
हेल्थ बजट (फोटो-सोशल मीडिया)
Budget 2026 Health: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को लोकसभा में बजट 2026 पेश करते हुए स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण विजन साझा किया। सरकार ने अगले पांच वर्षों के भीतर देश में एक लाख सहायक स्वास्थ्य पेशेवरों (Allied Health Professionals – AHP) को तैयार करने और उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने का लक्ष्य रखा है। इस कदम से न केवल चिकित्सा सेवाओं में सुधार होगा, बल्कि युवाओं के लिए विशेषज्ञ रोजगार के बड़े अवसर पैदा होंगे।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने स्पष्ट किया कि यह भर्ती और प्रशिक्षण कार्यक्रम मुख्य रूप से 10 चुनिंदा क्षेत्रों पर केंद्रित होगा। इसमें ऑप्टोमेट्री, रेडियोलॉजी, एनेस्थीसिया, ओटी (ऑपरेशन थिएटर) टेक्नोलॉजी, एप्लाइड साइकोलॉजी और व्यवहार संबंधी स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण विभाग शामिल हैं। इन क्षेत्रों में विशेषज्ञों की कमी को पूरा करने के लिए सरकार मौजूदा संस्थानों को अत्याधुनिक बनाएगी।
रोजगार के इन लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए बुनियादी ढांचे में भी विस्तार किया जाएगा। सीतारमण ने घोषणा की कि सरकारी और निजी क्षेत्र के सहयोग से नए एएचपी संस्थान स्थापित किए जाएंगे। इसके अलावा, जो संस्थान अभी कार्यरत हैं, उन्हें उन्नत (Upgrade) किया जाएगा ताकि वहां विश्व स्तरीय प्रशिक्षण दिया जा सके। इससे भारत के युवाओं को न केवल देश में बल्कि विदेशों में भी रोजगार पाने के काबिल बनाया जाएगा।
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बजट भाषण के दौरान वित्त मंत्री ने समाज के बुजुर्ग वर्ग का भी विशेष ध्यान रखा। उन्होंने कहा कि सरकार बुजुर्गों की देखभाल और सहायक सेवाओं के लिए एक मजबूत ‘केयर सिस्टम’ विकसित करेगी। इस प्रणाली के तहत ट्रेंड प्रोफेशनल्स की तैनाती की जाएगी, जिससे वृद्धजनों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं घर के पास ही मिल सकेंगी। यह पहल भारत की स्वास्थ्य प्रणाली को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।






