कम सैलरी वालों की हुई बल्ले-बल्ले, EPFO के नियमों में हुआ बड़ा बदलाव

EPFO Rule: शुक्रवार को श्रम और रोजगार मंत्रालय ने ईपीएफओ से जुड़े कुछ नियमों में बदलाव किया है। इन बदलाव का सीधा फायदा कम सैलरी वाले कर्मचारियों को होने वाला है।
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन यानी ईपीएफओ
ईपीएफओ (डिजाइन फोटो )
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EPFO Rule Change: श्रम और रोजगार मंत्रालय ने कर्मचारी भविष्य निधि संगठन यानी ईपीएफओ के अंतर्गत शामिल कम सैलरी वाले कर्मचारियों को एक बहुत बड़ी राहत की सांस दी है। अब इस योजना का लाभ उठाने के लिए आपको मुश्किल नियमों और शर्तों का सामना नहीं करना होगा।

ईपीएफओ ने ईडीएलआई यानी कर्मचारी जमा लिंक्ड बीमा योजना के नियमों में कुछ अहम बदलाव किए हैं। अब इस योजना का लाभ लेने के लिए कर्मचारियों को मुश्किल नियमों और शर्तों का सामना नहीं करना होगा। जिसका सीधा फायदा इन कर्मचारियों और उनके परिवारों को होगा, खास तौर पर उन परिवारों को जिनके मेंबर की जॉब के दौरान ही किसी कारणवश मौत हो गई है।

हाल ही में ईपीएफओ से संबंधित फैसले उन लोगों के लिए किए गए है जो अनऑर्गेनाइज्ड या कम सैलरी वाले सेक्टर में काम कर रहे हैं। साथ ही ये बदलाव उन लोगों के लिए भी किया गया हैं, जिनके पास कोई इंश्योरेंस सिक्योरिटी नहीं होती है। ऐसे में सरकार की कोशिश है कि कर्मचारियों को न सिर्फ सेविंग का अवसर प्राप्त हो, बल्कि उनकी फैमिली को भी मुश्किल समय में फाइनेंशियल हेल्प मिल सके।

एम्पॉलयी के परिवार को मिलेगा 50,000 रुपये का इंश्योरेंस कवर

कल जारी किए गए नोटिफिकेशन के अनुसार, अगर किसी एम्पॉलयी का पीएफ बैलेंस 50,000 रुपये से भी कम है, तब भी उसकी मौत होने पर एम्पॉलयी के परिवार को कम से कम 50,000 का इंश्योरेंस कवर मिल सकता है। कुछ मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, पहले इसका फायदा लेने के लिए एम्पॉलयी के अकाउंट में तय सीमा तक बैलेंस होना आवश्यक होता था, लेकिन अब इस नियम को पूरी तरीके से हटा दिया गया है।

अगर 60 दिनों का गैप हुआ तो क्या होगा?

इतना ही नहीं, इस योजना में एक और बड़ा बदलाव किया गया है। जिसके अनुसार, अब लगातार 12 महीने की सर्विस की कैलकुलेशन करते समय यदि किसी एम्पॉलयी की 2 नौकरियों के बीच में 60 दिनों यानी 2 महीने तक का भी गैप रहा हो, तो उसे अब ब्रेक नहीं माना जाएगा। जिसका मतलब है कि अगर आपने 2 से 3 नौकरियां की हैं और उनके नौकरियों के बीच में कम से कम 2 महीने का ब्रेक है, तो सभी नौकरियों को जोड़कर एक जैसी कंटिन्युअस सर्विस मानी जाएगी और आपको इंश्योरेंस का भी पूरा फायदा मिलेगा।

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