
मल्लिकार्जुन खरगे (फोटो-सोशल मीडिया)
Mallikarjun Kharge on Budget 2026: केंद्रीय बजट 2026 के पेश होने के बाद विपक्षी दलों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने रविवार को केंद्र सरकार पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि इस बजट में देश की गंभीर आर्थिक और सामाजिक चुनौतियों का कोई समाधान नहीं दिया गया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ के जरिए सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल उठाए।
मल्लिकार्जुन खरगे ने तंज कसते हुए कहा कि मोदी सरकार के पास अब नए विचारों की भारी कमी है। उन्होंने बजट को विजन से दूर बताते हुए कहा कि सरकार का तथाकथित “मिशन मोड” अब “चैलेंज रूट” में तब्दील हो चुका है। खरगे के अनुसार, सरकार की “सुधार एक्सप्रेस” किसी भी ऐसे जंक्शन पर नहीं रुक रही जहाँ जनता को वास्तव में सुधार का लाभ मिल सके। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के पास न तो स्पष्ट नीति है और न ही जनता की भलाई के लिए राजनीतिक इच्छाशक्ति।
कांग्रेस अध्यक्ष ने विशेष रूप से किसानों और पिछड़े वर्गों का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि देश के ‘अन्नदाता’ आज भी आय सुरक्षा और कल्याणकारी योजनाओं का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन बजट ने उन्हें फिर से निराश किया है। खरगे ने दावा किया कि देश में आर्थिक असमानता अब ब्रिटिश शासन के दौर को भी पार कर गई है, फिर भी बजट में एससी (SC), एसटी (ST), ओबीसी (OBC) और अल्पसंख्यक समुदायों के लिए किसी राहत का जिक्र तक नहीं है।
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खरगे ने राज्यों की वित्तीय स्थिति पर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि वित्त आयोग की सिफारिशें वित्तीय दबाव झेल रही राज्य सरकारों को कोई बड़ी राहत देती नहीं दिख रही हैं। उनके अनुसार, केंद्र की नीतियों के कारण भारतीय संघवाद खतरे में है। खरगे ने निष्कर्ष निकालते हुए कहा कि यह बजट केवल एक दस्तावेज है जो सरकार की नीतिगत शून्यता को छिपाने की कोशिश कर रहा है, और इसमें जनता के लिए कोई वास्तविक राहत नहीं है।






