्दे पर विवाद होने के बाद लोंढे को फिल्मी अंदाज में मौत के घाट उतारा गया, लोंढे शहर में अकेले जबकि उनकी पत्नी व बच्चे पुणे में रहते हैं।
पुलिस आयुक्त ने कहा कि हत्या करने से पहले आरोपियों ने एक जेसीबी चालक को पकड़कर उसे गुप्तधन का लालच दिया, कहा कि यदि गुप्तधन मिलेगा, तो वह आपस में बांट लेंगे, गेवराई में 200 मीटर दूरी पर साढ़े पांच फीट के 2 गड्ढे खोदे गए, हत्या के बाद अगले दिन सुबह आरोपियों ने मित्र करण आड़े की सहायता से लोडे का गड्ढे में डाला।
हालांकि, मिट्टी अधिक होने से वह ठीक तरीके से भरा नहीं गया। अगले दिन पुनः जेसीबी से वह भरा गया हत्या के बाद आरोपी 8 फरवरी को लॉढे का मोबइल लेकर पुणे के लक्ष्मी रोड पर गए।
मृतक लोंढे के लापता होने के उनके भाई उत्तम सुभराव लोंढे ने उस्मानपुरा पुलिस थाने में गुमशुदगी रिपोर्ट दर्ज कराई थी, एक महीना बीतने के बावजूद कोई सुराग नहीं मिलने से दो दिन पहले उत्तम के पुलिस आयुक्त से मुलाकात करने के बाद जांच में तेजी आई। कही पूछताछ के दौरान आरोपी विशाल राठौड़ ने अपराध स्वीकार कर दिया।