
पीरागढ़ी फ्लाईओवर पर मिली कार, फोटो- सोशल मीडिया
Delhi Flyover Car Death Case: देश की राजधानी दिल्ली के पीरागढ़ी फ्लाईओवर पर रविवार दोपहर एक खौफनाक मंजर देखने को मिला, जहां एक ही कार के अंदर दो पुरुषों और एक महिला के शव बरामद हुए। हालांकि दिल्ली पुलिस ने इसे प्राथमिक तौर पर आत्महत्या का मामला बताया है, लेकिन मृतकों के परिवारों ने इस थ्योरी को सिरे से खारिज करते हुए किसी करीबी या बाहरी दुश्मन की साजिश की ओर इशारा किया है।
रविवार दोपहर तकरीबन 3:50 बजे दिल्ली पुलिस को एक पीसीआर कॉल मिली, जिसमें बताया गया कि पीरागढ़ी फ्लाईओवर की सर्विस लेन के पास खड़ी एक कार में तीन लोग बेहोश पड़े हैं। जब पुलिस मौके पर पहुंची, तो गाड़ी के अंदर रंधीर, शिवनरेश और लक्ष्मी के शव मिले। बाहरी जिले के पुलिस उपायुक्त (DCP) सचिन शर्मा के अनुसार, मृतकों के शरीर पर चोट के कोई स्पष्ट निशान नहीं थे और न ही मौके पर किसी तरह की जोर-जबरदस्ती के संकेत मिले हैं, जिसके आधार पर पुलिस इसे ‘खुदकुशी’ का मामला मानकर चल रही है।
पुलिस की सुसाइड थ्योरी पर मृतकों के परिजनों ने कड़ा एतराज जताया है। मृतक रंधीर के परिवार के सदस्य सरवर ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि रंधीर ऐसा व्यक्ति नहीं था जो आत्महत्या कर ले। उनके अनुसार, अगर उसकी कोई दुश्मनी होती या कोई उसकी राह में रोड़ा अटका रहा होता, तो उन्हें इसकी जानकारी जरूर होती। परिवार का कहना है कि जब वे लोग घर से निकले थे, तो बिल्कुल खुश और सामान्य थे। उनके व्यवहार में किसी भी प्रकार का तनाव या परेशानी नहीं दिख रही थी, जिससे आत्महत्या की बात गले नहीं उतर रही है।
इस पूरी घटना में सबसे बड़ा रहस्य उन लोगों की पहचान को लेकर है, जो रंधीर के साथ कार में मौजूद थे। परिवार के सदस्य हरीश ने बताया कि उन्हें इस बात की कोई खबर नहीं थी कि रंधीर किन लोगों के साथ गया था। रंधीर अक्सर काम के सिलसिले में घर से निकलता था और हमेशा फोन पर उपलब्ध रहता था। लेकिन उस दिन उसके साथ जो दो अन्य लोग (शिवनरेश और लक्ष्मी) मिले, उनके बारे में परिवार पूरी तरह अनजान है। क्या रंधीर को किसी ने धोखे से बुलाया था? क्या यह किसी पेशेवर का काम है जिसने चुपचाप इस वारदात को अंजाम दिया? ये सवाल अब पुलिस की जांच के घेरे में हैं।
यह भी पढ़ें: रायबरेली में मंदिर के भंडारे से लौट रही 7 लड़कियों को कार ने कुचला, 4 की दर्दनाक मौत, 3 गंभीर
मृतक के परिवार की एक अन्य सदस्या सविता का कहना है कि घर के भीतर सब कुछ ठीक था और “जो भी हुआ, वह बाहर ही हुआ है।” परिवार का मानना है कि रंधीर और उसके साथियों के साथ फ्लाईओवर पर कुछ ऐसा हुआ जिसकी भनक किसी को नहीं लगी। दिल्ली पुलिस अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि मौत का असली कारण जहर है या कुछ और।






