लोगों ने बदला लोन लेना का तरीका, FD और सोने पर कर्ज लेने वालों की संख्या बढ़ी; RBI ने दिए आंकड़े

FD And Gold Loan: भारतीय रिजर्व बैंक के डेटा के अनुसार, सालाना आधार पर पर्सनल लोन कैटेगरी की दर वृद्धि में गिरावट आई है। जुलाई 2024 में यह दर 14 फीसदी पर आ गई है।
Loan On Gold And FD
(प्रतीकात्मक तस्वीर)
Published on
Updated on

FD and Gold Loan: भारत के लोगों में कर्ज लेने के तरीकों में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। एफडी और गोल्ड पर लोन वाले लोगों की संख्या में भारी बढ़ोतरी हुई है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के लेटेस्ट डेटा के मुताबिक, सालाना आधार पर फिक्स डिपॉजिट पर लोन लेने वालों की संख्या दोगुना और सोने पर कर्ज लेने वाले तीन गुना तक बढ़े हैं। यह आंकड़ा जुलाई महीने का है।

आंकड़ों के मुताबिक, जुलाई 2024 में सोने के गहने गिरवी रख लिए गए लोन की वृद्धि दर 39 प्रतिशत थी, जो जुलाई 2025 में बढ़कर 122 फीसदी तक पहुंच गई। इस दौरान बैंकों द्वारा बांटे गए गोल्ड लोन का आंकड़ा 2.94 लाख करोड़ से अधिक हो गया है। जबकि पिछले साल यह रकम 1.32 लाख करोड़ रुपये थी।

FD के बदले लोन में इजाफा

इसी तरह एफडी के बदले लिए जाने वाले लोन की ग्रोथ रेट में तेजी दर्ज की गई है। जुलाई 2024 में यह दर 8.9 प्रतिशत थी, जो इस साल बढ़कर 16.7 फीसदी हो गई है। इस दौरान बैंकों द्वारा करीब 1.40 लाख करोड़ रुपये से अधिक के लोन जारी किए गए। बैंकों ने आकर्षक ब्याद दरें देना शुरू कर दिए हैं, जिससे लोग इन्हें तोड़ने के बजाय एफडी को गिरवी रखकर कर्ज लेना ज्यादा का सौंदा समझ रहे हैं। यह ऑप्शन खासकर उनलोगों में काफी चर्चित हुआ है, जो अपने सेविंग फंड को तोड़े बिा खर्च पूरे करन चाहते हैं।

किस तरह के लोन में कितना उतार-चढ़ाव?

लोन जुलाई 2024 जुलाई 2025
39.0 122.0
एफडी 8.9 16.7
पर्सनल 14.0 11.9
एजुकेशन 19.0 15.0
होम 12.8 9.6
व्हीकल 4.6 8.9

(आंकड़े प्रतिशत में)

पर्सनल लोन की ग्रोथ रेट में गिरावट

भारतीय रिजर्व बैंक के डेटा के अनुसार, सालाना आधार पर पर्सनल लोन कैटेगरी की दर वृद्धि में गिरावट आई है। जुलाई 2024 में यह दर 14 फीसदी पर आ गई है। इस अवधी में अन्य पर्सनल लोन, व्हीकल लोन, कंज्यूमर डूरेबल्स गुड्स पर लोन और अन्य पर्सनल लोन की ग्रोथ रेट कम हुई है।

क्या कहते हैं एक्सपर्ट?

विशेषज्ञों का कहना है कि मौजूदा समय में पर्सनल लोन समेत अन्य लोन की दरें अधिक हैं। महंगे कर्ज से बचने के लिए लोग बड़े खर्च टाल रहे हैं और वैकल्पिक रास्ते तलाश रहे हैं। भारती उपभोक्ता अब अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए सोना और एफडी को गारंटी बनाकर कर्ज लेना पंसद कर रहे हैं। इससे उन पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव नहीं रहता। दूसरा उन्हें तुरंत कैश मिल जाता है।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com