छत्रपति संभाजीनगर में फर्जी आधार से जमीन सौदा, 70 लाख की ठगी का भंडाफोड़

Sambhajinagar Land Scam: तिरुपति की एमएससी महिला से फर्जी आधार बनवाकर जालना रोड की जमीन बेचने के मामले में 70 लाख की ठगी का खुलासा हुआ। ग्रामीण ईओडब्ल्यू ने आरोपी को पकड़ा।
Land deal involving fake Aadhaar cards exposed in Chhatrapati Sambhajinagar; fraud worth Rs. 70 lakh unearthed
प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया )
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Sambhajinagar Fake Aadhaar Land Scam: छत्रपति संभाजीनगर उच्च शिक्षा प्राप्त कर उज्ज्वल भविष्य बनाने के बजाए अपराध का रास्ता अपनाने का मामला सामने आया है। तिरुपति की एमएससी शिक्षित महिला का उपयोग कर फर्जी आधार कार्ड बनाकर जालना रोड कीमती जमीन का - अवैध सौदा कर 70 लाख रुपए की ठगी की गई।

ग्रामीण आर्थिक अपराध शाखा ने अंतरराज्यीय धोखाधड़ी का भंडाफोड़ कर वी। लता सुरेश को दबोच लिया। प्रकरण में 2 अन्य आरोपी पहले ही बंदी हैं। स्थित 13 एकड़ जांच में पता चला कि हैदराबाद के सरकारी ठेकेदार सायन्ना रायचुरी की जालना रोड के पास स्थित 13 एकड़ जमीन पर कब्जा करने के लिए मुख्य आरोपी राजू उर्फ कचरू जाधव ने साजिश रची।

जमीन मालिक की बेटी के छत्रपति संभाजीनगर में रहने की जानकारी मिलने के बाद उसने फर्जी पहचान बनाकर जमीन बेचने की योजना बनाई। राजू जाधव व उसकी पत्नी वैशाली की पहचान तिरुपति में रहने वाली एमएससी शिक्षित वी। लता से हुई, पैसों का लालच देकर उसे छत्रपति संभाजीनगर बुलाने के बाद 13 लाख रुपए के बदले उसे खुद को जमीन मालिक सायन्ना रायचुरी बताने के लिए तैयार किया।

तदुपरांत धोखाधड़ी की पूरी योजना को अंजाम दिया गया। मूल जमीन मालिक पुरुष होने के बावजूद आरोपियों ने वी। लता के नाम पर सावन्ना रायचुरी का फर्जी आधार कार्ड तैयार कराने के बाद आधार पर जमीन के सौदे किए गए। संतोष वैद्य व मनोज गटकाल के साथ तीन अलग-अलग समझौते किए गए। संतोष वैद्य से 50 लाख रुपए व मनोज गटकाल से 20 लाख रुपए लेकर कुल 70 लाख रुपए की ठगी की गई।

पुलिस कर रही है फरार पति की खोजबीन

विश्वास कायम रखने लता को आरोपी के घर आयोजित सामाजिक कार्यक्रम में भी शामिल कराया गया था। धोखाधड़ी की शिकायत सामने आने के बाद आर्थिक अपराध शाखा ने दस्तावेजों की जांच, लेनदेन की श्रृंखला व आरोपियों की गतिविधियों की गहन पड़ताल करने के बाद मुख्य आरोपी राजू उर्फ कचरू जाधव, उसकी पत्नी वैशाली जाधव व फर्जी पहचान अपनाने वाली वी. लता उर्फ ई. लता सुरेश को दबोचा गया।

जांच में यह भी पता चला कि वी. लता के पति सुरेश ने बेटी को बीमारी का हवाला देकर बड़ी राशि ली थी, जो फरार है। फर्जी नाम से जारी चेक भुनाने में सहयोग करने के आरोप में बेंगलुरु स्थित गजलक्ष्मी क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटी के संचालक के खिलाफ भी केस दर्ज किया गया है।

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