माइक्रोसॉफ्ट सीईओ ने बंद की ट्रंप की बोलती, पक्षपात के आरोपों का किया खंडन

कल एआई समिट के कार्यक्रम के दौरान अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने टेक कंपनियों पर अमेरिकियों के साथ पक्षपात करने का आरोप लगाया था। अब माइक्रोसॉफ्ट सीईओ ने इसको लेकर प्रतिक्रिया व्यक्त की है।
कल एआई समिट के कार्यक्रम के दौरान अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने टेक कंपनियों पर अमेरिकियों के साथ पक्षपात करने का आरोप लगाया था। जिसके बाद अब माइक्रोसॉफ्ट सीईओ ने इसको लेकर प्रतिक्रिया व्यक्त की है।
सत्य नडेला Vs डोनाल्ड ट्रंप (सौ. Design Photo)
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Microsofts Statement On Trumps Allegation: कल वॉशिंगटन में एआई समिट का आयोजन किया गया था। जिसमें अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने विश्व की दिग्गज टेक कंपनियों को धमकाया था। साथ ही उन्होंने माइक्रोसॉफ्ट कंपनी पर 9000 अमेरिकी कर्मचारियों की छंटनी का भी आरोप लगाया था। साथ ही ट्रंप ने कंपनी पर एच-1बी वीजा से जुड़ा आरोप भी लगाया है।

ट्रंप के इन आरोपों का टेक कंपनी माइक्रोसॉफ्ट ने पूरी तरह से खंडन किया है और इसको लेकर सफाई दी है। माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ सत्या नडेला ने बयान दिया है कि कंपनी के ओवरऑल हेडकाउंट में किसी भी प्रकार का कोई बदलाव नहीं हुआ है, कर्मचारियों को नौकरी से निकालने का दावा पूरी तरह से गलत हैं।

आपको बता दें कि नडेला का ये बयान डोनाल्ड ट्रंप की गूगल, माइक्रोसॉफ्ट और मेटा जैसी कंपनियों को भारत में हायरिंग रोकने की सलाह के बाद सामने आया है। ट्रंप ने कंपनी पर आरोप लगाया है कि वे अमेरिकी कर्मचारियों को नौकरी से निकालकर भारत और बाकी देशों के कर्मचारियों को एच-1बी वीजा पर हायर कर रही है।

9,000 कर्मचारियों को निकालने की योजना पर बढ़ा विवाद

यूएस की मीडिया रिपोर्ट्स में ये बात सामने आयी थी कि माइक्रोसॉफ्ट कंपनी लगभग 9,000 कर्मचारियों की छंटनी करने की तैयारी में है। साथ ही कंपनी ने करीब 14,000 एच-1बी वीजा के लिए अप्लाई किया है। ट्रंप ने आरोप लगाया है कि इन छंटनियों के बाद कंपनी सस्ते विदेशी वर्कफोर्स को लाकर कॉस्ट कटिंग करना चाहती है।

नडेला के अनुसार, एआई और क्लाउड के सेक्टर में बढ़ता प्रेशर और नए बिजनेस मॉडल के कारण कंपनी को लगातार स्ट्रेटेजी में बदलाव करना पड़ रहा हैं। कंपनी ने हायरिंग मॉडल में ज्यादा कोई बदलाव नहीं किए हैं। साथ ही एच-1बी वीजा एप्लीकेशन के ज्यादातर रिन्यूअल्स यानी मौजूदा कर्मटारियों के वीजा विस्तार से जुड़े हैं।

ट्रंप ने टेक कंपनियों के ग्लोबलिस्ट माइंडसेट की आलोचना करते हुए कहा कि अमेरिकियों को सबसे पहले नौकरी मिलने की बात की है। ट्रंप के अनुसार विदेशों में फैक्ट्री और कर्मचारियों पर पैसा लगाकर कंपनियां अमेरिकी टैलेंट के हक को मार रही हैं।

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