
पैन कार्ड के नियमों में बड़ा बदलाव (सोर्स-सोशल मीडिया)
New Income Tax Draft Rules 2026: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा बजट 2026 पेश करने के बाद CBDT ने नए आयकर नियमों का मसौदा जारी किया है। इन नियमों के तहत नकद लेनदेन, अचल संपत्ति और वाहनों की खरीद से जुड़े प्रावधानों में महत्वपूर्ण बदलाव प्रस्तावित किए गए हैं। आयकर नियमों के मसौदे में पैन कार्ड के महत्व के माध्यम से सरकार का लक्ष्य कर प्रणाली को और अधिक पारदर्शी और आधुनिक बनाना है।
प्रस्तावित आयकर नियम 2026 के अनुसार अब एक वित्तीय वर्ष में 10 लाख रुपये या उससे अधिक के कैश डिपॉजिट या विड्रॉल पर पैन देना होगा। वर्तमान में एक दिन में 50,000 रुपये से ज्यादा कैश जमा करने पर पैन बताना अनिवार्य होता है लेकिन नए नियम कुल वार्षिक सीमा पर आधारित होंगे। यह नियम एक या एक से अधिक बैंक खातों में किए गए कुल लेनदेन पर लागू होगा जिससे बड़े नकद प्रवाह की डिजिटल निगरानी आसान हो जाएगी।
अब 5 लाख रुपये से अधिक की कार या बाइक खरीदने पर खरीदार को अपना पैन नंबर अनिवार्य रूप से शोरूम में जमा करना होगा। वर्तमान नियमों में बाइक के लिए पैन की आवश्यकता नहीं होती थी लेकिन नई कार खरीदने पर चाहे उसकी कीमत 4 लाख ही क्यों न हो पैन देना पड़ता था। सरकार ने अब कार और बाइक दोनों के लिए एक समान 5 लाख रुपये की सीमा तय करने का प्रस्ताव इस नए मसौदे में रखा है।
अचल संपत्ति की खरीद, बिक्री, गिफ्ट या जॉइंट डेवलपमेंट एग्रीमेंट के मामले में पैन देने की सीमा को 10 लाख से बढ़ाकर अब 20 लाख रुपये किया जा रहा है। इस बदलाव से छोटे प्रॉपर्टी लेनदेन करने वाले लोगों को कागजी कार्रवाई में कुछ राहत मिलने की उम्मीद है क्योंकि 20 लाख से कम की डील पर पैन नहीं लगेगा। सरकार बड़े रियल एस्टेट लेनदेन में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए उच्च मूल्य वाली संपत्तियों पर अपनी नजर पहले से अधिक कड़ी कर रही है।
होटल और रेस्टोरेंट के बिलों के अलावा कन्वेंशन सेंटर, बैंक्वेट हॉल या इवेंट मैनेजमेंट सेवाओं के लिए किए जाने वाले भुगतान पर भी कड़ी नजर रखी जाएगी। अभी इन सेवाओं के लिए 50,000 रुपये से अधिक के भुगतान पर पैन जरूरी था जिसे अब बढ़ाकर 1 लाख रुपये करने का सुझाव मसौदे में दिया गया है। यह बदलाव उन लोगों के लिए महत्वपूर्ण है जो पारिवारिक समारोहों या बड़े कार्यक्रमों के लिए नकद या अन्य माध्यमों से बड़ी राशि खर्च करते हैं।
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नए मसौदा नियमों में क्रिप्टो एक्सचेंजों के लिए आयकर विभाग के साथ ग्राहकों की पूरी जानकारी साझा करना अब आधिकारिक रूप से अनिवार्य कर दिया गया है। इसके साथ ही सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी यानी सीबीडीसी को भी अब इलेक्ट्रॉनिक पेमेंट के रूप में आधिकारिक तौर पर मान्यता देने का नया प्रावधान प्रस्तावित है। कंपनी द्वारा कर्मचारियों को दी जाने वाली विभिन्न सुविधाओं की वैल्यू बढ़ाने के सुझाव भी इस नए आयकर एक्ट 2025 के मसौदे का हिस्सा हैं।
Ans: नए मसौदा नियमों के अनुसार एक वित्त वर्ष में 10 लाख रुपये या उससे अधिक के नकद जमा या निकासी पर पैन अनिवार्य होगा।
Ans: नहीं, नए नियमों के तहत केवल 5 लाख रुपये से अधिक की कार या बाइक खरीदने पर ही पैन नंबर देना आवश्यक होगा।
Ans: अचल संपत्ति के मामले में पैन कार्ड देने की सीमा को 10 लाख रुपये से बढ़ाकर अब 20 लाख रुपये प्रस्तावित किया गया है।
Ans: अगर आप होटल, रेस्टोरेंट या इवेंट मैनेजमेंट के लिए 1 लाख रुपये से अधिक का भुगतान करते हैं तो पैन कार्ड जरूरी होगा।
Ans: हां, नए मसौदा नियमों के तहत क्रिप्टो एक्सचेंजों को अब आयकर विभाग के साथ अपनी जानकारी साझा करना अनिवार्य होगा।






