

Naxalites Surrender: छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता मिली है। नक्सलवाद का रास्ता छोड़कर 52 नक्सलियों ने गुरुवार को सरेंडर कर दिया। सरेंडर करने वाले नक्सलियों के सिर पर 1 करोड़ 41 लाख रुपये का इनाम था। इनमें 21 महिला और 31 पुरुष नक्सली शामिल हैं।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि छत्तीसगढ़ शासन की पुनर्वास एवं आत्मसमर्पण नीति अंतर्गत गुरुवार को अहम उपलब्धि मिली है। साउथ सब जोनल ब्यूरो से जुड़े 52 नक्सली कैडरों ने हिंसा और जन विरोधी विचारधारा को छोड़ समाज की मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया। सरेंडर करने वाले नक्सलियों में डीकेएसजेडसी के अलावा एओबी डिवीजन एवं भामरागढ़ एरिया कमेटी के नक्सली भी है शामिल हैं।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि बीजापुर जिले में 1 जनवरी 2024 से अब तक 824 नक्सली मुख्यधारा में लौट चुके हैं। 1126 नक्सली गिरफ्तार किए गए हैं। 223 नक्सली विभिन्न मुठभेड़ों में मारे गए हैं। बुधवार को जवानों ने बीजापुर जिले में नक्सलियों के खिलाफ दो बड़े ऑपरेशन किए थे। जिसमें सुरक्षा बलों ने भोपालपटनम और एडेड पुलिस स्टेशन के इलाकों में अलग-अलग कार्रवाई करके कई इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) और नक्सलियों का एक ठिकाना सफलतापूर्वक बरामद किया।
पहले अभियान में, माड़ेद थाना पुलिस और बम निरोधक दस्ते (बीडीएस) ने 10-10 किलो वजनी दो कमांड आईईडी बरामद हुए। ये आईईडी नक्सलियों ने सोमनपल्ली–बांदेपारा कच्ची सड़क पर एक के बाद एक लगाई थीं, ताकि सुरक्षा बलों के काफिले को निशाना बनाया जा सके और आवाजाही में बाधा डाली जा सके। दूसरे अभियान में भोपलपटनम थाना क्षेत्र के तहत कैंप कांडलापार्टी-2 से केरिपु 214 बटालियन और जिला बल की संयुक्त टीम ने कोंडापडगु जंगल में सर्च और डी-माइनिंग अभियान चलाया। इस दौरान टीम को 2-2 किलो वजनी दो प्रेशर आईईडी मिले। केरिपु 214 बीडीडी टीम ने इन्हें तुरंत मौके पर नष्ट किया, ताकि बड़ी घटना को टाल दिया गया।
कोंडापडगु इलाके में तलाशी के दौरान सुरक्षा बलों को जमीन के नीचे दबे दो सफेद ड्रम भी मिले। इन ड्रमों में नक्सलियों द्वारा जमा किया गया राशन था। उसे जंगल में मौजूद उनके कैडरों के लिए रखा गया था। इस राशन की बरामदगी से इलाके में नक्सलियों की सप्लाई व्यवस्था को बड़ा झटका लगा है।